रिपोर्ट: इम्तियाज अंसारी
Madhupur Railway Station मधुपुर रेलवे स्टेशन परिसर में पुराने पार्सल गोदाम को तोड़कर पीसीसी निर्माण कराया जा रहा है। हालांकि, निर्माण कार्य में कथित तौर पर निर्धारित मानकों की अनदेखी किए जाने के आरोप लग रहे हैं। निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री और कार्यस्थल पर निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
सीलिंग के काम में बंगला ईंट के टुकड़े इस्तेमाल करने का आरोप
Madhupur Railway Station आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान सीलिंग में बंगला ईंट और उसके छोटे-छोटे टुकड़ों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसे लेकर निर्माण की गुणवत्ता और मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता को लेकर आधिकारिक जांच या पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है।
अभियंता और संवेदक की अनुपस्थिति पर सवाल
Madhupur Railway Station निर्माण स्थल पर संबंधित अभियंता और संवेदक की अनुपस्थिति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि काम की जिम्मेदारी एक मुंशी के भरोसे है। ऐसे में निर्माण कार्य की निगरानी और निर्धारित मानकों के पालन को लेकर चिंता जताई जा रही है।
नदी घाट से बालू लाने के भी आरोप
Madhupur Railway Station सूत्रों के हवाले से निर्माण कार्य में नदी घाट से कथित तौर पर अवैध तरीके से बालू लाकर इस्तेमाल किए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इस आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
रेलवे प्रशासन की निगरानी पर उठे सवाल
रेलवे स्टेशन जैसे महत्वपूर्ण परिसर में चल रहे निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित निगरानी और सामग्री की जांच जरूरी है। अब देखना होगा कि रेलवे प्रशासन इन आरोपों पर क्या कदम उठाता है और क्या निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराई जाती है।
निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करना, यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखना और सरकारी धन का उचित उपयोग करना महत्वपूर्ण है। इन आरोपों की निष्पक्ष जांच से ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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