Report: Ratan kumar
Jamtara जामताड़ा के उपायुक्त (DC) सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार ने शनिवार को करमाटांड़ प्रखंड और अंचल कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक कामकाज और योजनाओं की जमीनी हकीकत परखी। कार्यालय संचालन में लापरवाही और गंदगी देख उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी जताई और अधिकारियों को कार्यशैली में तत्काल सुधार लाने की चेतावनी दी।

Jamtara पंचायत सचिवालयों की सक्रियता और पुस्तकालयों पर जोर
उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी पंचायत सचिवालयों को नियमित रूप से खोला जाए ताकि ग्रामीणों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए प्रखंड मुख्यालय की दौड़ न लगानी पड़े। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर की समस्याओं का समाधान गांव में ही होना चाहिए। इसके साथ ही, युवाओं और छात्रों के भविष्य को देखते हुए प्रखंड क्षेत्र के सामुदायिक पुस्तकालयों को अविलंब सक्रिय (Functional) करने का आदेश दिया, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का बेहतर माहौल बन सके।

Jamtara आंगनबाड़ी सामग्री वितरण में देरी पर सख्त निर्देश
बाल विकास परियोजना की समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए एक माह पूर्व प्राप्त सामग्री (दीवार घड़ी, पंखा, एलईडी आदि) अब तक वितरित नहीं की गई है। इस पर उपायुक्त ने अधिकारियों को फटकार लगाई और भंडार पंजी को अपडेट करते हुए शीघ्र वितरण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि सरकारी योजनाओं के लाभ को रोककर रखने वाले कर्मियों पर सख्त कार्रवाई होगी।

Jamtara आधार केंद्र और आवासों का जायजा
निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने आधार सेवा केंद्र की व्यवस्थाओं को देखा और वहां आने वाले लोगों की सुविधाओं का फीडबैक लिया। उन्होंने बीडीओ एवं सीओ आवास परिसर का भी भ्रमण किया और पुराने भवनों के वर्तमान उपयोग के संबंध में आवश्यक पत्राचार करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी नूपुर कुमारी, अंचल अधिकारी चोनाराम हेंब्रम समेत अन्य विभागीय कर्मचारी उपस्थित थे।





