,

Fatehpur Overloading Case: फतेहपुर में ओवरलोडिंग पर नहीं लग रही लगाम, ‘एंट्री सिंडिकेट’ की चर्चा के बीच वायरल वीडियो ने उठाए सवाल

Fatehpur Overloading Case

Fatehpur Overloading Case जिले में ओवरलोड वाहनों का संचालन लगातार जारी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर कार्रवाई के लिए अभियान चलाया जा रहा है और गठित टीमों को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया है। इसके बावजूद ओवरलोड वाहन चेकिंग व्यवस्था को चकमा देकर निकल रहे हैं। इसी बीच एक वीडियो सामने आया है, जिसमें सुबह चेकिंग के लिए पहुंचे परिवहन विभाग के पीटीओ ओवरलोड वाहनों को पकड़ने के बजाय नजरअंदाज करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

ओवरलोडिंग के साथ ‘एंट्री’ के खेल की भी चर्चा

Fatehpur Overloading Case सूत्रों के हवाले से जिले में ओवरलोड वाहनों को प्रवेश देने के बदले प्रति वाहन एक निर्धारित रकम वसूले जाने की चर्चा है। हालांकि, इस कथित सिंडिकेट और रकम के लेनदेन की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। सवाल यह है कि जब जिले में लगातार अभियान चलाने और निगरानी के दावे किए जा रहे हैं, तो ओवरलोड वाहन आखिर कैसे निकल रहे हैं।

ओवरलोडिंग के मामले में इससे पहले एसटीएफ बड़ी कार्रवाई कर चुकी है, जिसमें कई अधिकारियों पर कार्रवाई हुई थी। इसके बावजूद जिले में ओवरलोड वाहनों के संचालन पर प्रभावी रोक नहीं लग पाई है।

एआरटीओ कार्यालय में छापेमारी के बाद भी नहीं सुधरे हालात

Fatehpur Overloading Case हाल ही में एआरटीओ कार्यालय के अंदर एडीएम की छापेमारी के दौरान कई दलालों को पकड़ा गया था। इस मामले में एआरटीओ रंजीत सिंह और एक लिपिक को निलंबित किया गया था। इसके बाद भी जिले में स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं होने के आरोप लग रहे हैं।

वहीं, परिवहन विभाग की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि विभाग ओवरलोडिंग पर प्रभावी नियंत्रण के बजाय निर्धारित लक्ष्य पूरा करने तक सीमित नजर आ रहा है।

अक्टूबर में 1,318 वाहनों के चालान, 131 वाहन सीज

Fatehpur Overloading Case इस पूरे मामले पर एआरटीओ संतोष सिंह ने बताया कि अक्टूबर माह में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर ओवरलोड वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया गया। इस दौरान 1,318 वाहनों के चालान किए गए और 131 ओवरलोड वाहनों को सीज किया गया। कार्रवाई से 54 लाख 55 हजार रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।

कार्रवाई के लक्ष्य और उपलब्धि में बड़ा अंतर

Fatehpur Overloading Case विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई का लक्ष्य 430 वाहनों का निर्धारित था, जबकि सीज किए गए वाहनों की संख्या 131 रही। इसी तरह राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य एक करोड़ दो लाख रुपये था, लेकिन विभाग 54 लाख 55 हजार रुपये ही जुटा सका।

ऐसे में सवाल उठ रहा है कि निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले कार्रवाई और राजस्व प्राप्ति कम क्यों रही। वायरल वीडियो, कथित एंट्री सिंडिकेट और विभागीय कार्रवाई के आंकड़ों के बीच अब यह देखना होगा कि जांच के बाद जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कदम उठाए जाते हैं।

Read this: Aaj ka Mausam: 16 राज्यों में भारी बारिश और 80 KM की रफ्तार से आंधी का अलर्ट, यूपी-बिहार से दिल्ली तक बिगड़ेगा मौसम

Bhopal: स्वदेशी अपनाकर ही 2047 तक आत्मनिर्भर बन सकता है भारत: सुरेंद्र शर्मा

Bhopal: भारत को वर्ष 2047 तक आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वदेशी वस्तुओं…

दिल्ली में आज Diljit Dosanjh का शो, रात 10 बजे तक चलेगा कार्यक्रम; पुलिस की ट्रैफिक एडवाइजरी जारी

Diljit Dosanjh : पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री के मशहूर गायक और अभिनेता दिलजीत…

CG: Top 10

CG: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें. 1. रायपुर के आसमान में आज…

MP: Top 10

MP: मध्य प्रदेश की 10 बड़ी खबरें 1. प्यारे मियां सेक्स स्कैंडल:…

Aaj Ka Rashifal: जानें राशि के अनुसार कैसा रहेगा आज का दिन

Aaj Ka Rashifal: 30 अक्टूबर 2026, शुक्रवार का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से…

Naxal Free Villages : नक्सल मुक्त गांवों के विकास की बारी, गांव-गांव भ्रमण कर रहे अधिकारी

रिपोर्ट- प्रमोद श्रीवास्तव Naxal Free Villages : भोपाल, मध्यप्रदेश से नक्सलवाद खत्म…