India Pakistan: बांग्लादेश की राजधानी ढाका में भारत और पाकिस्तान के अधिकारियों की एक अनौपचारिक मुलाकात चर्चा का विषय बन गई है। भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी और पाकिस्तान के डिफेंस अटैची ब्रिगेडियर मुहम्मद इमरान यूसुफ चौधरी की मुलाकात शुक्रवार, 30 अक्टूबर की सुबह ढाका कैंटोनमेंट स्थित कुर्मीटोला गोल्फ क्लब में हुई। इस दौरान बांग्लादेश की सैन्य खुफिया एजेंसी के एक अधिकारी भी बाद में बातचीत में शामिल हुए।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों अधिकारियों के बीच करीब 10 मिनट तक संक्षिप्त मुलाकात हुई। इस मुलाकात का एजेंडा क्या था और किन मुद्दों पर बातचीत हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, जिस जगह और अनौपचारिक माहौल में यह मुलाकात हुई, उसके कारण इसे दिनेश त्रिवेदी की ‘गोल्फ डिप्लोमेसी’ से जोड़कर देखा जा रहा है।
India Pakistan: सुबह 7 बजे गोल्फ क्लब पहुंचे भारतीय उच्चायुक्त
नॉर्थईस्ट न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, दिनेश त्रिवेदी शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे कुर्मीटोला गोल्फ क्लब पहुंचे थे। वह नियमित रूप से सुबह के समय इस क्लब में गोल्फ खेलने जाते हैं। उनके पहुंचने के लगभग 10 मिनट बाद पाकिस्तान के डिफेंस अटैची ब्रिगेडियर मुहम्मद इमरान यूसुफ चौधरी भी वहां पहुंचे।
इसके बाद दोनों अधिकारियों के बीच करीब 10 मिनट तक मुलाकात हुई। कुछ समय बाद बांग्लादेश के डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फोर्सेस इंटेलिजेंस (DGFI) का एक अधिकारी भी वहां पहुंचा और बातचीत में शामिल हुआ। हालांकि, इस दौरान किन विषयों पर चर्चा हुई, इसे लेकर कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है।
कौन होते हैं डिफेंस अटैची?
डिफेंस अटैची किसी देश के दूतावास में तैनात रक्षा मामलों से जुड़े सैन्य अधिकारी होते हैं। उनका काम मेजबान देश के सैन्य प्रतिष्ठानों के साथ संपर्क बनाए रखना और दोनों देशों के बीच रक्षा एवं सैन्य सहयोग से जुड़े संवाद को आगे बढ़ाना होता है।
वे सैन्य गतिविधियों, रक्षा सहयोग और सुरक्षा से जुड़े मामलों में अपने देश का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे अधिकारी अक्सर दूसरे देशों के सैन्य और सरकारी प्रतिनिधियों के साथ संपर्क में रहते हैं। इसलिए ढाका में भारतीय उच्चायुक्त और पाकिस्तानी डिफेंस अटैची की मुलाकात को कूटनीतिक नजरिए से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बांग्लादेशी सैन्य अधिकारियों की मौजूदगी ने बढ़ाई मुलाकात की चर्चा
इस मुलाकात में बांग्लादेश की सैन्य खुफिया एजेंसी DGFI के अधिकारी की मौजूदगी भी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय और पाकिस्तानी अधिकारी की शुरुआती बातचीत के बाद वह भी वहां पहुंचे और चर्चा का हिस्सा बने।
हालांकि, तीनों अधिकारियों के बीच हुई बातचीत का विषय अभी स्पष्ट नहीं है। यह मुलाकात पहले से तय थी या गोल्फ क्लब में अचानक हुई, इसकी भी पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में इसके पीछे किसी विशेष कूटनीतिक पहल या समझौते का दावा करना फिलहाल सही नहीं होगा।
एक दिन पहले भी गोल्फ क्लब पहुंचे थे दिनेश त्रिवेदी
दिनेश त्रिवेदी गुरुवार को भी कुर्मीटोला गोल्फ क्लब गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, गोल्फ खेलने के बाद उन्होंने बांग्लादेश के दो वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों से मुलाकात की थी, जिन्हें लेफ्टिनेंट जनरल रैंक का बताया गया है।
ढाका कैंटोनमेंट के नियंत्रण वाला कुर्मीटोला गोल्फ क्लब केवल खेल गतिविधियों के लिए ही नहीं, बल्कि सैन्य अधिकारियों, राजनयिकों, राजनेताओं और कारोबारी जगत के लोगों के बीच अनौपचारिक संपर्क का प्रमुख स्थान भी माना जाता है।
