Tamil Nadu: विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सामने आई है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक पार्टी ने कुल मिलाकर 107 सीटें जीत ली हैं। हालांकि राज्य में बहुमत का आंकड़ा 117 है, जिससे टीवीके 10 सीट पीछे रह गई है।
Tamil Nadu: सरकार बनाने के लिए सहयोगियों की जरूरत
विजय को सरकार बनाने के लिए कम से कम 10 अतिरिक्त विधायकों का समर्थन जुटाना होगा। राज्य में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) ही ऐसी बड़ी पार्टियां हैं जिनके पास पर्याप्त विधायक हैं, लेकिन इन दोनों के साथ टीवीके का गठबंधन होना मुश्किल माना जा रहा है। ऐसे में विजय को छोटे दलों और निर्दलीय विधायकों का सहारा लेना पड़ सकता है।
Tamil Nadu: पीएम मोदी और राहुल गांधी ने दी बधाई

नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी ने विजय को उनके प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दी हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने मतदाताओं का आभार जताते हुए तमिलनाडु के विकास के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई, जबकि राहुल गांधी ने विजय से बातचीत कर उन्हें बधाई दी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के योगदान की सराहना की।
Tamil Nadu: कांग्रेस के साथ बढ़ सकती है नजदीकी
चुनाव से पहले भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कई नेता टीवीके के साथ गठबंधन के पक्ष में थे, लेकिन पार्टी डीएमके गठबंधन में बनी रही। अब नतीजों के बाद कांग्रेस में मंथन जारी है। विजय के पिता ने कांग्रेस को खुला न्योता देते हुए सरकार बनाने के लिए समर्थन मांगा है। माना जा रहा है कि कांग्रेस टीवीके को बाहर से समर्थन दे सकती है या गठबंधन में शामिल हो सकती है।
Tamil Nadu: बीजेपी के साथ गठबंधन की संभावना बेहद कम
टीवीके ने चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी को वैचारिक विरोधी बताया था और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन से दूरी बनाए रखी थी। विजय ने स्पष्ट किया था कि वह सांप्रदायिक ताकतों के साथ कोई समझौता नहीं करेंगे। ऐसे में मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए बीजेपी के साथ गठबंधन की संभावना बेहद कम नजर आ रही है।
Tamil Nadu: छोटे दलों और वामपंथी पार्टियों पर नजर
वर्तमान स्थिति में विजय के पास सबसे व्यवहारिक विकल्प छोटे क्षेत्रीय दलों, निर्दलीय विधायकों और वामपंथी पार्टियों के साथ मिलकर सरकार बनाने का है। उनकी छवि एक सेकुलर और द्रविड़ राजनीति के समर्थक नेता के रूप में उभर रही है, जो इस तरह के गठबंधन को मजबूती दे सकती है।
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