BY: Yoganand Shrivastva
9 Year Old Vrishvardhan Sharma बेंगलुरु के 9 वर्षीय वृषवर्धन शर्मा ने अपनी असाधारण स्मरण शक्ति और तकनीकी प्रतिभा से लोगों का ध्यान खींचा है। महज पांच साल की उम्र में उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता के सभी 700 श्लोक याद कर लिए थे। इसके बाद आठ साल की उम्र तक उन्होंने महर्षि पाणिनि की अष्टाध्यायी के करीब 4 हजार सूत्र और अमरकोश भी कंठस्थ कर लिए।
कॉलेज छात्रों के बीच हासिल किया पहला स्थान
9 Year Old Vrishvardhan Sharma वृषवर्धन की प्रतिभा का प्रदर्शन मार्च 2026 में कांचीपुरम में आयोजित अखिल भारतीय शास्त्रोत्सव में भी देखने को मिला। यहां उन्होंने अष्टाध्यायी कंठपाठ प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया। इस प्रतियोगिता में उनके सामने 18 से 25 वर्ष की उम्र के कॉलेज छात्र भी शामिल थे।
यह लगातार तीसरा वर्ष था जब वृषवर्धन ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में पदक हासिल किया। इससे पहले वह अयोध्या और हरिद्वार में भी पदक जीत चुके हैं।
संस्कृत के साथ तकनीक का भी इस्तेमाल
9 Year Old Vrishvardhan Sharma वृषवर्धन ने संस्कृत ग्रंथों को याद करने के साथ-साथ तकनीक के जरिए उन्हें लोगों तक पहुंचाने की दिशा में भी काम किया है। उन्होंने ‘गीतावर्धन’ नाम से एक मोबाइल ऐप तैयार किया है, जिसमें 13 भारतीय भाषाओं में पूरी भगवद्गीता उपलब्ध है।
इस ऐप में श्लोकों का पाठ वृषवर्धन की अपनी आवाज में किया गया है। खास बात यह है कि ऐप का इस्तेमाल इंटरनेट के बिना भी किया जा सकता है। यह निःशुल्क है, इसमें विज्ञापन नहीं हैं और दावा किया गया है कि यह उपयोगकर्ताओं का व्यक्तिगत डेटा भी एकत्र नहीं करता।
पॉकेट साइज गीता रीडर भी बनाया
9 Year Old Vrishvardhan Sharma वृषवर्धन ने माइक्रोकंट्रोलर, स्क्रीन और स्पीकर की मदद से पॉकेट साइज के ‘गीता रीडर’ उपकरण भी तैयार किए हैं। इनमें से एक उपकरण को आवाज के जरिए नियंत्रित किया जा सकता है।
इसके अलावा उन्होंने कन्नड़, तमिल और तेलुगु सीखने के लिए भी ऐप तैयार किए हैं। इस तरह वृषवर्धन कम उम्र में संस्कृत अध्ययन, स्मरण शक्ति और तकनीक को एक साथ जोड़कर काम कर रहे हैं।


