BY: Yoganand Shrivastva
गुजरात के अहमदाबाद में हुए भीषण विमान हादसे के बाद भारत के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने बड़ा फैसला लिया है। एयर इंडिया की जिस फ्लाइट का क्रैश हुआ, वह एक बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर थी। इसी को देखते हुए DGCA ने बोइंग 787-8 और 787-9 श्रेणी के सभी विमानों की सुरक्षा जांच को और सख्त करने का आदेश जारी किया है। यह आदेश 15 जून 2025 की रात 12 बजे से प्रभावी हो जाएगा।
क्यों लिया गया ये निर्णय?
12 जून को लंदन जा रही एक फ्लाइट हादसे का शिकार हो गई थी, जिसमें 242 यात्रियों के साथ 55 क्रू सदस्य सवार थे। कुल 297 लोगों में से सिर्फ एक यात्री, रमेश विश्वास कुमार (ब्रिटिश नागरिक), ही जीवित बच पाए। इस हादसे ने देशभर में चिंता की लहर दौड़ा दी। बताया गया कि इस फ्लाइट में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी मौजूद थे।
DGCA ने सुरक्षा जांच को लेकर दिए ये सख्त निर्देश:
1. हर उड़ान से पहले विशेष तकनीकी जांच आवश्यक:
- फ्यूल पैरामीटर मॉनिटरिंग और उससे संबंधित सभी सिस्टम की बारीकी से जांच होगी।
- केबिन एयर कंप्रेसर और उससे जुड़े कम्पोनेंट्स का परीक्षण अनिवार्य किया गया है।
- इलेक्ट्रॉनिक इंजन कंट्रोल यूनिट (EEC) की कार्यप्रणाली को टेस्ट किया जाएगा।
- फ्यूल ड्रिवन एक्ट्यूएटर की कार्यक्षमता और ऑयल सिस्टम की परख की जाएगी।
- हाइड्रोलिक सिस्टम की पूरी सर्विसेबिलिटी की जांच होगी।
- टेक-ऑफ से पहले सभी पैरामीटर की समीक्षा अनिवार्य की गई है।
2. ट्रांजिट इंस्पेक्शन में बदलाव:
अब हर ट्रांजिट चेक के दौरान फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम की विशेष जांच जरूरी होगी, जो अगले आदेश तक लागू रहेगी।
3. पावर एश्योरेंस चेक:
अगले दो सप्ताह के भीतर सभी बोइंग 787-8/9 विमानों पर पावर एश्योरेंस टेस्ट कराना होगा।
4. बीते 15 दिनों में बार-बार आई गड़बड़ियों की समीक्षा:
सभी ऑपरेटर्स को कहा गया है कि बीते पखवाड़े में सामने आई बार-बार की तकनीकी दिक्कतों के आधार पर जल्द-से-जल्द मेंटेनेंस एक्शन पूरा किया जाए।





