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मिडटर्म चुनाव के बाद Iran पर फिर हमला कर सकते हैं ट्रंप? रिपब्लिकन की हार से बढ़ेगी सैन्य कार्रवाई की आशंका, रिपोर्ट में दावा

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Iran: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के खिलाफ एक बार फिर सैन्य अभियान शुरू करने की अटकलें तेज हो गई हैं। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका में मध्यावधि चुनाव खत्म होने के बाद ट्रंप ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान का आदेश दे सकते हैं। खास बात यह है कि अगर इन चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को हार का सामना करना पड़ता है, तो सैन्य कार्रवाई की आशंका और बढ़ सकती है।

अमेरिकी न्यूज वेबसाइट एक्सिओस ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से यह दावा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन चुनाव के बाद ईरान के खिलाफ सैन्य विकल्पों पर आगे बढ़ सकता है। हालांकि, व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने चुनाव के नतीजों और ईरान के मुद्दे को अलग-अलग बताते हुए दोनों के बीच किसी संबंध से इनकार किया है।

यह रिपोर्ट ऐसे समय आई है, जब ट्रंप कई बार संकेत दे चुके हैं कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का विकल्प अभी भी खुला हुआ है। उन्होंने यह भी कहा है कि अमेरिका या तो ईरान के साथ समझौता कर सकता है या फिर उसके खिलाफ कठोर सैन्य कदम उठा सकता है।

Iran: मिडटर्म चुनाव के बाद ईरान पर हमले की आशंका

अमेरिकी वेबसाइट एक्सिओस की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन के भीतर ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान को दोबारा शुरू करने पर विचार किया जा रहा है। रिपोर्ट में एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि यदि मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को नुकसान होता है, तो ट्रंप के ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान का आदेश देने की संभावना बढ़ सकती है।

रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि चुनाव के बाद अगले हफ्ते सैन्य कार्रवाई को लेकर फैसला लिया जा सकता है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि अमेरिका किस तरह का अभियान शुरू करेगा और उसका दायरा कितना बड़ा होगा।

दूसरी तरफ, व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने इस तरह की अटकलों पर अलग रुख रखा है। अधिकारी के मुताबिक, मध्यावधि चुनाव के परिणाम और ईरान को लेकर अमेरिकी नीति दो अलग-अलग विषय हैं। ऐसे में चुनावी नतीजों को संभावित सैन्य कार्रवाई से सीधे जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

Iran: व्हाइट हाउस में हुई सैन्य अधिकारियों की अहम बैठक

द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने गुरुवार को व्हाइट हाउस का दौरा किया था। इस दौरान उनके साथ रक्षा सचिव पीट हेगसेथ और जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन भी मौजूद थे।

बैठक में सैन्य अधिकारियों ने राष्ट्रपति ट्रंप को ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य विकल्पों की जानकारी दी। माना जा रहा है कि इस दौरान सैन्य अभियान की रणनीति, उसकी संभावित समयसीमा और क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ने वाले असर जैसे पहलुओं पर चर्चा हुई होगी। हालांकि, बैठक में किन विकल्पों पर विस्तार से बात हुई, इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अमेरिकी अधिकारियों ने खाड़ी क्षेत्र के देशों को ट्रंप प्रशासन की संभावित रणनीति के बारे में जानकारी दी है। इन देशों से कहा गया है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान को दोबारा शुरू करने पर विचार कर रहा है। ऐसे में उन्हें चुनाव के बाद संभावित छोटे लेकिन तीव्र सैन्य अभियान के लिए तैयार रहना चाहिए।

Iran: ट्रंप लगातार दे रहे हैं सैन्य कार्रवाई के संकेत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल के दिनों में कई बार ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि अमेरिका के पास ईरान के खिलाफ हमला करने का विकल्प मौजूद है, लेकिन इसके साथ ही वह समझौते की संभावना भी खुली रखना चाहते हैं।

