रिपोर्ट- कमलेश चौबे
MP 71 Years : भोपाल, एक ऐसा राज्य जो हिंदुस्तान का दिल है.. जहाँ इतिहास सांस लेता है और भविष्य आकार लेता है… 1 नवंबर 1956 को जो सफर शुरू हुआ था, वह आज 2026 में सफलता के सात दशक पूरे कर चुका है.. जानिए, कैसे चार टुकड़ों से मिलकर बना मध्य प्रदेश आज देश का ग्रोथ इंजन बन गया है..
MP 71 Years : विरासत से विकास की महागाथा
देश का दिल कहा जाना वाला मध्यप्रदेश 70 साल का हो गया है..1 नवंबर 1956 को भाषावार राज्य पुनर्गठन आयोग की सिफारिश पर चार अलग-अलग हिस्सों—मध्य भारत, विंध्य प्रदेश, भोपाल राज्य और पुराने सीपी एंड बरार को मिलाकर एक नए राज्य की नींव रखी गई। नाम मिला मध्यप्रदेश… उस वक्त राज्य में सिर्फ 43 जिले थे.. राजधानी बनी झीलों की नगरी भोपाल लेकिन चुनौती बड़ी थी.. न ढंग की सड़कें थीं, न बिजली का बड़ा नेटवर्क और पूरी अर्थव्यवस्था सिर्फ पारंपरिक खेती के भरोसे थी।
MP 71 Years : झंझावातों में भी अडिग,अविचल रहा MP
कदम आगे बढ़े, साल 1972 में प्रशासनिक फेरबदल हुआ और सीहोर से अलग होकर भोपाल को जिला बनाया गया.. 80 के दशक तक राज्य ने औद्योगिक और बुनियादी ढांचे में पैर पसारने शुरू किए.. भेल जैसे बड़े उद्योगों ने राज्य को पहचान दी.. इसी बीच, दिसंबर 1984 में भोपाल गैस त्रासदी के रूप में राज्य ने दुनिया की सबसे भीषण औद्योगिक आपदा का दंश भी झेला, जिसने राज्य की रफ्तार को कुछ समय के लिए प्रभावित किया, लेकिन प्रदेश के हौसले नहीं डिगे
मध्य प्रदेश के इतिहास में सबसे बड़ा मोड़.. क्षेत्रीय आकांक्षाओं और प्रशासनिक सुधारों के तहत राज्य के दक्षिण-पूर्वी हिस्से के 16 जिलों को अलग कर ‘छत्तीसगढ़’ नाम से नया राज्य बनाया गया। इस विभाजन से मध्यप्रदेश ने अपना एक बड़ा खनिज और वन क्षेत्र खो दिया.. कहा गया कि एमपी आर्थिक रूप से टूट जाएगा, लेकिन मध्य प्रदेश ने इस चुनौती को एक नए अवसर में बदल दिया..
MP 71 Years : ‘बीमारू’ राज्य से बना ‘बेमिसाल’ राज्य
साल 2000 के बाद का दशक मध्य प्रदेश के पुनरुत्थान का काल बना.. कभी देश के सबसे पिछड़े ‘बीमारू’ राज्यों की सूची में शामिल मध्य प्रदेश ने कृषि के क्षेत्र में वो कर दिखाया जो पंजाब और हरियाणा भी नहीं कर पाए। लगातार कई बार कृषि कर्मण पुरस्कार जीतकर एमपी देश का ‘गेंहू का कटोरा’ बन गया.. सड़कों का जाल बिछाया गया, गांवों तक 24 घंटे बिजली पहुंचाई गई और बीमारू का कलंक हमेशा के लिए मिट गया
MP 71 Years : 71 साल की स्वर्णिम विकास यात्रा
अब बात आज के आधुनिक मध्य प्रदेश की। साल 2026 में मध्य प्रदेश आज 18.48 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। देश का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर लगातार स्वच्छता का सिरमौर बना हुआ है.. कूनो में चीतों की दहाड़ के साथ यह राज्य दुनिया का सबसे बड़ा वाइल्डलाइफ हब बन चुका है.. महाकाल लोक और ओंकारेश्वर एकात्म धाम के साथ अध्यात्म और पर्यटन के नए रिकॉर्ड बन रहे हैं.. ‘विरासत से विकास’ की थीम पर चलता यह प्रदेश आज एक्सप्रेसवे और मेट्रो युग में प्रवेश कर चुका है
43 जिलों से शुरू हुआ सफर आज 55 जिलों तक पहुंच चुका है खेतों से लेकर फैक्ट्रियों तक, और प्राचीन गुफाओं से लेकर डिजिटल गवर्नेंस तक, मध्य प्रदेश ने हर कदम पर खुद को साबित किया है। स्थापना दिवस के इस गौरवशाली अवसर पर स्वदेश न्यूज चैनल की तरफ से सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं, जय मध्य प्रदेश
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