रिपोर्ट- केशरी नंदन तिवारी
Road Construction Quality : कवर्धा जिले में प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत बनाई गई सड़क की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्राम चिमरा मेन रोड से बरभांवर तक करीब 3 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण लगभग 2.06 करोड़ रुपये की लागत से कराया गया है। दावा है कि निर्माण कार्य पूरा हुए अभी करीब तीन महीने ही हुए हैं, लेकिन सड़क की डामर की परत हाथ से उखड़ने का वीडियो सामने आने के बाद निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर सड़क निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और निर्धारित तकनीकी मानकों के पालन को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। वहीं विभाग ने सड़क की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों पर अपना पक्ष रखा है और विभागीय निरीक्षण में सड़क को मानकों के अनुरूप पाए जाने की बात कही है।
Road Construction Quality : सड़क की डामर की परत हाथ से उखाड़ने का वीडियो
सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने के बाद कांग्रेस नेता तुकाराम चंद्रवंशी ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान सामने आए वीडियो में सड़क की ऊपरी डामर की परत को हाथ से उखाड़ते हुए दिखाया गया है।
वीडियो सामने आने के बाद सड़क निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और निर्माण प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। कांग्रेस नेता तुकाराम चंद्रवंशी ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता के निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया। उन्होंने निर्माण कार्य में अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए मामले की जांच की मांग की है।
हालांकि, निर्माण में भ्रष्टाचार या अनियमितता के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
Road Construction Quality : 2.06 करोड़ की लागत से हुआ निर्माण
बताया गया है कि ग्राम चिमरा मेन रोड से बरभांवर तक करीब तीन किलोमीटर सड़क का निर्माण प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत कराया गया है। इस सड़क पर करीब 2 करोड़ 6 लाख रुपये की लागत आने की जानकारी दी गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क बनने के कुछ ही समय बाद उसकी ऊपरी परत को लेकर समस्या सामने आना चिंता का विषय है। ग्रामीण यह जानना चाहते हैं कि सड़क निर्माण में किस प्रकार की सामग्री का इस्तेमाल किया गया और निर्माण के दौरान किन तकनीकी मानकों का पालन किया गया।
करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़क यदि शुरुआती दौर में ही खराब होती है, तो इससे न केवल सरकारी राशि के उपयोग पर सवाल उठते हैं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी चर्चा होती है।
Road Construction Quality : विभाग ने गुणवत्ता सही होने का दावा किया
मामला सामने आने के बाद प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना यानी PMGSY के कार्यपालन अभियंता विकास कौशिक ने विभाग की ओर से स्थिति स्पष्ट की।
विकास कौशिक के मुताबिक विभागीय निरीक्षण के दौरान सड़क की गुणवत्ता सही पाई गई है। उन्होंने बताया कि निरीक्षण में सड़क निर्माण में गुणवत्ता से जुड़ी कोई बड़ी कमी सामने नहीं आई।
अधिकारी के अनुसार सड़क के कुछ हिस्से को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा क्षतिग्रस्त किए जाने की बात भी सामने आई है। विभाग का कहना है कि मौके पर दिखाई दे रही स्थिति को इसी पहलू से भी देखा जा रहा है।
Road Construction Quality : ग्रामीणों के सवाल और विभाग के दावे आमने-सामने
एक ओर मौके पर सड़क की डामर परत हाथ से निकलने का वीडियो सामने आया है और कांग्रेस नेता व ग्रामीण निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे हैं। दूसरी ओर विभागीय अधिकारी का दावा है कि निरीक्षण में सड़क की गुणवत्ता सही पाई गई है।
ऐसे में अब इस मामले में स्वतंत्र और तकनीकी जांच की मांग उठ रही है। जांच के दौरान सड़क की सामग्री, डामर की मोटाई, निर्माण प्रक्रिया और निर्धारित तकनीकी मानकों के पालन की जांच की जा सकती है।
Road Construction Quality : जांच से साफ होगी सड़क की वास्तविक स्थिति
मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि सड़क का निर्माण करीब तीन महीने पहले ही पूरा हुआ है, तो उसकी डामर की परत हाथ से उखड़ने की स्थिति कैसे बनी। यदि विभागीय जांच में गुणवत्ता सही पाई गई है, तो मौके पर दिखाई दे रही उखड़ी हुई परत का कारण क्या है?
क्या निर्माण के दौरान निर्धारित मानकों और गुणवत्ता नियंत्रण प्रक्रिया का पूरी तरह पालन हुआ? सड़क को नुकसान पहुंचाने की बात सामने आई है तो यह नुकसान कब और किस कारण हुआ? इन सवालों का जवाब विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही सामने आ सकता है।
फिलहाल ग्रामीणों के आरोप और विभाग की जांच के दावे दोनों सामने हैं। करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़क की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों की निष्पक्ष तकनीकी जांच होती है या नहीं, इस पर अब नजर बनी हुई है।
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