by: vijay yadav
Lokayukta Action : मंडला। मध्य प्रदेश के मंडला जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नगर पालिका परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) गजानन नाफड़े को कथित तौर पर 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा है। जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने शुक्रवार को नगर पालिका कार्यालय में यह ट्रैप कार्रवाई की।
लोकायुक्त के अनुसार, मामला एक ठेकेदार के करीब 15 लाख रुपये के लंबित भुगतान से जुड़ा है। आरोप है कि भुगतान जारी करने के एवज में CMO ने 4 लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी। शुक्रवार को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 2 लाख रुपये दिए जाने थे, इसी दौरान लोकायुक्त टीम ने कार्रवाई कर दी।
Lokayukta Action : ठेकेदार ने की थी लोकायुक्त से शिकायत
जानकारी के मुताबिक, जबलपुर निवासी ठेकेदार ज्ञानचंद बेन और उनकी पत्नी मंजू बेन नगर पालिका के लिए अलग-अलग सामान की आपूर्ति से जुड़े काम करते हैं। मंजू बेन की फर्म को एलईडी लाइट और फिटकरी की सप्लाई का काम मिला था, जबकि ज्ञानचंद बेन को पाइप जॉइंट और वाटर कूलर की आपूर्ति का काम सौंपा गया था।
शिकायत के अनुसार, पत्नी की फर्म को पहले भुगतान किया जा चुका था। इसके बाद ज्ञानचंद बेन अपने करीब 15 लाख रुपये के लंबित भुगतान के संबंध में CMO से मिले। आरोप है कि इसी भुगतान को जारी करने के बदले रिश्वत की मांग की गई।
Lokayukta Action : 4 लाख की मांग, 2 लाख की पहली किस्त
लोकायुक्त से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, शिकायत की जांच और सत्यापन के बाद ट्रैप की योजना बनाई गई। रिपोर्टों में बताया गया है कि 15 लाख रुपये के भुगतान के बदले कथित तौर पर 4 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी।
बाद में पहली किस्त के तौर पर 2 लाख रुपये देने पर सहमति बनी। शुक्रवार को शिकायतकर्ता जब यह रकम लेकर नगर पालिका कार्यालय पहुंचा और कथित तौर पर CMO को राशि दी, तभी पहले से मौजूद लोकायुक्त टीम ने अधिकारी को पकड़ लिया।
Lokayukta Action : नगर पालिका कार्यालय में हुई कार्रवाई
रिश्वत लेते CMO के पकड़े जाने की खबर सामने आते ही नगर पालिका कार्यालय में हलचल मच गई। ट्रैप के बाद लोकायुक्त टीम ने मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच शुरू की। एक रिपोर्ट के मुताबिक, आगे की दस्तावेजी कार्रवाई के लिए टीम CMO को सर्किट हाउस भी लेकर गई।
Lokayukta Action : भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस
लोकायुक्त पुलिस ने मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक CMO के खिलाफ अधिनियम की संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है और आरोपों से जुड़े दस्तावेज तथा अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
नोट: CMO पर लगे रिश्वत मांगने और लेने के आरोप जांच का विषय हैं; अंतिम कानूनी निष्कर्ष संबंधित न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगा।
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