Bengal CM : PM का कमाल, भगवामय हुआ बंगाल,शुभेंदु की ताजपोशी, नए बंगाल का उदय
Bengal CM : पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के साथ नई राजनीतिक पटकथा लिखी गई। शुभेंदु अधिकारी की शपथ के साथ ही बंगाल की राजनीति अब भगवा, राष्ट्रवाद और हिंदुत्व के नए अग्निपथ पर बढ़ती दिखाई दे रही है। लंबे समय तक तृणमूल के गढ़ रहे बंगाल में अब भाजपा ने वैचारिक और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर बड़ा संदेश देने की कोशिश की है। शपथ ग्रहण समारोह में राष्ट्रवाद, सांस्कृतिक अस्मिता और हिंदुत्व के मुद्दे प्रमुखता से उभरे।भाजपा नेताओं ने इसे नए बंगाल की शुरुआत बताया, जहां विकास के साथ-साथ राष्ट्रवादी विचारधारा को भी सरकार की प्राथमिकता माना जा रहा है। शुभेंदु अधिकारी की ताजपोशी सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि बंगाल की राजनीतिक संस्कृति में बड़े बदलाव का संकेत है।अब लंबे समय से क्षेत्रीय दलों के प्रभाव वाले बंगाल में भारतीय जनता पार्टी ने अपनी मजबूत पकड़ बना ली है। चुनावी नतीजों ने साफ संकेत दिया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आक्रामक चुनावी रणनीति, लगातार जनसभाएं और संगठनात्मक मजबूती का असर जनता पर दिखाई दिया। बीजेपी ने बंगाल में राष्ट्रवाद, विकास और भ्रष्टाचार के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। केंद्रीय योजनाओं और हिंदुत्व की राजनीति ने भी पार्टी के पक्ष में माहौल तैयार किया और बंगाल में बीजेपी का जनाधार तेजी से बढ़ा। अब बंगाल के विकास का एजेंडा है, राष्ट्रवाद की बात है, कानून व्यवस्था और सुरक्षा का संकल्प है। तो भगवा लहर भी। सवाल यह है कि क्या बीजेपी इस जीत को स्थायी राजनीतिक बढ़त में बदल पाएगी और बंगाल की राजनीति में नया अध्याय लिखेगी। साथ ही अब सबकी नजर इस बात पर भी होगी कि क्या शुभेंदु अधिकारी की अगुवाई में भाजपा बंगाल में अपने “भगवामय” राजनीतिक एजेंडे को जमीन पर उतार पाती है या नहीं।।।इसी मुद्दे पर करेंगे चर्चा लेकिन पहले ये रिपोर्ट देख लेते हैं।।।
Bengal CM : बंगाल की राजनीति अब नए दौर में प्रवेश कर चुकी है, बंगाल में अब भाजपा की सरकार है, बंगाल अब भगवामय है, बंगाल में अब हिंदुत्व की लहर के साथ चहुंओर भगवा लहरा रहा है। पश्चिम बंगाल की सियासत में सत्ता का एक नया अध्याय शुरू हो गया है। लंबे समय से चले आ रहे सियासी संघर्ष के बाद अब बंगाल की सत्ता पर भगवा रंग चढ़ा हुआ है। शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में नई सरकार बनने के बाद राज्य की सियासत पूरी तरह हिंदुत्व विचारधारा के साथ भगवामय नजर आ रही है। चुनावी नतीजों ने राज्य की राजनीति की दिशा और दशा दोनों को ही बदल दिया हैं। शुभेंदु के शपथ ग्रहण समारोह में राष्ट्रवाद, सांस्कृतिक पहचान और हिंदुत्व के मुद्दे प्रमुखता से उभरकर सामने आए। बीजेपी समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला, वहीं पार्टी नेतृत्व ने इसे नए बंगाल की शुरुआत बताया।
Bengal CM : पश्चिम बंगाल में BJP की पहली सरकार बन गई। सुवेंदु अधिकारी ने CM पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण के दौरान शुभेंदु भगवा रंग में नजर आए। उन्होंने बांग्ला में ईश्वर के नाम पर शपथ ली। PM मोदी के पास गए और झुककर प्रणाम किया। पीएम मोदी ने उनकी पीठ थपथपाकर शुभकामनाएं दीं।वहीं, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने सुवेंदु को गेरुआ गमछा ओढ़ाया। जिसको भी हिंदुत्व विचारधारा याने भगवा से जोड़कर देखा जा रहा है। शपथ समारोह के आखिर में PM मोदी ने मंच से परेड ग्राउंड में मौजूद लोगों को धन्यवाद किया। इस दौरान वे घुटनों के बल बैठे और जनता का अभिवादन किया। समारोह में पीएम मोदी का पार्टी के बुजुर्ग कार्यकर्ता के पैर छुना, सभी को बड़ा संदेश दे गया। नये मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी समेत बीजेपी नेतृत्व ने इसे बंगाल में परिवर्तन की जीत बताया।
Bengal CM : पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमित शाह के नेतृत्व में बीजेपी ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए बंगाल की सत्ता में मजबूत दस्तक दी है। लंबे समय तक क्षेत्रीय राजनीति के गढ़ रहे बंगाल में अब भगवा रंग गहराता नजर आ रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान राष्ट्रवाद, हिंदुत्व, विकास, घुसपैठ और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दे बीजेपी के लिए बड़े हथियार साबित हुए।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आक्रामक चुनावी रणनीति, बूथ स्तर तक संगठन की मजबूती और केंद्रीय योजनाओं के असर ने बीजेपी को बंगाल में नई ताकत दी।सत्ता विरोधी लहर और संगठनात्मक मजबूती ने भी पार्टी को बंगाल में सत्ता के शिखर तक पहुंचाया।बंगाल में बीजेपी की इस जीत को सिर्फ एक चुनावी सफलता नहीं, बल्कि वैचारिक बदलाव के तौर पर भी देखा जा रहा है। बंगाल में अब नई सरकार के साथ हिंदुत्व, राष्ट्रवाद और विकास की राजनीति को नई धार मिलने की चर्चा शुरू हो गईं हैं।
Bengal CM : बंगाल में यह बदलाव केवल सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि वैचारिक परिवर्तन के रूप में भी देखा जा रहा है। बीजेपी अब राज्य में संगठन विस्तार के साथ हिंदुत्व और विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाने की तैयारी में है।शुभेंदु अधिकारी की शपथ के साथ बंगाल में अब यह सवाल सबसे बड़ा है कि क्या भगवा राजनीति, राज्य में स्थायी पकड़ बना पाएगी, या फिर आने वाले समय में सियासी संघर्ष और तेज होगा।
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