दिनेश त्रिवेदी इस क्लब में पहले भी कई विदेशी राजनयिकों से मुलाकात कर चुके हैं। इनमें ढाका में अमेरिका के राजदूत ब्रेंट क्रिस्टेंसन और ब्रिटेन की उच्चायुक्त सारा कुक भी शामिल हैं। इस तरह गोल्फ क्लब उनके लिए विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों से अनौपचारिक बातचीत और संपर्क का एक अहम मंच बनता दिखाई दे रहा है।
शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद बदले बांग्लादेश-पाकिस्तान के रिश्ते
अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद बांग्लादेश की राजनीति और विदेश नीति में कई बदलाव देखने को मिले। मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के कार्यकाल में ढाका और इस्लामाबाद के संबंधों में नजदीकी बढ़ने की खबरें सामने आई थीं। इस दौरान दोनों देशों के बीच सैन्य और रक्षा क्षेत्र से जुड़े संपर्क भी चर्चा में रहे।
बांग्लादेश में राजनीतिक बदलाव के बाद पाकिस्तान के सैन्य अधिकारियों की आवाजाही और दोनों देशों के बीच रक्षा संवाद को लेकर भी ध्यान दिया गया। अब तारिक रहमान के नेतृत्व वाली सरकार के दौर में भी इस संपर्क को लेकर चर्चा जारी है। ऐसे माहौल में भारतीय उच्चायुक्त और पाकिस्तानी डिफेंस अटैची की मुलाकात को क्षेत्रीय कूटनीति के संदर्भ में देखा जा रहा है।
तनावपूर्ण भारत-बांग्लादेश संबंधों के बीच सक्रिय हैं दिनेश त्रिवेदी
दिनेश त्रिवेदी ने ऐसे समय में ढाका में भारत के उच्चायुक्त की जिम्मेदारी संभाली है, जब भारत और बांग्लादेश के संबंध कई मुद्दों को लेकर चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं। दोनों देशों के बीच राजनीतिक, कूटनीतिक और सुरक्षा से जुड़े विषयों पर बातचीत जारी है।
ढाका पहुंचने के बाद से त्रिवेदी बांग्लादेश के सरकारी प्रतिनिधियों और दूसरे देशों के राजनयिकों के साथ लगातार संपर्क में रहे हैं। वह सार्वजनिक रूप से भी भारत और बांग्लादेश के बीच बातचीत, आपसी सम्मान और भरोसे को रिश्तों को आगे बढ़ाने का जरूरी आधार बता चुके हैं। उनका कहना रहा है कि दोनों पड़ोसी देशों के बीच मौजूद मुद्दों का समाधान संवाद के जरिए निकाला जा सकता है।
इस्तांबुल और लंदन दौरे के दौरान भी हुई थी अहम बातचीत
हाल ही में दिनेश त्रिवेदी ने इस्तांबुल और लंदन का दौरा किया था। इस दौरान बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर के साथ उनकी मुलाकात भी चर्चा में रही। इस बैठक में लंदन में भारतीय राजनयिक दोराईस्वामी और ढाका में ब्रिटेन की उच्चायुक्त सारा कुक भी शामिल हुई थीं।
इससे पहले भी त्रिवेदी बांग्लादेश के शीर्ष राजनीतिक और प्रशासनिक प्रतिनिधियों के साथ बैठकें कर चुके हैं। भारत और बांग्लादेश के बीच संबंधों को बेहतर बनाने के प्रयासों के बीच उनकी इन मुलाकातों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
क्या है गोल्फ डिप्लोमेसी?
गोल्फ डिप्लोमेसी का मतलब है गोल्फ जैसे अनौपचारिक मंचों के जरिए अलग-अलग देशों के राजनयिकों, सैन्य अधिकारियों और नेताओं के बीच संवाद तथा संपर्क बढ़ाना। औपचारिक बैठकों के मुकाबले ऐसे माहौल में बातचीत का तरीका अधिक सहज हो सकता है और आपसी संबंध बनाने का अवसर मिलता है।
ढाका का कुर्मीटोला गोल्फ क्लब इसी तरह की गतिविधियों के लिए जाना जाता है। दिनेश त्रिवेदी की यहां लगातार हो रही मुलाकातों के कारण उनकी गोल्फ डिप्लोमेसी की चर्चा बढ़ी है। हालांकि, पाकिस्तान के डिफेंस अटैची के साथ हुई ताजा मुलाकात में क्या बातचीत हुई और इसका कोई औपचारिक कूटनीतिक परिणाम निकलेगा या नहीं, इस पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।