ट्रंप ने फ्लोरिडा में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा था कि वह यह नहीं बताएंगे कि ईरान पर हमला कब हो सकता है। उनके मुताबिक, सैन्य कार्रवाई कभी भी हो सकती है, लेकिन यह भी संभव है कि दोनों देशों के बीच कोई अच्छा समझौता हो जाए।

ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान का नेतृत्व बातचीत के जरिए समझौता करना चाहता है। हालांकि, उन्होंने इस बात पर भी सवाल उठाया कि क्या ईरान किसी समझौते पर कायम रहेगा। उनके इन बयानों के बाद से ही दोनों देशों के बीच तनाव और संभावित सैन्य टकराव को लेकर अटकलें जारी हैं।

Iran: ‘एक और छोटा एपिक फ्यूरी’ अभियान शुरू कर सकते हैं ट्रंप

ट्रंप ने ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर ‘एपिक फ्यूरी’ का भी जिक्र किया है। उन्होंने कहा था कि अमेरिका एक और छोटा ‘एपिक फ्यूरी’ अभियान चला सकता है या फिर ईरान समझौते के लिए तैयार हो सकता है।

ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान को सैन्य और आर्थिक मोर्चों पर नुकसान पहुंचाया है और अब वह अपने अभियान को अंतिम नतीजे तक पहुंचाना चाहता है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि प्रस्तावित अभियान किस तरह का होगा और उसमें किन सैन्य संसाधनों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

उनके इस बयान को ईरान के खिलाफ सैन्य दबाव बनाए रखने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। एक तरफ ट्रंप बातचीत का विकल्प खुला रखने की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वह सैन्य कार्रवाई की चेतावनी भी लगातार दे रहे हैं।

Iran: ईरान को परमाणु बम नहीं बनाने देंगे: ट्रंप

डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना अमेरिका की प्रमुख प्राथमिकता है। उन्होंने दावा किया है कि वह इस मुद्दे पर स्थायी समाधान निकालना चाहते हैं और ईरान को परमाणु बम बनाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

ट्रंप के अनुसार, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकना ही अमेरिका की सैन्य और कूटनीतिक रणनीति का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा है कि जब तक इस मुद्दे का समाधान नहीं निकलता, तब तक ईरान के खिलाफ सैन्य विकल्प को पूरी तरह बंद नहीं किया जा सकता।

हालांकि, ईरान के खिलाफ किसी नए सैन्य अभियान को लेकर अभी तक ट्रंप प्रशासन की ओर से अंतिम आदेश या आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। फिलहाल अमेरिकी अधिकारियों की बैठकों, खाड़ी देशों को दी गई जानकारी और ट्रंप के बयानों के आधार पर सैन्य कार्रवाई की संभावनाओं पर चर्चा हो रही है।

Iran: चुनावी नतीजों पर टिकी दुनिया की नजर

अमेरिका के मध्यावधि चुनाव इस पूरे घटनाक्रम में अहम भूमिका निभा सकते हैं। इन चुनावों के जरिए राष्ट्रपति की पार्टी के राजनीतिक प्रदर्शन और संसद में उसकी स्थिति का आकलन किया जाता है। यदि रिपब्लिकन पार्टी को नुकसान होता है, तो ट्रंप के सामने घरेलू राजनीति में चुनौतियां बढ़ सकती हैं।

एक्सिओस की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ऐसी स्थिति में ट्रंप ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान को लेकर बड़ा फैसला ले सकते हैं। हालांकि, यह फिलहाल एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से सामने आया दावा है, न कि अमेरिकी सरकार की ओर से घोषित सैन्य योजना।

इसलिए चुनाव के बाद ईरान पर हमला होगा या नहीं, यह अभी तय नहीं है। लेकिन ट्रंप के लगातार आक्रामक बयानों और अमेरिकी सैन्य अधिकारियों की बैठकों ने पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की आशंका जरूर पैदा कर दी है।

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