by: vijay yadav
Gyanesh Kumar CEC नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने आंदोलन की चेतावनी दी है। पार्टी के संस्थापक एवं राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके ने कहा है कि यदि ज्ञानेश कुमार 48 घंटे के भीतर पद से इस्तीफा नहीं देते हैं, तो संगठन देशभर में आंदोलन शुरू करेगा।
दीपके ने गुरुवार को नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह घोषणा की। उन्होंने चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर गंभीर सवाल उठाए। CJP ने इस मुद्दे को लेकर ‘Election Commission Thik Karo’ अभियान शुरू करने का भी ऐलान किया है।
Gyanesh Kumar CEC 48 घंटे बाद आंदोलन की चेतावनी
CJP के मुताबिक, ज्ञानेश कुमार को इस्तीफे के लिए 48 घंटे का समय दिया गया है। दीपके ने कहा कि तय समय सीमा में इस्तीफा नहीं होने पर संगठन देशव्यापी आंदोलन करेगा। उन्होंने दिल्ली में दोबारा धरना देने की भी बात कही है।
एक अन्य घोषणा में दीपके ने कहा कि यदि 26 सितंबर तक इस्तीफा नहीं होता है, तो CJP 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती से मुंबई से देशव्यापी प्रदर्शन शुरू करने की योजना बनाएगी। इसके बाद आंदोलन को अन्य शहरों तक ले जाने की बात कही गई है।
Gyanesh Kumar CEC SIR को लेकर उठाए सवाल
CJP का यह विरोध मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सामने आया है। विवाद की पृष्ठभूमि में द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट भी है, जिसमें दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने करीब 10 महीने की अवधि में कम से कम 14 मौकों पर कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं को लेकर आपत्तियां दर्ज की थीं।
रिपोर्ट में मतदाता नाम जोड़ने और हटाने, फॉर्म-6, मतदाता डेटा तक पहुंच और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सॉफ्टवेयर व आईटी सिस्टम जैसे मुद्दों का उल्लेख किया गया था।
हालांकि, चुनाव आयोग ने इन घटनाक्रम की अपनी व्याख्या में कहा है कि संस्थागत निर्णय प्रक्रिया में अलग-अलग विचार और टिप्पणियां होना सामान्य है। आयोग ने यह भी कहा कि पिछले एक साल में लिए गए फैसले सर्वसम्मति से हुए हैं।
Gyanesh Kumar CEC CJP ने चुनाव प्रक्रिया पर लगाए आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग की मौजूदा कार्यप्रणाली लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर रही है।
दीपके ने यह भी आरोप लगाया कि मतदाता सूची से जुड़े फैसलों में पारदर्शिता की कमी है। हालांकि, ये CJP और दीपके द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं, स्थापित तथ्य नहीं। चुनाव आयोग ने अपने निर्णयों को सर्वसम्मत बताया है।
Gyanesh Kumar CEC ‘Election Commission Thik Karo’ अभियान
CJP ने अपने आंदोलन को व्यापक रूप देने के लिए ‘Election Commission Thik Karo’ नाम से देशव्यापी अभियान शुरू करने की घोषणा की है। पार्टी का कहना है कि अभियान के जरिए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची और SIR से जुड़े मुद्दों को उठाया जाएगा।
दीपके ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों और SIR के रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने की मांग भी उठाई है। उन्होंने मांग की कि इन रिकॉर्ड को न्यायिक निगरानी में रखा जाए।
Gyanesh Kumar CEC चुनाव आयोग को लेकर राजनीतिक बहस तेज
ज्ञानेश कुमार को लेकर यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब SIR और चुनाव आयोग की आंतरिक कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। कांग्रेस समेत कुछ विपक्षी दल भी चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का ऐलान कर चुके हैं। चंडीगढ़ में यूथ कांग्रेस ने भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता डेटा की सुरक्षा की मांग उठाई। फिलहाल CJP की ओर से दिए गए 48 घंटे के अल्टीमेटम और उसके बाद प्रस्तावित आंदोलन पर राजनीतिक और सार्वजनिक स्तर पर नजर बनी हुई है।
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