रिपोर्ट- दिलावर खान
Barwani Ganja : बड़वानी, मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। ऑपरेशन ग्रीन स्ट्राइक के तहत वरला पुलिस ने ग्राम बोरपडवा में गांजे की अवैध खेती का पर्दाफाश करते हुए 1716 हरे पौधे जब्त किए हैं। जब्त गांजे के पौधों का कुल वजन 4 क्विंटल 19 किलोग्राम बताया गया है, जबकि इनकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 41 लाख रुपये आंकी गई है। मामले में आरोपी फिलहाल फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
Barwani Ganja : मुखबिर की सूचना पर खेत में दबिश
पुलिस के मुताबिक, 31 अक्टूबर को थाना वरला पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम बोरपडवा के एक खेत में अवैध रूप से गांजे की फसल उगाई जा रही है। सूचना मिलने के बाद थाना प्रभारी नारायण रावल ने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद पुलिस की विशेष टीम गठित की गई।

पुलिस ने ड्रोन तकनीक की मदद से बताए गए स्थान और आसपास के खेतों की सघन तलाशी ली। तलाशी के दौरान खेत में गांजे के पौधे पाए गए। पुलिस टीम ने मौके से गांजे के कुल 1716 हरे पौधे जब्त किए। इनका वजन 419 किलोग्राम और अनुमानित बाजार मूल्य करीब 41 लाख रुपये बताया गया है।
Barwani Ganja : वन विभाग की मदद से आरोपियों की पहचान
अवैध खेती में शामिल लोगों की पहचान के लिए पुलिस वन विभाग का सहयोग ले रही है। खेतों की टोपोग्राफी और संबंधित अभिलेखों के आधार पर आरोपियों का पता लगाया जा रहा है। पुलिस ने इस मामले में थाना वरला में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फिलहाल आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
Barwani Ganja : वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई आईजी अनुराग और डीआईजी सिमाला प्रसाद के दिशा-निर्देशों तथा प्रभारी एसपी विनोद सिंह के निर्देशन में की गई। अभियान में एएसपी धीरज बब्बर और एसडीओपी अजय वाघमारे का मार्गदर्शन रहा।
एसडीओपी सेंधवा अजय वाघमारे ने बताया कि जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती और कारोबार के खिलाफ पुलिस का अभियान जारी है। पुलिस ने साफ किया है कि नशे के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बड़वानी पुलिस की इस कार्रवाई में 41 लाख रुपये की अनुमानित कीमत के गांजे के पौधे जब्त किए गए हैं। अब जांच का मुख्य फोकस अवैध खेती के पीछे शामिल लोगों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी पर है।


