Edit By : Aanya Saran
US : अमेरिका ने भारत को 657 चोरी की गई प्राचीन कलाकृतियाँ वापस सौंपी हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत लगभग 14 मिलियन डॉलर यानी 117 करोड़ बताई जा रही है। इस ऐतिहासिक वापसी की घोषणा एल्विन ब्रैग ने की। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई एक व्यापक अंतरराष्ट्रीय अभियान का हिस्सा है, जबकि अन्य चोरी की गई सांस्कृतिक वस्तुओं की बरामदगी की प्रक्रिया अभी भी जारी है।

US : अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क पर कार्रवाई
बरामद की गई कलाकृतियों का पता एक संगठित अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क की जांच के दौरान लगाया गया। इस जांच में बदनाम आर्ट डीलर सुभाष कपूर और दोषी तस्कर नैन्सी वीनर से जुड़े मामलों की भी अहम भूमिका रही।अधिकारियों ने बताया कि इन कलाकृतियों को खोजने में कई वर्षों का समय लगा। इनमें से कई वस्तुएँ अवैध रूप से भारत से बाहर ले जाई गई थीं और बाद में विदेशों में बेची गईं।
US : भारत ने कलाकृतियों की वापसी का स्वागत किया
एक आधिकारिक समारोह के दौरान इन कलाकृतियों को भारत को सौंपा गया, जिसमें राजलक्ष्मी कदम सहित कई भारतीय अधिकारी उपस्थित रहे। भारतीय प्रतिनिधि बिनय प्रधान ने इस प्रक्रिया में सहयोग के लिए अमेरिकी एजेंसियों का आभार व्यक्त किया और सांस्कृतिक धरोहरों की सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना की।
US : दुर्लभ और मूल्यवान कलाकृतियाँ शामिल
इस संग्रह में कई अत्यंत महत्वपूर्ण और दुर्लभ प्राचीन वस्तुएँ शामिल हैं:
- अवलोकितेश्वर की एक दुर्लभ कांस्य प्रतिमा, जिसकी कीमत लगभग 2 मिलियन डॉलर आंकी गई है। यह मूर्ति मूल रूप से छत्तीसगढ़ से चोरी हुई थी और दशकों पहले तस्करी कर बाहर ले जाई गई थी।
- गणेश की एक बलुआ पत्थर की प्रतिमा, जिसे मध्य प्रदेश के एक मंदिर से लूटा गया था और बाद में अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचा गया।
- बुद्ध की लाल बलुआ पत्थर की एक प्रतिमा, जिसकी अनुमानित कीमत 7.5 मिलियन डॉलर है, जिसे तस्करी के माध्यम से न्यूयॉर्क पहुँचाया गया था।
इन कलाकृतियों में से कई वस्तुएँ पहचान और जब्ती से पहले निजी संग्रहों और अंतरराष्ट्रीय नीलामी घरों से होकर गुज़री थीं।
US : वर्षों लंबी जांच और वैश्विक सहयोग
मैनहैटन डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी की एंटीक्विटीज़ ट्रैफिकिंग यूनिट और होमलैंड सिक्योरिटी इन्वेस्टिगेशंस सहित कई एजेंसियाँ पिछले एक दशक से इस तरह की चोरी और तस्करी पर रोक लगाने के लिए काम कर रही हैं।अब तक इस यूनिट ने लगभग 6,200 से अधिक कलाकृतियाँ बरामद की हैं, जिनकी कुल कीमत सैकड़ों मिलियन डॉलर आँकी जाती है। यह कार्रवाई सांस्कृतिक धरोहरों की सुरक्षा और अवैध तस्करी के खिलाफ वैश्विक प्रयासों को और मजबूत करती है।
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