Report: Vandna Rawat
UP Widow Pension Scheme पति की मृत्यु के बाद आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही महिलाओं को सहारा देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की ‘पति की मृत्यु उपरांत निराश्रित महिला पेंशन योजना’ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना के माध्यम से प्रदेश की 42 लाख से अधिक महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता दी जा रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही तक के आंकड़ों के अनुसार, प्रत्येक पात्र महिला को हर महीने एक हजार रुपये पेंशन मिल रही है। योजना का उद्देश्य जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक कठिनाइयों से राहत देने के साथ आत्मसम्मान और सम्मानजनक जीवन का आधार उपलब्ध कराना है।
परिवार की जिम्मेदारियां निभाने में मिल रही मदद
UP Widow Pension Scheme पति की मृत्यु के बाद महिलाओं के सामने परिवार की जिम्मेदारियां निभाने, बच्चों की परवरिश और रोजमर्रा के खर्च पूरे करने जैसी चुनौतियां होती हैं। ऐसे में हर महीने मिलने वाली पेंशन उनके लिए आर्थिक सहारा बन रही है। एक हजार रुपये की नियमित सहायता से लाभार्थी महिलाएं अपनी जरूरी जरूरतों को पूरा करने में मदद पा रही हैं।
प्रदेश की 42 लाख से अधिक महिलाओं तक योजना का लाभ पहुंचना निराश्रित महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों को दर्शाता है।
आधार आधारित भुगतान से बढ़ी पारदर्शिता
UP Widow Pension Scheme वित्तीय वर्ष 2024-25 से योजना के सभी लाभार्थियों को आधार आधारित भुगतान व्यवस्था से जोड़ दिया गया है। इसके तहत पेंशन सीधे आधार से जुड़े बैंक खातों में भेजी जा रही है।
महिला कल्याण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पात्रता पूरी करने वाली कोई भी महिला योजना के लाभ से वंचित न रहे। इसके लिए पात्र महिलाओं की पहचान, जागरूकता अभियान और आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।
योजना का लाभ लेने के लिए महिला का उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना, उसकी आयु 18 वर्ष से अधिक होना और पति की मृत्यु हो चुकी होना जरूरी है। इसके साथ ही परिवार की वार्षिक आय दो लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
योगी सरकार ने दोगुनी की पेंशन राशि
UP Widow Pension Scheme योजना के तहत वर्ष 2016-17 में पात्र महिलाओं को 500 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाती थी। योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2021-22 से इस राशि को बढ़ाकर एक हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया। इस तरह पेंशन राशि दोगुनी हो गई।
इस वृद्धि से लाखों लाभार्थी महिलाओं को पहले की तुलना में अधिक आर्थिक सहायता मिलने लगी। बढ़ती महंगाई और घरेलू जरूरतों के बीच पेंशन की बढ़ी हुई राशि उनके लिए अतिरिक्त आर्थिक संबल बन रही है।


