Hisar Roadways Strike : हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल दूसरे दिन भी जारी, सुबह 4 बजे से बंद हुआ बसों का संचालन; यात्रियों को उठानी पड़ी परेशानी
रिपोर्ट- चिराग सैनी
Hisar Roadways Strike : हिसार, हरियाणा में रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शनिवार को हिसार डिपो में बसों का संचालन पूरी तरह ठप रहा। कर्मचारियों ने सुबह 4 बजे से चक्का जाम कर दिया, जिसके कारण डिपो से संचालित होने वाली करीब 270 बसों के पहिए थम गए। रोडवेज बसें नहीं चलने से दिल्ली, चंडीगढ़, राजस्थान, बीकानेर और आगरा सहित कई प्रमुख रूट प्रभावित हुए। अचानक बस सेवाएं बंद होने से यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। सुबह से ही बड़ी संख्या में कर्मचारी हिसार रोडवेज डिपो परिसर में एकत्रित होने लगे थे। कर्मचारियों ने बसों को डिपो से बाहर निकलने से रोक दिया। लंबी दूरी की बसों के साथ-साथ लोकल रूटों पर चलने वाली बसों का संचालन भी प्रभावित रहा।

Hisar Roadways Strike : 270 बसों का संचालन बंद, यात्रियों की बढ़ी परेशानी
हिसार डिपो में चक्का जाम के कारण करीब 270 बसें सड़कों पर नहीं उतर सकीं। इसका असर दैनिक यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और दूसरे शहरों में जाने वाले यात्रियों पर पड़ा।
दिल्ली, चंडीगढ़, बीकानेर, आगरा, आदमपुर, उकलाना, बधावड़ और चौधरीवास सहित कई रूटों पर बस सेवाएं बाधित रहीं। राजस्थान की ओर जाने वाले यात्रियों को भी परेशानी हुई। बसें उपलब्ध नहीं होने के कारण लोगों को निजी वाहनों, टैक्सी और अन्य परिवहन साधनों का सहारा लेना पड़ा।
डिपो परिसर में बसों के खड़े रहने के कारण यात्रियों को काफी देर तक वैकल्पिक परिवहन का इंतजार करना पड़ा। हड़ताल कब समाप्त होगी और बसों का संचालन कब सामान्य होगा, इसे लेकर भी यात्रियों में असमंजस बना रहा।
Hisar Roadways Strike : वार्ता विफल होने के बाद कर्मचारियों ने किया चक्का जाम
कर्मचारियों की मांगों को लेकर प्रशासन और रोडवेज कर्मचारी नेताओं के बीच बातचीत हुई थी, लेकिन कोई सहमति नहीं बन पाई। जानकारी के अनुसार, एसडीएम ज्योति मित्तल के साथ हुई वार्ता बेनतीजा रहने के बाद कर्मचारियों ने चक्का जाम करने का फैसला लिया।
शुक्रवार को रोडवेज महाप्रबंधक राहुल मित्तल और एसडीएम ज्योति मित्तल के साथ कर्मचारी नेताओं की कई दौर की बातचीत हुई थी। हालांकि, मांगों पर सहमति नहीं बनने के कारण आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया गया।
कर्मचारी पिछले 38 दिनों से हिसार डिपो परिसर में सांझा संघर्ष समिति के नेतृत्व में धरना दे रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ है।
Hisar Roadways Strike : रात्रि भत्ता, ओवरटाइम और एसीपी भुगतान की मांग
कर्मचारी नेताओं अजय प्रधान, जोगिंद्र, कर्मवीर और नरेंद्र ने बताया कि रोडवेज कर्मचारियों की कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं। प्रशासन के साथ पहले भी कई बार बातचीत की गई, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हो सका।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में बकाया रात्रि भत्ते का भुगतान, ओवरटाइम का पैसा जारी करना, एलटीसी और एसीपी के लंबित मामलों का निपटारा शामिल है। इसके अलावा अन्य लंबित विभागीय प्रकरणों को जल्द सुलझाने की मांग भी की जा रही है।
कर्मचारी नेताओं ने मुख्यालय की हिदायतों के अनुसार मार्ग रोटेशन व्यवस्था लागू करने की मांग भी उठाई है। उनका आरोप है कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने के कारण कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
Hisar Roadways Strike : रोडवेज प्रशासन ने कही बस संचालन बहाल करने की बात
हिसार रोडवेज के महाप्रबंधक राहुल मित्तल ने कहा कि प्रशासन की ओर से बसों का संचालन जल्द से जल्द बहाल करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। यात्रियों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर बातचीत की जा रही है।
उन्होंने बताया कि कर्मचारियों के साथ वार्ता के प्रयास भी जारी हैं, ताकि हड़ताल समाप्त कर बस सेवाओं को सामान्य किया जा सके।
Hisar Roadways Strike : यात्रियों को कब मिलेगी राहत?
फिलहाल कर्मचारियों की मांगों और प्रशासन के बीच सहमति नहीं बनने के कारण हिसार डिपो में बस सेवाएं प्रभावित हैं। यदि हड़ताल लंबी खिंचती है तो दिल्ली, चंडीगढ़, राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में आवागमन करने वाले यात्रियों की परेशानी और बढ़ सकती है। अब सबकी नजर प्रशासन और रोडवेज कर्मचारी संगठनों के बीच होने वाली अगली बातचीत पर है। बसों का संचालन बहाल होने के बाद ही यात्रियों को राहत मिल सकेगी।
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