रिपोर्ट- प्रमोद श्रीवास्तव
MP MSME : मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने के लिए सरकार का फोकस छोटे उद्योगों से लेकर स्टार्टअप तक पर है। प्रदेश में MSME इकाइयों को आर्थिक सहायता देकर उद्योगों के विस्तार को प्रोत्साहित किया जा रहा है, तो वहीं युवाओं के स्टार्टअप को भी आर्थिक संबल दिया जा रहा है। उद्यम सम्मेलन में 900 से ज्यादा MSME इकाइयों को 490 करोड़ रुपये और 100 से अधिक स्टार्टअप को सहायता राशि वितरित की गई। साथ ही भूमि आवंटन आशय पत्रों और उद्यम क्रांति योजना के हितग्राहियों को ऋण वितरण किया गया।लक्ष्य है छोटे उद्योगों को आर्थिक संबल, उद्यमिता को प्रोत्साहन और नवाचार को बढ़ावा देने के साथ ही रोजगार के नए अवसर तैयार करना।जिससे मध्यप्रदेश को औद्योगिक विकास के नए पथ पर आगे बढ़ाया जा सके।
MP MSME : MSME, स्टार्टअप को प्रोत्साहन, उद्यम क्रांति की ओर बढ़ते कदम
मध्यप्रदेश को उद्योग और रोजगार के नए केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए मोहन सरकार लगातार प्रयास कर रही है।प्रदेश में छोटे उद्योगों को आर्थिक मजबूती देने से लेकर युवाओं के स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने तक सरकार का फोकस है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘मध्यप्रदेश स्थापना दिवस’ पर भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास में आयोजित कार्यक्रम में सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रदेश की 900 से अधिक MSME इकाइयों को 450 करोड़ रूपये से ज्यादा और 120 से अधिक स्टार्टअप्स को 47.80 लाख की प्रोत्साहन राशि अंतरित की।वहीं 100 से अधिक स्टार्टअप को भी आर्थिक मदद दी गई।
MP MSME : उद्यम क्रांति योजना से स्वरोजगार को बढ़ावा, औद्योगिक प्रगति के पथ पर अग्रसर मध्यप्रदेश
इस मौके पर ‘मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना’ के पात्र हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किए साथ ही औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए उद्यमियों को भूमि आवंटन के आशय पत्र प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने युवा उद्यमियों से संवाद कर उनके निवेश प्रस्तावों, भावी योजनाओं और प्रदेश में औद्योगिक विकास की संभावनाओं पर चर्चा भी की।
MP MSME : छोटे उद्योगों को आर्थिक संबल, स्टार्टअप को उड़ान
उद्यम सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में व्यापारिक एवं औद्योगिक गतिविधियों को नई गति देने के लिए MSME औद्योगिक विकास कंपनी का गठन किया जाएगा। यह कंपनी प्रदेश के सभी क्षेत्रों में संतुलित औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के साथ उद्योगों की स्थापना के लिए आवश्यक भूमि, अधोसंरचना एवं अन्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे कोई छोटा बड़ा नहीं है। हम सभी को समान अवसर दे रहे हैं, समान नीतियों पर आगे बढ़ रहे हैं।
MP MSME : मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि देश में MSME का जो योगदान है वो विनिर्माण में 35 परसेंट का, निर्यात में 49 परसेंट का है, देश में 9 करोड़ 78 लाख से अधिक पंजीकृत MSME ईकाईयां हैं। जिनमें 43 करोड़ लोगों को रोजगार मिल रहा है। तो वहीं मध्यप्रदेश में 25 लाख से ज्यादा MSME ईकाईयां हैं।जिनमें नारी सशक्तिकरण का भी बड़ा रोल है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2026-27 में 3.44 लाख से अधिक नई MSME इकाइयां पंजीकृत हुई हैं, जिनके माध्यम से लगभग 45 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
सरकार का उद्देश्य सिर्फ आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि प्रदेश में उद्यमिता का मजबूत इकोसिस्टम तैयार करना भी है। इसी कड़ी में उद्यमियों को भूमि आवंटन के आशय पत्र सौंपे गए।वहीं मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के हितग्राहियों को ऋण वितरण के जरिए स्वरोजगार को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया। दरअसल छोटे उद्योग किसी भी देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ होते हैं, वहीं स्टार्टअप युवाओं के नए विचारों को रोजगार और कारोबार में बदलने का माध्यम बनते हैं। ऐसे में सरकार की ये पहल निवेश, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में कितनी कारगर साबित होगी।
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