Brazil : ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में हार का सामना करने के बाद सीनेटर फ्लावियो बोल्सोनारो अपनी पत्नी और दो बेटियों के साथ अमेरिका के मियामी पहुंच गए हैं। वह मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा के खिलाफ चुनाव मैदान में थे। 25 अक्टूबर 2026 को हुए दूसरे चरण के मतदान में लूला ने जीत हासिल कर चौथी बार राष्ट्रपति बनने का रास्ता साफ किया। वहीं, फ्लावियो बोल्सोनारो ने चुनाव परिणाम को स्वीकार नहीं किया और इसे लेकर सवाल उठाए।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 45 वर्षीय फ्लावियो मंगलवार को अपने परिवार के साथ ब्राजील से रवाना हुए। उनका सफर अर्जेंटीना और इक्वाडोर से होकर गुजरा, जिसके बाद वे बुधवार को मियामी पहुंचे। इस घटनाक्रम ने ब्राजील की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। चुनाव परिणामों पर विवाद के साथ-साथ उनके देश छोड़ने के तरीके और कानूनी मामलों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
Brazil : मई में किया था व्हाइट हाउस का दौरा
फ्लावियो बोल्सोनारो को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का करीबी सहयोगी माना जाता है। उन्होंने इसी साल मई में व्हाइट हाउस का दौरा किया था। चुनाव में हार के बाद अमेरिका पहुंचने की उनकी यात्रा इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि ट्रंप प्रशासन ने इस सप्ताह फ्लावियो और उनके परिवार के लिए अमेरिकी वीजा को मंजूरी दी थी।
फ्लावियो के अमेरिका पहुंचने से पहले उनके यात्रा मार्ग को लेकर भी जानकारी सामने आई। अर्जेंटीना के अधिकारियों और उड़ान संबंधी आंकड़ों के मुताबिक, वह अपनी पत्नी और दो बेटियों के साथ पहले अर्जेंटीना गए और फिर निजी विमान से इक्वाडोर पहुंचे। वहां से उनका विमान मियामी के लिए रवाना हुआ। इस यात्रा के दौरान ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट के आदेश और उनके पासपोर्ट से जुड़ा मामला भी चर्चा में रहा।
Brazil : ट्रंप प्रशासन ने परिवार को अमेरिकी वीजा की मंजूरी दी
अमेरिकी प्रशासन की ओर से फ्लावियो बोल्सोनारो और उनके परिवार को वीजा देने की मंजूरी ऐसे समय आई, जब ब्राजील में चुनावी हार के बाद राजनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है। फ्लावियो ने चुनाव परिणामों पर आपत्ति जताई थी और सरकार पर राजनीतिक प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। हालांकि, चुनाव में धांधली के उनके दावों के समर्थन में कोई प्रमाण सार्वजनिक रूप से स्थापित नहीं हुआ है।
फ्लावियो के पिता जायर बोल्सोनारो भी 2022 के राष्ट्रपति चुनाव में लूला से हारने के बाद फ्लोरिडा चले गए थे। हालांकि, वह करीब तीन महीने बाद ब्राजील लौट आए थे। पिता और बेटे के मामलों में परिस्थितियां अलग हैं, लेकिन दोनों की चुनावी हार के बाद अमेरिका जाने की घटनाओं ने ब्राजील की राजनीति में ध्यान खींचा है।
Brazil : सुप्रीम कोर्ट की जांच के दायरे में हैं फ्लावियो बोल्सोनारो
फ्लावियो बोल्सोनारो ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी जांच का सामना कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, उनके खिलाफ भ्रष्टाचार, धनशोधन और कर चोरी से संबंधित आरोपों की जांच की जा रही है। इन आरोपों को अभी दोषसिद्धि नहीं माना जा सकता और मामले की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
रिपोर्टों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें मंगलवार दोपहर तक अपना सामान्य और राजनयिक पासपोर्ट जमा करने का आदेश दिया था। उनके अमेरिका पहुंचने से पहले यह स्पष्ट नहीं था कि उन्होंने इस आदेश का पालन किया या नहीं। उनके सहयोगियों ने बताया कि उनके पास इटली का पासपोर्ट भी है। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि उन्होंने अर्जेंटीना में प्रवेश के लिए इतालवी पासपोर्ट का इस्तेमाल किया।
Brazil : लूला को 51.79 प्रतिशत, फ्लावियो को मिले 48.21 प्रतिशत वोट
ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे चरण में लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा और फ्लावियो बोल्सोनारो के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। आधिकारिक चुनाव परिणामों के अनुसार, लूला को कुल वैध मतों में 51.79 प्रतिशत वोट मिले, जबकि फ्लावियो बोल्सोनारो के खाते में 48.21 प्रतिशत वोट आए। इस तरह लूला ने लगभग 44 लाख मतों के अंतर से जीत दर्ज की।
80 वर्षीय लूला की यह जीत उनके राजनीतिक करियर में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है। वह पहले भी तीन बार राष्ट्रपति पद संभाल चुके हैं और इस चुनाव में जीत के साथ उन्हें चौथा कार्यकाल मिला है। चुनाव परिणामों ने ब्राजील में राजनीतिक ध्रुवीकरण को भी सामने रखा, क्योंकि दोनों उम्मीदवारों के बीच मतों का अंतर सीमित रहा।
Brazil : चुनाव परिणाम को लेकर जारी है राजनीतिक विवाद
चुनाव में हार के बाद फ्लावियो बोल्सोनारो ने परिणाम को वैध मानने से इनकार किया और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। दूसरी ओर, ब्राजील के चुनाव प्राधिकरण ने लूला की जीत की पुष्टि की है। ऐसे में चुनाव परिणामों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और फ्लावियो के देश छोड़ने की घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान खींचा है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि फ्लावियो बोल्सोनारो की ब्राजील वापसी को लेकर आगे क्या स्थिति बनती है और सुप्रीम कोर्ट की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है। फिलहाल, उनकी मियामी यात्रा, पासपोर्ट से जुड़ा आदेश और चुनाव परिणामों को लेकर उनकी आपत्तियां ब्राजील की राजनीति में चर्चा के प्रमुख विषय बने हुए हैं।
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