MP Transport Education मध्यप्रदेश के परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने ग्वालियर में संभागीय समीक्षा बैठक के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए परिवहन व्यवस्था और स्कूल भवनों को लेकर सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई से तीन वर्षों में परिवहन विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। सरकार सुरक्षित और पारदर्शी परिवहन व्यवस्था लागू करने के लिए लगातार निगरानी कर रही है।
बसों के दस्तावेज और फिटनेस की होगी ऑटोमेटिक निगरानी
MP Transport Education मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि परिवहन विभाग लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है और निर्धारित दिशा-निर्देशों को सख्ती से लागू किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में पारदर्शी और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था विकसित करने पर काम हो रहा है।
उन्होंने बताया कि बसों के दस्तावेज, फिटनेस और उनकी निर्धारित आयु पूरी होने से जुड़ा डेटा कमांड सेंटर में ऑटोमेटिक तरीके से उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित की जा रही है।
15 साल पुरानी बसों को कंडम करने के नियम पर मंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था अभी शुरुआती चरण में है। उन्होंने बताया कि हर बस की स्थिति एक जैसी नहीं होती। स्कूलों में चलने वाली कुछ 15 साल पुरानी बसों का संचालन कम हुआ होता है, जबकि कुछ बसें 10 साल में ही खराब स्थिति में पहुंच जाती हैं।
उन्होंने कहा कि बसों की स्थिति का निर्णय ऑटोमेटिक फिटनेस सेंटर के आधार पर लिया जाएगा। यदि 16वें साल में भी कोई बस फिट पाई जाती है तो उसे परमिट दिया जाएगा, जबकि 11 साल में ही अनफिट होने वाली बस को हटाया जाएगा। इस संबंध में चार दिन पहले ही ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के साथ बैठक हुई है।
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा से गांवों को शहरों से जोड़ने की तैयारी
MP Transport Education मंत्री ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा को सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट बताया। उन्होंने कहा कि अगले तीन वर्षों में गांवों को शहरों से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। दूसरे राज्यों के रूटों पर भी परिवहन सेवा शुरू करने की तैयारी चल रही है। पिछले सप्ताह इस योजना की समीक्षा की गई है और अगले एक से दो महीने में सेवा शुरू होने की उम्मीद है।
ग्वालियर में 77 करोड़ रुपये की लागत से तैयार आईएसबीटी के उपयोग को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने कहा कि सरकार स्कूल भवनों और परिवहन व्यवस्था सहित अपनी सभी संपत्तियों का उपयोग सुनिश्चित करेगी। आईएसबीटी और जिला स्तर पर सुविधा केंद्र बनाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि बजट में पुरानी संपत्तियों के रखरखाव के लिए भी प्रावधान कराया गया है।
स्कूल भवनों की डिजाइन में बदलाव, लागत कम करने पर जोर
MP Transport Education स्कूल शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रदेश में कई स्कूल भवन तीन से चार साल पहले बनकर तैयार हो चुके हैं, लेकिन छोटी-छोटी कमियों के कारण उनका हस्तांतरण नहीं हो पाया है। ऐसे भवनों की समीक्षा की गई है और स्कूल भवनों की डिजाइन में बदलाव किया गया है।
उन्होंने बताया कि पहले कक्षों का आकार 24×28 रखा जाता था, जबकि सीबीएसई के मानकों के अनुसार 20×26 आकार में भी काम चल सकता है। इसी तरह पहले ग्राउंड प्लस दो मंजिल तक भवन बनाए जाते थे, जबकि अब ग्राउंड प्लस चार मंजिल के भवन बनाने की योजना है। इससे निर्माण लागत कम करने में मदद मिलेगी।
मंत्री के अनुसार, छत पर निर्माण और भवन का वजन कम करने जैसे तकनीकी पहलुओं पर विशेषज्ञों से चर्चा कर मॉडल तैयार किया गया है।
स्कूलों की सुविधाओं के लिए करीब 2800 करोड़ रुपये का प्रावधान
मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सहयोग से सरकार अगले तीन वर्षों के लिए एक साथ योजना तैयार कर रही है। इसके तहत जर्जर स्कूल भवनों, भवन विहीन स्कूलों, रखरखाव, शौचालय और विद्युतीकरण के कार्यों के लिए करीब 2800 करोड़ रुपये जारी किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार को अगले दो शैक्षणिक सत्रों में इन योजनाओं के बेहतर परिणाम देखने की उम्मीद है।


