रिपोर्ट- प्रमोद श्रीवास्तव
MLC Election Results : चार राज्यों की 28 विधान परिषद सीटों के नतीजों ने देश की सियासत में नई बहस छेड़ दी है। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक में हुए MLC चुनाव में कांग्रेस अपना खाता तक नहीं खोल सकी। नतीजों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए बैलेट पेपर का जिक्र किया। चार राज्यों की 28 MLC सीटें… चुनाव बैलेट पेपर से… और नतीजों के बाद कांग्रेस पर प्रधानमंत्री मोदी का सीधा निशाना। पीएम मोदी ने X पर सवाल किया कि चार बड़े राज्यों में बैलेट पेपर से हुए चुनाव में कांग्रेस ने कितनी सीटें जीतीं।
MLC Election Results : बैलेट से ‘MLC’ की लड़ाई, फिर कांग्रेस क्यों धराशायी
इस तंज के पीछे कांग्रेस का शून्य पर सिमटना है। कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद बीजेपी-जेडीएस गठबंधन ने चारों सीटें जीत लीं। उत्तर प्रदेश में बीजेपी और समाजवादी पार्टी ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई, जबकि बिहार में भी अलग-अलग दलों को जीत मिली। अब बहस सिर्फ सीटों की नहीं, बल्कि विपक्ष की चुनावी रणनीति, कांग्रेस के संगठन और बैलेट पेपर के मुद्दे पर राजनीतिक दलों के दावों की भी है। क्योंकि इन नतीजों ने EVM और बैलेट पेपर को लेकर चल रही राजनीतिक बहस को फिर चर्चा में ला दिया है।
MLC Election Results : बैलेट पेपर बनाम EVM की बहस और तेज होगी
EVM को लेकर विपक्ष के सवालों के बीच बैलेट पेपर से हुए चुनाव में कांग्रेस की हार ने राजनीतिक बयानबाजी को नया मुद्दा दे दिया है। इसको लेकर बड़ा सवाल यही है कि क्या कांग्रेस अपनी हार की वजहों की समीक्षा करेगी, और क्या बीजेपी इन सीमित निर्वाचन क्षेत्रों के नतीजों को व्यापक चुनावी संदेश के रूप में पेश कर पाएगी ? सवाल ये भी कि क्या इन नतीजों से कांग्रेस की रणनीति पर सवाल उठेंगे, या फिर बीजेपी इसे अपने पक्ष में सियासी संदेश के तौर पर इस्तेमाल करेगी ?
MLC Election Results : MLC नतीजों का ‘27’ के यूपी चुनाव पर कितना असर होगा
चार राज्य, 28 विधान परिषद सीटें और सियासत में नई बहस… MLC चुनाव के नतीजों में कांग्रेस का खाता नहीं खुला, तो बीजेपी और उसके सहयोगियों ने कई सीटों पर जीत दर्ज कर अपनी स्थिति मजबूत की। कर्नाटक में बीजेपी-जेडीएस गठबंधन ने सभी चार सीटें जीतकर कांग्रेस को बड़ा झटका दिया। उत्तर प्रदेश में बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच मुकाबला दिखा, तो बिहार में आरजेडी, बीजेपी, जन सुराज और निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। MLC चुनावों में NDA को मिली बढ़त के बाद पीएम मोदी ने कांग्रेस पर तंज कसा है।
उन्होंने कहा कि 4 बड़े राज्यों-उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक में 28 सीटों पर MLC चुनाव हुए। चुनाव बैलट पेपर से हुए। अंदाजा लगाइए कांग्रेस ने कितनी सीटें जीतीं ? दरअसल विपक्ष लोकसभा और विधानसभा चुनाव भी बैलट पेपर से कराने की मांग करता रहा है। अभी ये चुनाव EVM से होते हैं। MLC चुनावों में सबसे ज्यादा चर्चा कर्नाटक और उत्तरप्रदेश की है। राज्य में कांग्रेस की सरकार है, लेकिन विधान परिषद की चार सीटों पर भाजपा और जेडीएस गठबंधन ने जीत दर्ज की।
कांग्रेस को अपनी एक मौजूदा सीट भी गंवानी पड़ी। बीजेपी ने इसी नतीजे को आधार बनाकर कांग्रेस की चुनावी रणनीति पर सवाल उठाए हैं। तो वहीं उत्तरप्रदेश में 6 सीटों पर बीजेपी और 5 पर समाजवादी पार्टी ने जीत दर्ज की। लेकिन सबसे बड़ी बात ये रही कि प्रधानमंत्री की लोकसभा सीट वाराणसी में सत्ता दल को झटका लगा…उधर बात बिहार की करें तो यहां भाजपा के पांच बार के MLC नवल किशोर यादव समेत चार मौजूदा MLC चुनाव हार गए। जन सुराज ने दरभंगा शिक्षक सीट जीतकर विधान परिषद में खाता खोला। तो वहीं महाराष्ट्र में 5 सीटों पर भी काउंटिंग जारी है।
बैलेट पेपर पर चुनाव… फिर भी कांग्रेस का खाता नहीं खुला… चार राज्यों की 28 विधान परिषद सीटों के चुनाव नतीजों को लेकर देश की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन पर सवाल उठाया, तो बीजेपी ने भी विपक्ष की बैलेट पेपर की मांग पर निशाना साधा। कर्नाटक में सत्ता में होने के बावजूद कांग्रेस चारों सीटें नहीं जीत सकी। जिसको लेकर बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है।
चुनाव EVM से हो या बैलेट पेपर से… सियासत में नतीजे ही सबसे बड़ी चर्चा बन जाते हैं। चार राज्यों की 28 विधान परिषद सीटों पर हुए चुनाव ने कांग्रेस को जवाब देने के लिए नया राजनीतिक मोर्चा दे दिया है। कांग्रेस ने जिन 12 सीटों पर चुनाव लड़ा, उनमें से एक पर भी जीत दर्ज नहीं कर पाई। बहरहाल अब उत्तर प्रदेश के MLC चुनावों को 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी और समाजवादी पार्टी की संगठनात्मक ताकत, स्थानीय समीकरणों और कार्यकर्ताओं की सक्रियता की परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है।
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