Gold Silver Price: त्योहारों का मौसम चल रहा है, लेकिन सोने और चांदी की कीमतों में तेजी लौटने के बजाय लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। सोना अपने ऐतिहासिक उच्चतम स्तर से करीब 25 फीसदी तक नीचे आ चुका है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी उतार-चढ़ाव का असर भारतीय सर्राफा बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। शुक्रवार, 30 अक्टूबर को एक बार फिर वैश्विक बाजार से लेकर घरेलू वायदा बाजार तक दोनों कीमती धातुओं के भाव में कमजोरी दर्ज की गई।
बाजार में इस गिरावट के पीछे मिडिल ईस्ट में जारी तनाव, अमेरिका में महंगाई को लेकर चिंताएं और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जैसे कारकों का असर बताया जा रहा है। ऐसे में निवेशकों के साथ-साथ त्योहारों पर सोना-चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों की भी बाजार के रुख पर नजर बनी हुई है।
Gold Silver Price: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना और चांदी फिर फिसले
विदेशी बाजार में शुक्रवार को सोने और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। कॉमेक्स (Comex) पर सोने का भाव 0.68 फीसदी टूटकर 4,004 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं चांदी की कीमत में इससे ज्यादा कमजोरी रही। चांदी करीब 2.07 फीसदी गिरकर 51.295 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में दोनों धातुओं पर दबाव के चलते घरेलू बाजार में भी कीमतों में कमजोरी देखी गई। सोने और चांदी के भाव में आई इस गिरावट ने त्योहारों के दौरान खरीदारी करने वाले ग्राहकों का ध्यान एक बार फिर बाजार की ओर खींचा है।
Gold Silver Price: घरेलू बाजार में ₹1.41 लाख के आसपास सोने का भाव
अंतरराष्ट्रीय बाजार की कमजोरी का असर भारतीय बाजार में भी दिखाई दिया। शुक्रवार को घरेलू बाजार में सोने की कीमत गिरकर करीब 1.41 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार करती नजर आई। दूसरी ओर चांदी का भाव भी नीचे आया और यह करीब 1.87 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई।
कीमती धातुओं की कीमतों में लगातार आ रही गिरावट के बीच बाजार में खरीदारी और निवेश को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ सकती है। हालांकि, सोने-चांदी के भाव में आगे किस तरह का बदलाव होगा, यह वैश्विक बाजार की परिस्थितियों और निवेशकों की मांग पर निर्भर करेगा।
Gold Silver Price: एमसीएक्स पर सोना 800 रुपये और चांदी 2500 रुपये टूटी
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी शुक्रवार को सोने और चांदी में गिरावट देखने को मिली। दिसंबर डिलीवरी वाला सोना करीब 800 रुपये टूटकर 1,41,852 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता नजर आया।
वहीं चांदी की कीमत में लगभग 2,500 रुपये की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद चांदी का भाव 1,87,029 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गया। वायदा बाजार में आई इस कमजोरी से साफ है कि फिलहाल दोनों कीमती धातुओं पर बिकवाली का दबाव बना हुआ है।
Gold Silver Price: 24, 22 और 18 कैरेट सोने के ताजा भाव
बाजार में अलग-अलग शुद्धता वाले सोने की कीमतों में भी गिरावट का असर दिखाई दिया। उपलब्ध कारोबारी आंकड़ों के मुताबिक, 24 कैरेट सोना करीब 1,42,210 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। वहीं 22 कैरेट सोने का भाव लगभग 1,30,359 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा।
इसी तरह 18 कैरेट सोने की कीमत करीब 1,06,508 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। बुलियन बाजार में चांदी का भाव लगभग 1,87,530 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास रहा।
| धातु | कीमत |
|---|---|
| 24 कैरेट सोना | ₹1,42,210 प्रति 10 ग्राम |
| 22 कैरेट सोना | ₹1,30,359 प्रति 10 ग्राम |
| 18 कैरेट सोना | ₹1,06,508 प्रति 10 ग्राम |
| चांदी | ₹1,87,530 प्रति किलोग्राम |
Gold Silver Price: ऑल टाइम हाई से करीब 50 हजार रुपये नीचे आया सोना
इस साल 29 जनवरी को भारतीय वायदा बाजार यानी एमसीएक्स पर सोने ने अपना अब तक का सबसे ऊंचा स्तर छुआ था। उस समय सोने की कीमत बढ़कर 1,93,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऐतिहासिक रिकॉर्ड तक पहुंच गई थी। लेकिन अब बाजार में लगातार गिरावट के कारण सोना इस स्तर से काफी नीचे आ चुका है।
मौजूदा कारोबार के दौरान एमसीएक्स पर सोने का भाव करीब 1,42,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास रहा। इस तरह रिकॉर्ड ऊंचाई की तुलना में सोना लगभग 50 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो चुका है। प्रतिशत के लिहाज से देखें तो यह गिरावट करीब 25 फीसदी बैठती है।
Gold Silver Price: पुराने रिकॉर्ड तक पहुंचने के लिए सोने को लगानी होगी लंबी छलांग
सोने की मौजूदा कीमत और जनवरी में बने रिकॉर्ड स्तर के बीच बड़ा अंतर आ चुका है। अगर सोने को दोबारा 1.93 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के अपने ऐतिहासिक स्तर पर पहुंचना है, तो उसे मौजूदा भाव से करीब 25 फीसदी की बढ़त हासिल करनी होगी।
फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी और घरेलू वायदा बाजार में गिरावट के चलते सोने-चांदी की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। हालांकि, कीमती धातुओं के भाव में तेजी या गिरावट का अगला रुख वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, महंगाई, कच्चे तेल की कीमतों और निवेशकों की मांग से प्रभावित हो सकता है।


