Report: Prem Shrivastva
Adityapur Industrial Area Roads सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में जर्जर सड़कों, बदहाल नालियों और गंदगी की समस्या को लेकर उद्यमियों ने आवाज उठाई है। आदित्यपुर स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (एसिया) के सदस्यों ने अध्यक्ष इन्दर अग्रवाल के नेतृत्व में जियाडा के क्षेत्रीय निदेशक प्रेमरंजन के साथ बैठक कर औद्योगिक क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त कराने की मांग की। जियाडा भवन स्थित कार्यालय में हुई इस बैठक में सड़कों की जल्द मरम्मत और ड्रेनेज व्यवस्था सुधारने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया।
सड़कों पर गड्ढे, दुर्घटनाओं का बना रहता है खतरा
Adityapur Industrial Area Roads बैठक में उद्यमियों ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र की आंतरिक सड़कें काफी जर्जर हो चुकी हैं। जगह-जगह दरारें और गड्ढे होने से रोजाना दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। खराब सड़कों के कारण उद्योगों में आने-जाने वाले वाहनों और कर्मचारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
नालों और ड्रेनेज व्यवस्था की बदहाली पर भी चिंता जताई गई। एसिया के सदस्यों के मुताबिक, कई स्थानों पर नाले अधूरे हैं और उन्हें मौजूदा ड्रेनेज सिस्टम से नहीं जोड़ा गया है। इसके अलावा, सड़कों के किनारे जमा कचरा भी परेशानी बढ़ा रहा है। उद्यमियों ने इन समस्याओं का जल्द समाधान कराने की मांग की।
सड़क और नालियों की मरम्मत के लिए जल्द शुरू होगा काम
Adityapur Industrial Area Roads उद्यमियों की समस्याएं सुनने के बाद जियाडा के क्षेत्रीय निदेशक प्रेमरंजन ने आश्वासन दिया कि औद्योगिक क्षेत्र की आंतरिक सड़कों और नालियों की मरम्मत का काम जल्द शुरू कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि सड़कों के किनारे सफाई और बंद नालियों की सफाई के लिए अलग से निविदा तैयार की जा रही है।
प्रेमरंजन ने उद्यमियों से अपने औद्योगिक परिसरों के बाहर कचरा नहीं फेंकने की अपील भी की, ताकि क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग मिल सके।
भारी वाहनों के लिए बनेगा अलग पार्किंग स्थल
Adityapur Industrial Area Roads बैठक में औद्योगिक क्षेत्र की सड़कों के किनारे भारी वाहनों की पार्किंग से होने वाली समस्याओं पर भी चर्चा हुई। इस पर क्षेत्रीय निदेशक प्रेमरंजन ने बताया कि व्यावसायिक और भारी वाहनों के लिए अलग पार्किंग स्थल विकसित करने की परियोजना पर काम चल रहा है।
प्रस्तावित पार्किंग स्थल पर नहाने की व्यवस्था और ढाबे जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराने की योजना है। आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद परियोजना की घोषणा की जाएगी।
भूमि किराया और लेवी के मामलों पर भी चर्चा
बैठक के दौरान भूमि किराया और भूमि लेवी से जुड़ी लंबित समस्याओं को भी उठाया गया। एसिया के सदस्यों को इन मामलों में सकारात्मक जवाब मिलने की बात कही गई।
इस अवसर पर एसिया के ट्रस्टी राजीव रंजन (मुन्ना), महासचिव प्रवीण गुटगुटिया, उपाध्यक्ष देवांग गांधी, सचिव दिव्यांशु सिन्हा और पिंकेश महेश्वरी सहित कार्यकारिणी सदस्य सुबोध सिंह, अनिल गुप्ता, कौशल सिंघल, दीपक दोकानिया, पवन देबूका, रतन अग्रवाल और सुमित मेहता समेत अन्य सदस्य उपस्थित थे।
Read this: विदेश में Priyanka Chopra ने मनाया करवा चौथ, निक जोनास के नाम की मेहंदी लगाकर पूछा- चांद कब निकलेगा?


