रिपोर्ट- हिमांशु पटेल
Dhan Kharidi : रायपुर, छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की तारीख, समर्थन मूल्य और किसानों के भुगतान को लेकर सियासत गरमाई हुई है। साय कैबिनेट के फैसले के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। सरकार जहां 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू करने की तैयारी में जुटी है, वहीं कांग्रेस ने अतिरिक्त राशि के भुगतान को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने सरकार पर किसानों के हक की राशि रोकने और अतिरिक्त भुगतान का नाम बदलने का आरोप लगाया है।
दूसरी ओर, कैबिनेट मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने एक नवंबर से धान खरीदी की मांग को अव्यावहारिक बताते हुए कांग्रेस को नसीहत दी है। सवाल है कि धान खरीदी की तारीख से लेकर किसानों के भुगतान तक, आखिर सियासत किसके हित में हो रही है ?
Dhan Kharidi : तारीख का ऐलान, धान खरीदी पर सियासी संग्राम
सरकार की तैयारी, छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए 15 नवंबर से धान खरीदी प्रस्तावित है। सरकार ने 27 लाख 50 हजार से अधिक किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान खरीदने की तैयारी की है। प्रदेश में 3100 उपार्जन केंद्रों के जरिए खरीदी होगी, जिनमें 360 नए केंद्र शामिल हैं। एग्रीस्टैक आईडी वाले पिछले वर्ष के पंजीकृत किसानों को दोबारा पंजीयन से छूट देने, डिजिटल क्रॉप सर्वे, बायोमेट्रिक सत्यापन और ऑनलाइन टोकन जैसी व्यवस्थाओं पर जोर है।
सरकार का दावा है कि तकनीक और निगरानी के जरिए खरीदी में पारदर्शिता बढ़ेगी। लेकिन इस पूरी व्यवस्था के बीच राजनीतिक विवाद का केंद्र किसानों को मिलने वाली अतिरिक्त राशि और भुगतान का तरीका बन गया है।
Dhan Kharidi : सरकार ने शुरू की तैयारी, 15 नवंबर से धान खरीदी
इधर, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार के फैसले पर तीखा हमला बोला है। बैज का आरोप है कि अतिरिक्त राशि देने की बात से बचने के लिए सरकार ‘आदान सहायता’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने किसानों को एकमुश्त नगद भुगतान देने, फर्जी गिरदावरी और लिमिट कम करने पर रोक लगाने की मांग की है। बैज ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना के 1700 करोड़ रुपये और एमएसपी की राशि के 4366 करोड़ रुपये के भुगतान का मुद्दा उठाते हुए सरकार को घेरा है।
Dhan Kharidi : धान खरीदी पर तकरार, एक-एक दाना खरीदेगी सरकार
वही कांग्रेस के आरोपों पर कैबिनेट मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने पलटवार किया। कहा कि एक नवंबर से धान खरीदी शुरू करने की मांग को खारिज करते हुए कहा कि प्रदेश में अभी धान कटाई की स्थिति ऐसी नहीं है कि खरीदी शुरू की जा सके। लेकिन मंत्री ने साफ किया कि सरकार प्रदेश के किसानों का एक-एक दाना खरीदेगी।
धान खरीदी की तारीख से लेकर किसानों को मिलने वाली राशि तक, छत्तीसगढ़ में सियासी घमासान तेज है। कांग्रेस जहां सरकार पर किसानों के भुगतान में कटौती और बकाया राशि रोकने का आरोप लगा रही है, वहीं सरकार खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी और सुगम बनाने का दावा कर रही है। एक नवंबर से खरीदी की मांग पर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं। अब सवाल यही है कि इस सियासी संग्राम में किसानों को उनका पूरा हक कब मिलेगा ?
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