BY: Yoganand Shrivastva
UK Graduate Visa Rules ब्रिटेन में पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों के लिए अच्छी खबर है। ब्रिटिश सरकार ने ग्रेजुएट वीजा को लेकर अपनी योजना में बदलाव किया है। अब चुनिंदा विश्वविद्यालयों से ग्रेजुएशन करने वाले विदेशी छात्र पढ़ाई पूरी होने के बाद ब्रिटेन में दो साल तक रुककर नौकरी तलाश सकेंगे और काम कर सकेंगे। हालांकि, यह सुविधा सभी विश्वविद्यालयों के छात्रों को नहीं मिलेगी। इसका लाभ उन्हीं संस्थानों से पढ़ाई करने वाले छात्रों को मिलेगा, जो सरकार के तय मानकों पर खरे उतरेंगे।
18 महीने से बढ़ाकर 2 साल करने की योजना
UK Graduate Visa Rules ब्रिटिश सरकार के बजट दस्तावेज के मुताबिक, नियमों का बेहतर पालन करने वाले और रोजगार के अच्छे परिणाम देने वाले विश्वविद्यालयों के स्नातकों के लिए ग्रेजुएट वीजा की अवधि 18 महीने से बढ़ाकर दो साल की जाएगी।
इससे पहले सरकार ने ग्रेजुएट वीजा की अवधि दो साल से घटाकर 18 महीने करने का ऐलान किया था। यह बदलाव जनवरी 2027 से लागू होना प्रस्तावित है। अब नई योजना के तहत तय मानकों पर खरे उतरने वाले विश्वविद्यालयों के छात्रों को दो साल तक ब्रिटेन में रहने और नौकरी करने का अवसर मिल सकेगा।
भारतीय छात्रों को क्या होगा फायदा?
UK Graduate Visa Rules यूनिवर्सिटी लिविंग के संस्थापक और सीईओ सौरभ अरोड़ा के मुताबिक, इस फैसले से भारतीय छात्रों को पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी तलाशने के लिए अधिक समय मिलेगा। वे ब्रिटेन में काम का अनुभव हासिल कर सकेंगे और अपना पेशेवर नेटवर्क भी बढ़ा सकेंगे।
उनका कहना है कि ब्रिटेन पहले से ही भारतीय छात्रों के लिए लोकप्रिय शिक्षा गंतव्य रहा है। पढ़ाई के बाद नौकरी करने के अवसर बढ़ने से इसकी लोकप्रियता में और इजाफा हो सकता है।
यूनिवर्सिटी चुनते समय इन बातों का रखें ध्यान
UK Graduate Visa Rules सौरभ अरोड़ा ने छात्रों को सलाह दी है कि विश्वविद्यालय का चयन करते समय उसकी पात्रता और रोजगार के अवसरों की अच्छी तरह जांच करें। इसके साथ ही ट्यूशन फीस और ब्रिटेन में रहने-खाने के खर्च का भी आकलन करना जरूरी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रेजुएट वीजा नौकरी तलाशने और काम करने का अवसर देता है, लेकिन इससे लंबे समय तक रोजगार मिलने की गारंटी नहीं होती।
अमेरिका के मुकाबले ब्रिटेन बन सकता है आकर्षक विकल्प
ब्रिटेन का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब अमेरिका में विदेशी छात्रों के लिए ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (ओपीटी) कार्यक्रम को लेकर 70 हजार डॉलर की फीस वसूलने की तैयारी की खबरें सामने आई हैं। ओपीटी के माध्यम से विदेशी छात्रों को अमेरिका में पढ़ाई के बाद काम करने का अवसर मिलता है।
सौरभ अरोड़ा के अनुसार, ब्रिटेन में ग्रेजुएट वीजा की अवधि बढ़ने से वह विदेशी छात्रों के लिए अमेरिका के मुकाबले एक आकर्षक विकल्प बन सकता है। हालांकि, छात्रों को किसी भी देश में पढ़ाई का निर्णय लेने से पहले वीजा नियमों, रोजगार की संभावनाओं और कुल खर्च का आकलन करना चाहिए।


