Nasha Mukt Bharat Campaign : मध्यप्रदेश में युवाओं को नशे से दूर रखने और विद्यार्थियों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रदेश के शासकीय और अशासकीय महाविद्यालयों में ‘नशामुक्त भारत’ अभियान के तहत व्यापक, चरणबद्ध और निरंतर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी संबंधित शिक्षण संस्थानों को निर्देश जारी किए हैं।
Nasha Mukt Bharat Campaign : डॉ. द्विवेदी के सुझाव पर उच्च शिक्षा विभाग सक्रिय
युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को रोकने के उद्देश्य से देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर के तत्कालीन कार्य परिषद सदस्य डॉ. ए.के. द्विवेदी ने मध्यप्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग के मंत्री को सुझाव भेजे थे। 3 सितंबर 2026 को भेजे गए पत्र में उन्होंने महाविद्यालयों में ऐसा सकारात्मक और स्वस्थ वातावरण तैयार करने की आवश्यकता बताई थी, जिससे विद्यार्थी नशे जैसी सामाजिक समस्या से दूर रह सकें।
डॉ. द्विवेदी ने अपने सुझाव में व्यापक स्तर पर नशामुक्ति जागरूकता अभियान चलाने और विद्यार्थियों के बीच संवाद एवं जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया था।
Nasha Mukt Bharat Campaign : 15 सितंबर को कार्रवाई के लिए भेजा गया पत्र
डॉ. द्विवेदी के सुझावों को गंभीरता से लेते हुए विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी, उच्च शिक्षा, मध्यप्रदेश शासन की ओर से 15 सितंबर 2026 को आयुक्त, उच्च शिक्षा को आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया। इसके बाद उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी संबंधित उच्च शिक्षण संस्थानों तक इस संबंध में निर्देश पहुंचाए।
Nasha Mukt Bharat Campaign : 24 सितंबर को सभी कॉलेजों को जारी हुए निर्देश
आयुक्त, उच्च शिक्षा कार्यालय की ओर से 24 सितंबर 2026 को प्रदेश के सभी शासकीय विश्वविद्यालयों, मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग और शासकीय, अनुदान प्राप्त अशासकीय एवं निजी महाविद्यालयों को निर्देश जारी किए गए।
इन निर्देशों में संबंधित संस्थानों में ‘नशामुक्त भारत’ अभियान के अंतर्गत व्यापक, चरणबद्ध और निरंतर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना सुनिश्चित करने को कहा गया है। साथ ही आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों की संक्षिप्त जानकारी उच्च शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
Nasha Mukt Bharat Campaign : युवाओं को नशे से बचाने पर जोर
इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं के बीच नशे के दुष्प्रभावों को लेकर जागरूकता बढ़ाना है। कॉलेजों में लगातार जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए विद्यार्थियों को नशे से होने वाले सामाजिक, मानसिक और शारीरिक नुकसान के बारे में जानकारी देने पर जोर रहेगा।
शिक्षण संस्थानों को युवाओं के लिए सकारात्मक और स्वस्थ वातावरण तैयार करने की दिशा में भी भूमिका निभाने की जरूरत बताई गई है। जागरूकता के साथ विद्यार्थियों के साथ संवाद और निरंतर मार्गदर्शन को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Nasha Mukt Bharat Campaign : डॉ. द्विवेदी ने बताया जागरूकता को जरूरी
डॉ. ए.के. द्विवेदी का कहना है कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए केवल उपचार पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए समय रहते जागरूकता, संवाद, सकारात्मक वातावरण और निरंतर मार्गदर्शन जरूरी है।
उनके अनुसार महाविद्यालय युवाओं तक सीधे पहुंचने वाले महत्वपूर्ण संस्थान हैं और नशामुक्ति की दिशा में विद्यार्थियों के बीच जागरूकता पैदा करने में इनकी प्रभावी भूमिका हो सकती है।
Nasha Mukt Bharat Campaign : प्रदेशभर के कॉलेजों में चलेगा अभियान
उच्च शिक्षा विभाग के निर्देश के बाद अब मध्यप्रदेश के शासकीय, अनुदान प्राप्त अशासकीय और निजी महाविद्यालयों में ‘नशामुक्त भारत’ अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने का रास्ता साफ हो गया है। कार्यक्रमों को चरणबद्ध और निरंतर तरीके से संचालित करने के साथ उनकी जानकारी विभाग को उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है।
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