Report: Prem Shrivastva
Jamshedpur इंसानी लापरवाही और लचर बिजली व्यवस्था एक बार फिर बेजुबान वन्यजीवों पर भारी पड़ी है। चांडिल वन क्षेत्र के कुकड़ू प्रखंड में बिजली के करंट की चपेट में आने से एक विशालकाय जंगली नर हाथी की दर्दनाक मौत हो गई। बुधवार की सुबह तिरूलडीह और सापारूम गांव के बीच खेत में हाथी का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों में इस घटना को लेकर विभाग के प्रति भारी आक्रोश है।
Jamshedpur करंट की चपेट में आया नर हाथी: सुबह खेतों में मिला शव
घटना मंगलवार देर रात की बताई जा रही है। सुबह जब ग्रामीण अपने खेतों की ओर निकले, तो उन्होंने हाथी को जमीन पर गिरा हुआ पाया। हाथी के शरीर में बिजली के नंगे तार लिपटे हुए थे, जिससे साफ है कि उसकी मौत करंट लगने से हुई है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम के बाद हाथी के शव को घटनास्थल के पास ही पूरे सम्मान के साथ दफनाया जाएगा।
Jamshedpur लचर व्यवस्था पर फूटा गुस्सा: लटकते तार दे रहे हादसों को दावत
ग्रामीणों ने बिजली विभाग और वन विभाग के बीच तालमेल की कमी को इस हादसे का मुख्य कारण बताया है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में बिजली के तार काफी नीचे लटके हुए हैं, जिसकी शिकायत कई बार की जा चुकी है। यह मृत हाथी एक बड़े झुंड का हिस्सा था, जिससे अब ग्रामीणों को यह डर सता रहा है कि झुंड के अन्य हाथी भी इन तारों की चपेट में आ सकते हैं। इस खतरे को देखते हुए ग्रामीणों ने तुरंत तारों को ऊंचा करने की मांग की है।
Jamshedpur सिलसिलेवार मौतें: नहीं थम रहा हाथियों की जान जाने का सिलसिला
चांडिल और आसपास के इलाकों में हाथियों की मौत का यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले कुछ वर्षों का रिकॉर्ड डराने वाला है:
- जून 2025: हेवन और अमबेड़ा गांव में दो अलग-अलग घटनाओं में हाथियों की मौत।
- नवंबर 2023: मुसाबनी में एक साथ 5 हाथियों ने करंट से जान गंवाई।
- चाकुलिया: यहाँ भी मात्र 24 घंटे के भीतर 2 हाथियों की मौत हुई थी।
लगातार हो रही इन घटनाओं के बावजूद प्रशासन की चुप्पी और ठोस सुधारों की कमी पर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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