Isa Ahmad
PWD Commission Controversy: 4.65 करोड़ के भुगतान पर विवाद, PWD कर्मचारी पर कमीशन मांगने का आरोप
PWD Commission Controversy: भानुप्रतापपुर में लोक निर्माण विभाग (PWD) से जुड़ा एक बड़ा विवाद सामने आया है, जिसने सड़क निर्माण कार्यों और सरकारी सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला 4 करोड़ 65 लाख रुपए के भुगतान, कथित 10 लाख रुपए कमीशन की मांग और उसके बाद PWD कर्मचारी की सरेआम पिटाई से जुड़ा है। घटना का CCTV वीडियो सामने आने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के मुताबिक, पीडब्ल्यूडी संभाग भानुप्रतापपुर के कर्मचारी सूरज कुमार पर आरोप है कि उन्होंने सड़क निर्माण कंपनी से 10 लाख रुपए कमीशन की मांग की और भुगतान रोक दिया। आरोप लगाने वाले KLA कंपनी के संचालक पवन अग्रवाल हैं, जिनकी कंपनी अंतागढ़ से नारायणपुर तक सड़क निर्माण का काम कर रही है।

बताया जा रहा है कि भुगतान रुके होने से नाराज होकर पवन अग्रवाल अपने कुछ लोगों के साथ कथित तौर पर कर्मचारी सूरज कुमार के घर पहुंचे, उन्हें बाहर बुलाया और फिर मारपीट की। घटना का CCTV फुटेज अब सामने आ चुका है, जिसमें पवन अग्रवाल खुद को “एक हजार करोड़ का आदमी” बताते हुए डिवीजन में आग लगाने जैसी बातें करते दिखाई दे रहे हैं।
PWD Commission Controversy: दोनों पक्षों ने दर्ज कराई शिकायत, भ्रष्टाचार पर उठे बड़े सवाल
एक तरफ कंपनी संचालक पवन अग्रवाल ने SDOP कार्यालय में शिकायत देकर PWD कर्मचारी पर कमीशन मांगने और भुगतान लटकाने का आरोप लगाया है, वहीं दूसरी ओर कर्मचारी सूरज कुमार ने भानुप्रतापपुर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए अपनी जान को खतरा बताया है और सुरक्षा की मांग की है।
PWD Commission Controversy: हालांकि अब तक इस पूरे मामले में किसी भी पक्ष की ओर से मीडिया के सामने आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन घटना ने सड़क निर्माण और सरकारी विभागों में कथित भ्रष्टाचार को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
अब तक आम धारणा यही रही कि खराब सड़क निर्माण के लिए केवल ठेकेदार और इंजीनियर जिम्मेदार होते हैं, लेकिन इस घटनाक्रम ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि क्या विभागीय कर्मचारी भी करोड़ों के भुगतान और कमीशनखोरी के खेल का हिस्सा हैं?
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फिलहाल CCTV वीडियो सामने आने के बाद मामला प्रशासन और पुलिस के संज्ञान में है। अब देखना होगा कि कार्रवाई केवल मारपीट तक सीमित रहती है या फिर करोड़ों के भुगतान और कथित कमीशनखोरी की भी निष्पक्ष जांच की जाती है।





