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दिल्ली में 15 मई से बदल जाएंगे कई नियम, रहन-सहन और आवाजाही पर दिखेगा असर

BY: Yoganand Shrivatva

दिल्ली : राजधानी दिल्ली में प्रदूषण की बढ़ती समस्या को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। 15 मई 2025 से राजधानी में कई नए नियम लागू किए जाएंगे, जिनका असर आम नागरिकों के दैनिक जीवन, ट्रैफिक व्यवस्था और कारोबार पर भी देखने को मिलेगा। दिल्ली सरकार ने हाल ही में एक उच्चस्तरीय बैठक में इन बदलावों पर चर्चा की, जिसमें कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

सरकार की सख्त तैयारी: क्या होंगे बदलाव?

दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने एक बैठक की जानकारी साझा करते हुए बताया कि सरकार अवैध निर्माण, प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों और अतिक्रमण पर कार्रवाई को लेकर गंभीर है। उन्होंने बताया कि एमसीडी, पीडब्ल्यूडी, बीएसईएस, डीजेबी और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर काम किया जाएगा ताकि शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाया जा सके।

नए नियमों की मुख्य बातें:

  1. निर्माण स्थलों पर निगरानी उपकरण अनिवार्य:
    अब 500 गज या उससे बड़े क्षेत्र में निर्माण कार्य करने वालों को एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग डिवाइस लगाना अनिवार्य होगा। यह डिवाइस सीधे कंट्रोल रूम से जुड़ा रहेगा और प्रदूषण के स्तर के बढ़ते ही बिल्डर को चेतावनी दी जाएगी।
  2. एंटी स्मॉग गन लगाना अनिवार्य:
    छह मंजिला या उससे ऊंची इमारतों, शॉपिंग मॉल्स, सरकारी और निजी दफ्तरों सहित सभी गैर-आवासीय परिसरों में एंटी स्मॉग गन लगानी होगी।
  3. 15 साल पुराने वाहनों पर शिकंजा:
    दिल्ली में प्रवेश करते ही 15 साल से अधिक पुराने वाहनों को अलर्ट मैसेज भेजा जाएगा। यदि वे तय समय में शहर से बाहर नहीं निकले, तो उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
  4. अवैध मांस की दुकानों पर कार्रवाई:
    सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि 24 घंटे के भीतर अवैध रूप से चल रही मांस की दुकानों को बंद करवाया जाए। अब केवल लाइसेंस प्राप्त दुकानों को ही संचालन की अनुमति होगी। साथ ही, रिहायशी इलाकों में ऐसी दुकानें नहीं चल सकेंगी, और नियम न मानने पर दुकानें सील की जाएंगी।
  5. वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट को राहत:
    ऐसे संयंत्रों को अब ब्लू कैटेगरी में रखा गया है, जिससे उन्हें दो साल अतिरिक्त संचालन की अनुमति मिल सकेगी। अब ये संयंत्र कुल 7 साल तक चालू रह सकेंगे।

इन कदमों के पीछे सरकार का उद्देश्य है कि दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार किया जाए और शहर को अधिक साफ-सुथरा और रहने लायक बनाया जा सके। हालांकि, इन नियमों के लागू होने से आम जनता को कुछ दिक्कतें हो सकती हैं, लेकिन लंबी अवधि में इसका लाभ सभी को मिलेगा।

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