Aaj ka Panchang: 5 मई 2026, मंगलवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज अंगारक चतुर्थी व्रत, गंडमूल योग और चंद्रमा के राशि परिवर्तन जैसे विशेष संयोग बन रहे हैं। पंडित के अनुसार, आज सही मुहूर्त में किया गया कार्य विशेष सफलता और शुभ फल प्रदान कर सकता है।
पंचांग के मुख्य विवरण
आज विक्रम संवत 2083 और शक संवत 1948 चल रहा है। संवत्सर का नाम ‘रौद्र’ है और ऋतु ग्रीष्म है। मास प्रथम ज्येष्ठ (शुद्ध) और पक्ष कृष्ण है। हिजरी सन् 1447 के अनुसार यह 17 जिल्काद का दिन है।
तिथि, नक्षत्र और योग
आज पूरे दिन चतुर्थी तिथि रहेगी। ज्येष्ठा नक्षत्र दोपहर 12:55 बजे तक रहेगा, जिसके बाद मूल नक्षत्र शुरू होगा। शिव योग रात्रि 12:16 बजे तक रहेगा, इसके बाद सिद्ध योग प्रारंभ होगा। करण की बात करें तो बव करण शाम 6:38 बजे तक रहेगा, उसके बाद बालव करण रहेगा।
चौघड़िया और शुभ मुहूर्त
आज का चौघड़िया इस प्रकार है—
सुबह 9:07 से 10:45 तक चर (सामान्य/शुभ),
10:45 से 12:23 तक लाभ (शुभ),
12:23 से 2:02 तक अमृत (अत्यंत शुभ),
दोपहर 3:40 से 5:19 तक शुभ चौघड़िया रहेगा।
विशेष रूप से 12:23 से 2:02 बजे तक का समय सबसे उत्तम माना गया है।
राहुकाल और दिशा शूल
आज राहुकाल दोपहर 3:00 बजे से 4:30 बजे तक रहेगा। इस दौरान कोई भी शुभ कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।
दिशा शूल उत्तर दिशा में रहेगा, इसलिए उत्तर दिशा की यात्रा टालना बेहतर रहेगा।
व्रत और विशेष महत्व
आज अंगारक चतुर्थी व्रत रखा जाएगा, जो भगवान गणेश को समर्पित है। इसके अलावा गंडमूल योग पूरे दिन-रात प्रभावी रहेगा। जयपुर में चंद्रोदय रात 10:32 बजे होगा। विवाह मुहूर्त मूल नक्षत्र में माना गया है।
चंद्रमा का राशि परिवर्तन
आज चंद्रमा दोपहर 12:55 बजे तक वृश्चिक राशि में रहेगा और इसके बाद धनु राशि में प्रवेश करेगा। इसका प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग पड़ेगा।
आज जन्म लेने वाले बच्चों का भविष्य संकेत
आज दोपहर 12:55 बजे तक जन्म लेने वाले बच्चों की राशि वृश्चिक होगी, जबकि इसके बाद जन्म लेने वालों की राशि धनु होगी।
ज्येष्ठा और मूल नक्षत्र के अनुसार बच्चों के नाम के प्रथम अक्षर ‘यी, यू, ये, यो, भ’ रखे जा सकते हैं।
राशि अनुसार स्वभाव संकेत
वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल होते हैं, जिससे जातक साहसी, परिश्रमी और दृढ़ निश्चयी होते हैं।
वहीं धनु राशि के स्वामी बृहस्पति हैं, जो जातकों को ज्ञानी, उदार, धार्मिक और परोपकारी बनाते हैं, हालांकि इनमें क्रोध जल्दी आने की प्रवृत्ति भी देखी जाती है।





