RK Sinha नई दिल्ली, 30 अक्टूबर 2026। पूर्व राज्यसभा सदस्य, उद्योगपति और समाजसेवी आर.के. सिन्हा के निधन पर जगतगुरु स्वामी चक्रपाणि जी महाराज ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि आर.के. सिन्हा का निधन केवल उनके परिवार या किसी एक समाज के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र, सनातन समाज और सामाजिक समरसता के क्षेत्र के लिए बड़ी क्षति है। उनका जीवन धर्म, सेवा, मानवता और सामाजिक एकता को समर्पित रहा।
RK Sinha अखिल भारत हिंदू महासभा, संत महासभा और श्री चित्रगुप्त अखाड़ा न्यास के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि जी महाराज ने कहा कि आर.के. सिन्हा ने अपने ‘संगत-पंगत’ अभियान के जरिए समाज को एकजुट करने और सामाजिक भेदभाव को दूर करने का प्रयास किया। उन्होंने प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का संदेश लोगों तक पहुंचाया। जीवन के अंतिम समय तक वे समाज को शिक्षित, संगठित और सशक्त बनाने के लिए सक्रिय रहे।

RK Sinha स्वामी चक्रपाणि ने उन्हें समाज की अनमोल धरोहर बताते हुए कहा कि आर.के. सिन्हा ने अपने परिश्रम और सेवाभाव से अनेक लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया। उनके निधन से समाज ने एक ऐसा व्यक्तित्व खो दिया है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।
RK Sinha भगवान चित्रगुप्त मंदिर के पुनरुद्धार में रहा अहम योगदान
स्वामी चक्रपाणि जी महाराज के मुताबिक, आर.के. सिन्हा की भगवान श्री चित्रगुप्त महाराज में गहरी आस्था थी। पटना स्थित प्राचीन चित्रगुप्त मंदिर के पुनरुद्धार और संरक्षण में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने देश और विदेश में सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार, धार्मिक स्थलों के संरक्षण और मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए भी काम किया।
उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजना आर.के. सिन्हा के जीवन के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल था। आर्थिक और व्यावसायिक सफलता के बावजूद वे भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से जुड़े रहे।
RK Sinha 12 हजार रुपये से शुरू किया था सफर
स्वामी चक्रपाणि ने बताया कि आर.के. सिन्हा ने सुरक्षा सेवा क्षेत्र में अपनी कंपनी स्थापित कर उद्योग जगत में पहचान बनाई थी। उन्होंने कई मौकों पर बताया था कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण की प्रेरणा से उन्होंने सुरक्षा कंपनी शुरू की थी। जयप्रकाश नारायण भी उन्हें स्नेह और सम्मान देते थे।
स्वामी जी के अनुसार, आर.के. सिन्हा सार्वजनिक मंचों पर अक्सर अपने संघर्ष की कहानी साझा करते थे। वे कहते थे कि उन्होंने 12 हजार रुपये से अपना सफर शुरू किया और भगवान चित्रगुप्त महाराज की कृपा से 12 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति तक पहुंचने का अवसर मिला। स्वामी चक्रपाणि ने इसे उनकी ईश्वर के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता का उदाहरण बताया।
RK Sinha गरीब और मेधावी विद्यार्थियों की शिक्षा में की मदद
आर.के. सिन्हा ने शिक्षा के क्षेत्र में भी योगदान दिया। स्वामी चक्रपाणि के अनुसार, उन्होंने गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी विद्यार्थियों के लिए शिक्षण संस्थानों और कोचिंग की व्यवस्था करने में मदद की। उनके प्रयासों से कई विद्यार्थियों को आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश की तैयारी का अवसर मिला।
स्वामी जी ने कहा कि आर.के. सिन्हा विद्यार्थियों के बीच जाति, वर्ग या आर्थिक स्थिति के आधार पर भेदभाव नहीं करते थे। उनकी सेवा का दायरा किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं था। वे गरीबों, जरूरतमंदों और वंचितों की सहायता के लिए हमेशा तत्पर रहते थे।
RK Sinha भारतीय खानपान और पारंपरिक जीवनशैली के समर्थक थे
स्वामी चक्रपाणि ने कहा कि आर.के. सिन्हा भारतीय परंपराओं और सादगीपूर्ण जीवनशैली को महत्व देते थे। वे देशी भोजन और पारंपरिक अनाज के सेवन को प्रोत्साहित करते थे। मोटे अनाज को भोजन में शामिल करने और भारतीय खानपान अपनाने के लिए भी लोगों को प्रेरित करते थे। उन्होंने कहा कि आर.के. सिन्हा के साथ बिताए आत्मीय पल हमेशा याद रहेंगे। उनका सेवाभाव, सामाजिक एकता के लिए किए गए प्रयास और धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में योगदान समाज के लिए प्रेरणा बने रहेंगे।
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