Somnath Swabhiman Yatra: भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से गुरुवार को ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा’ के प्रथम जत्थे को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस धार्मिक यात्रा में मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से करीब 1100 श्रद्धालु शामिल हुए, जो भगवान सोमनाथ के दर्शन के लिए गुजरात रवाना हुए हैं।
Somnath Swabhiman Yatra: आस्था और स्वाभिमान का प्रतीक बनी यात्रा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा कि ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा’ केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, गौरव और स्वाभिमान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर भारत की सनातन परंपरा, पुनर्जागरण और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक रहा है।
Somnath Swabhiman Yatra: धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देने की पहल

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार नए प्रयास कर रही है। प्रदेश में धार्मिक स्थलों को बेहतर सुविधाओं से जोड़ने और श्रद्धालुओं की यात्रा को आसान बनाने के लिए कई योजनाओं पर काम किया जा रहा है। सरकार हेली पर्यटन सेवाओं के जरिए ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग, महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग और मां शारदा मंदिर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों तक यात्रा को अधिक सुगम बना रही है।
Somnath Swabhiman Yatra: 21 पवित्र नदियों का जल लेकर पहुंचे श्रद्धालु
इस विशेष यात्रा की खास बात यह रही कि श्रद्धालु अपने साथ 21 पवित्र नदियों का जल भी लेकर रवाना हुए हैं। इस जल से सोमनाथ धाम में अभिषेक किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सोमनाथ भारत के विकास, विरासत और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है।
Somnath Swabhiman Yatra: विरासत से विकास की ओर बढ़ता मध्यप्रदेश

डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देश में “विरासत से विकास” की सोच को आगे बढ़ाया जा रहा है। मध्यप्रदेश सरकार भी इसी दिशा में कार्य करते हुए सनातन संस्कृति, धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने का प्रयास कर रही है।
Somnath Swabhiman Yatra: श्रद्धालुओं ने जताई खुशी
यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने सरकार द्वारा धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। यात्रियों का कहना है कि इस तरह की यात्राएं लोगों को अपनी संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने का काम करती हैं।
Somnath Swabhiman Yatra: मध्यप्रदेश को आध्यात्मिक पर्यटन हब बनाने पर फोकस
मुख्यमंत्री लगातार मध्यप्रदेश को देश का प्रमुख आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र बनाने की बात कह रहे हैं। इसी दिशा में प्रदेश में धार्मिक यात्राओं, तीर्थ सर्किट और सांस्कृतिक आयोजनों को विकसित करने पर तेजी से काम किया जा रहा है।
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