रिपोर्टर – आगस्टीन हेम्बरम
Dumka Land For Job Demand दुमका सदर प्रखंड के दिग्घी गांव के रैयतों ने जमीन के बदले नौकरी देने की मांग को लेकर शुक्रवार को फुलो झानो मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गजेन्द्र कुमार सिंह से मुलाकात की। झारखंड छात्र समन्वय समिति के छात्र नेता श्यामदेव हेम्ब्रम, राजीव बास्की, राजेन्द्र मुर्मू और ग्राम प्रधान सुहागिनी टुडू के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण प्राचार्य से मिलने पहुंचे। ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर प्राचार्य को ज्ञापन भी सौंपा।
प्रभावित रैयतों को बहाली में प्राथमिकता देने की मांग
Dumka Land For Job Demand ग्रामीणों ने मांग की कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल में तृतीय और चतुर्थ वर्ग के आउटसोर्सिंग तथा दैनिक वेतन आधारित पदों पर होने वाली बहाली में स्थानीय अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाए। अस्पताल के लिए जमीन उपलब्ध कराने वाले प्रभावित जमीनदाताओं के परिवारों के योग्य सदस्यों को नियमानुसार रोजगार का अवसर देने की भी मांग की गई।

Dumka Land For Job Demand ग्रामीणों ने बहाली प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और योग्यता आधारित रखने की मांग की। इसके साथ ही रिक्त पदों, आवश्यक योग्यता, चयन प्रक्रिया और अंतिम चयन सूची को सार्वजनिक करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
ग्रामीणों ने एनजीओ पर लगाए राशि लेने के आरोप
Dumka Land For Job Demand ग्रामीणों ने प्राचार्य को बताया कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आउटसोर्सिंग के लिए काम करने वाले बिरसा, फाइटर, कमांडो और बालाजी एनजीओ द्वारा बहाली के नाम पर कथित तौर पर अवैध राशि लिए जाने की शिकायत है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने अस्पताल के निर्माण के लिए अपनी जमीन दी है, इसके बावजूद रोजगार के लिए उन्हें भटकना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक, मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए करीब 100 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया है। ऐसे में फुलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों, सफाई कर्मियों, कंप्यूटर ऑपरेटरों और सुरक्षा गार्डों की बहाली में दिग्घी गांव के प्रभावित रैयतों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
प्राचार्य ने एक सप्ताह में बैठक का दिया आश्वासन
Dumka Land For Job Demand ग्रामीणों का कहना है कि जब उन्होंने संस्थान के निर्माण के लिए अपनी पुश्तैनी जमीन दी है तो रोजगार के अवसरों में स्थानीय युवाओं और योग्य ग्रामीणों को भी मौका मिलना चाहिए। ग्रामीणों की मांग सुनने के बाद प्राचार्य डॉ. गजेन्द्र कुमार सिंह ने आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के भीतर संबंधित बहाली करने वाले एनजीओ को बुलाकर ग्रामीणों के साथ बैठक की जाएगी और बहाली की रूपरेखा तय करने पर चर्चा होगी।
इस दौरान स्टेनशीला किस्कू, पूर्णिमा हांसदा, बसंती हांसदा, सुशीला टुडू, श्रीफुल मुर्मू, सरिता टुडू, सावित्री मुर्मू, उषा किरण टुडू, शयाबलिनी मरांडी, सुनीता मरांडी, फुलमुनि हांसदा, रुबिना मुर्मू, रिंकी बास्की, अजंति कोलिन, निर्मला मुर्मू, भायलेट मुर्मू, रिंकी देवी, मलोती देवी, मेरी श्रीना सोरेन, प्रतिमा हेम्ब्रम समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।


