BY
Yoganand Shrivastava
Kolkata उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल की जिन 22 सीटों पर चुनावी जनसभाएं और रोड शो किए थे, उनमें से 19 सीटों पर बीजेपी ने शानदार जीत दर्ज की है। लगभग 90 फीसदी के इस प्रभावशाली स्ट्राइक रेट ने राज्य में बीजेपी के पक्ष में माहौल बनाने में अहम भूमिका निभाई।

Kolkata योगी के प्रचार वाले क्षेत्रों में बीजेपी का दबदबा
योगी आदित्यनाथ के प्रचार का असर राज्य के विभिन्न अंचलों में स्पष्ट रूप से देखा गया। उनके द्वारा संबोधित प्रमुख सीटों पर बीजेपी उम्मीदवारों ने बड़े अंतर से जीत हासिल की:

- माथाभांगा: यहाँ से निसिथ प्रामाणिक ने 57,090 वोटों के विशाल अंतर से जीत दर्ज की।
- बांकुडा: रोड शो के बाद यहाँ नीलाद्री शेखर दाना 54,177 वोटों से विजयी रहे।
- धुपगुड़ी: नरेश रॉय ने 38,550 वोटों के अंतर से जीत हासिल की।
- चकदहा: बंकिम चंद्र घोष 36,945 वोटों से जीतने में सफल रहे।
- अन्य प्रमुख जीतें: कांथी दक्षिण (31,472 वोट), नंदकुमार (30,603 वोट) और कल्याणी (34,792 वोट) जैसी सीटों पर भी योगी आदित्यनाथ के प्रचार ने जीत की राह आसान की।
Kolkata TMC के 15 साल के शासन का हुआ अंत
इस चुनाव में बीजेपी ने कुल 207 सीटें जीतकर दो-तिहाई से अधिक बहुमत हासिल किया है। इसके साथ ही पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 15 साल पुराने शासन का समापन हो गया है। 293 सीटों पर हुई मतगणना में बहुमत के लिए 147 सीटों की आवश्यकता थी, जिसे बीजेपी ने आसानी से पार कर लिया। हालांकि, योगी के प्रचार वाली तीन सीटों—धानेखाली, बोलपुर और उदयनारायणपुर—पर TMC अपनी पकड़ बचाने में सफल रही।

Kolkata ऐतिहासिक बहुमत और पहली बार बीजेपी सरकार
इस प्रचंड जीत के साथ यह साफ हो गया है कि पश्चिम बंगाल में अब पहली बार बीजेपी का मुख्यमंत्री होगा। योगी आदित्यनाथ की रैलियों ने न केवल हिंदू वोटों के ध्रुवीकरण में मदद की, बल्कि विकास और सुशासन के संदेश को भी मजबूती से पहुँचाया। जोरासांको (5,797 वोट) जैसी कठिन सीटों से लेकर राजारहाट गोपालपुर (27,757 वोट) तक, बीजेपी ने राज्य के लगभग हर हिस्से में अपना प्रभाव स्थापित किया है।





