by: ajay nigam
Hindu Mahasabha : नई दिल्ली, श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के मुख्य संरक्षक एवं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री, परम तपस्वी पूज्य श्रीमहंत हरि गिरि जी महाराज का हिन्दू महासभा भवन, नई दिल्ली आगमन हुआ। इस अवसर पर अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के जगद्गुरु स्वामी चक्रपाणि नंद गिरि जी महाराज तथा श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीमहंत नारायण गिरि जी महाराज ने पूज्य महाराजश्री का भव्य स्वागत किया।

Hindu Mahasabha : महाराजश्री के पहुँचते ही पुष्पवर्षा के बीच गगनभेदी जयघोष किए गए
Hindu Mahasabha : पूज्य श्रीमहंत हरि गिरि जी महाराज के आगमन से पूर्व जगद्गुरु स्वामी चक्रपाणि महाराज एवं श्रीमहंत नारायण गिरि जी महाराज अपने कार्यकर्ताओं के साथ काफी देर तक भवन पर उनकी प्रतीक्षा करते रहे। महाराजश्री के पहुँचते ही पुष्पवर्षा के बीच गगनभेदी जयघोष किए गए। वैदिक मंत्रोच्चार, पुष्पमालाओं और छत्र के साथ पूज्य गुरुदेव का हिन्दू महासभा भवन में स्वागत किया गया।
Hindu Mahasabha : भवन पहुँचते ही सर्वप्रथम पूज्य श्रीमहंत हरि गिरि जी महाराज ने भवन में स्थित शिव मंदिर श्री चक्रेश्वर हिन्देश्वर महादेव का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से पूजन किया, जहाँ उपस्थित सभी लोगों ने पूजन-आरती की। इसके उपरांत सभी ने पूज्य श्रीमहंत हरि गिरि जी महाराज को भगवा वस्त्र पहनाकर, पुष्पमालाओं के साथ वैदिक मंत्रोच्चार से संत सत्कार एवं गुरु पूजन किया।
तत्पश्चात जगद्गुरु स्वामी चक्रपाणि महाराज ने उन्हें संपूर्ण हिन्दू महासभा भवन का भ्रमण कराया तथा अपने विशेष कक्ष में उनका स्वागत किया, जहाँ राष्ट्र चिंतन एवं धर्म चिंतन हुआ।
Hindu Mahasabha : इस अवसर पर पूज्य श्रीमहंत हरि गिरि जी महाराज ने हिन्दू महासभा के उत्थान तथा हिन्दू महासभा के महापुरुषों द्वारा किए गए प्रयासों को जगद्गुरु स्वामी चक्रपाणि महाराज द्वारा आगे बढ़ाने की सराहना की। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार स्वामी चक्रपाणि जी ने श्री राम मंदिर के लिए न्यायालय में लड़ाई लड़कर हिन्दुओं को विजय दिलाई, वह अपने आप में इतिहास में दर्ज हो चुका है।
पूज्य श्रीमहंत हरि गिरि जी महाराज ने स्वामी जी को हिन्दू महासभा भवन पर एक वैदिक अनुष्ठान आयोजित करने का सुझाव भी दिया, जिसमें अखाड़ों के सभी संत-महात्मा उपस्थित हों। स्वामी चक्रपाणि जी ने इस सुझाव को सहर्ष स्वीकार किया।
Hindu Mahasabha : तत्पश्चात पूज्य श्रीमहंत हरि गिरि जी महाराज, श्रीमहंत नारायण गिरि जी महाराज एवं स्वामी चक्रपाणि महाराज ने बैठकर राष्ट्र रक्षा, धर्म रक्षा, गौ रक्षा तथा हिन्दू महासभा के हित में देर तक मंत्रणा की। कई विषयों पर हुई इस मंत्रणा के सुखद परिणाम जल्द ही देखने को मिलेंगे।
इस अवसर पर जगद्गुरु स्वामी चक्रपाणि महाराज ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है। पूज्य महाराजश्री कर्मनिष्ठ, तपोनिष्ठ एवं ऐसे सिद्ध संत हैं, जिन्होंने सनातन धर्म के उत्थान और अखाड़ों के लिए अपना संपूर्ण जीवन अर्पित कर दिया है। पूज्य श्रीमहंत हरि गिरि जी महाराज हर वर्ग को साथ लेकर चलते हैं और सभी को सनातन से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत रहते हैं।
उन्होंने कहा, “मैंने जीवन में अनेक संत-महात्माओं के महान कार्यों के बारे में पुस्तकों में पढ़ा है, किंतु यदि किसी को प्रत्यक्ष रूप से महान कार्य करते हुए देख रहा हूँ तो वे पूज्य श्रीमहंत हरि गिरि जी महाराज हैं। महाराजश्री बोलते कम हैं और करते अधिक हैं। हम सब धन्य हैं कि हमें महाराजश्री का हिन्दू महासभा भवन पर स्वागत करने का सौभाग्य मिला। यह दिन इतिहास के स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा।” स्वामी चक्रपाणि जी ने कहा कि सनातन धर्म के लिए पूज्य श्रीमहंत हरि गिरि जी महाराज द्वारा किया गया कार्य अद्वितीय है।
जगद्गुरु स्वामी चक्रपाणि महाराज ने घोषणा की कि राष्ट्र को सशक्त बनाने एवं विश्व शांति हेतु शीघ्र ही दिल्ली (इन्द्रप्रस्थ) स्थित हिन्दू महासभा भवन पर एक भव्य अनुष्ठान आयोजित किया जाएगा, जिसमें समस्त अखाड़ों को आमंत्रित किया जाएगा।
ज्ञात हो कि वाल्मीकि जयंती के उपलक्ष्य में मंदिर मार्ग स्थित जगद्गुरु श्री कृष्ण विद्यार्थी नंद गिरि जी महाराज के यहाँ भगवान वाल्मीकि प्रकटोत्सव का कार्यक्रम आयोजित था, जिसमें पूज्य श्रीमहंत हरि गिरि जी महाराज, श्रीमहंत नारायण गिरि जी महाराज एवं स्वामी चक्रपाणि महाराज सहित सभी संत सम्मिलित हुए। वहीं से सभी संत हिन्दू महासभा भवन पधारे। पूज्य श्रीमहंत हरि गिरि जी महाराज के साथ श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के सचिव स्वामी आनंदेश्वरानंद गिरि जी महाराज भी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर पवन कुमार, संतोष कुमार, साध्वी नीरू सहित दर्जनों भक्तों एवं कार्यकर्ताओं ने पूज्य स्वामी जी का भव्य स्वागत किया।
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