Report: Arvind Chouhan
Gwalior ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए साइबर ठगी के एक अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने शहर के एक होटल में दबिश देकर चार शातिर एजेंटों को गिरफ्तार किया है, जो होटल के कमरे को ही अपना ‘कंट्रोल रूम’ बनाकर ठगी का नेटवर्क चला रहे थे। जांच में इस गिरोह के तार पड़ोसी देश पाकिस्तान से जुड़े होने के सनसनीखेज संकेत मिले हैं।

Gwalior मुखबिर की सूचना पर होटल एचजी में क्राइम ब्रांच का छापा
क्राइम ब्रांच को गोपनीय सूचना मिली थी कि कैलाश विहार स्थित होटल एचजी (Hotel HG) में कुछ संदिग्ध युवक ठहरे हुए हैं, जो मोबाइल और लैपटॉप के जरिए संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने होटल के कमरे में घेराबंदी कर छापेमारी की। मौके पर मौजूद चार युवकों को हिरासत में लिया गया, जो डिजिटल उपकरणों के माध्यम से साइबर ठगी के नेटवर्क को संचालित कर रहे थे।

Gwalior पाकिस्तान से कनेक्शन और ठगी का तरीका
प्रारंभिक पूछताछ और पकड़े गए आरोपियों के मोबाइल डेटा की जांच में यह खुलासा हुआ है कि इस गिरोह का कनेक्शन पाकिस्तान से है। ये आरोपी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साइबर अपराध करने वाले गिरोह के लिए स्थानीय एजेंट के रूप में काम कर रहे थे। ये होटल के कमरों से ही डेटा चोरी, फिशिंग और खातों से पैसे उड़ाने जैसे कार्यों को अंजाम देते थे ताकि पकड़े जाने का खतरा कम रहे।
Gwalior आरोपियों की पहचान: राजस्थान और मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं युवक
गिरफ्तार किए गए चारों आरोपी क्षेत्रीय स्तर पर फैले हुए हैं, जो इस बात का संकेत है कि गिरोह ने स्थानीय स्तर पर अपना मजबूत नेटवर्क तैयार किया है। पकड़े गए आरोपियों में:
- एक आरोपी राजस्थान के धौलपुर का निवासी है।
- एक आरोपी मुरैना जिले का रहने वाला है।
- दो आरोपी ग्वालियर के ही निवासी हैं।
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