रिपोर्टर: कौशल चोपड़ा
बीजापुर में पुलिस के सामने कुल 22 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया, जिनमें 11 लाख रुपये के इनामी 6 माओवादी भी शामिल हैं। आत्मसमर्पण करने वालों में AOB डिवीजन पार्टी सदस्य, TSC (तेलंगाना स्टेट कमेटी) के सदस्य, प्लाटून नंबर 09 और 10 के सदस्य, गंगालूर एरिया कमेटी के हिरमागुंडा आरपीसी और पामेड़ एरिया कमेटी के कोण्डापल्ली आरपीसी के सदस्य शामिल हैं।
2025 में अब तक नक्सल मोर्चे पर बड़ी कार्रवाई:
- 107 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया।
- 143 माओवादी गिरफ्तार किए गए।
- 82 नक्सली विभिन्न मुठभेड़ों में मारे गए।
समर्पण के पीछे कारण:
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नक्सल प्रभावित इलाकों में चलाए जा रहे “नियद नेल्ला नार योजना” और नक्सल उन्मूलन नीति का प्रभाव दिखने लगा है। इस योजना के तहत माओवादियों को मुख्यधारा में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
- सरकारी विकास योजनाओं और तेजी से बन रही सड़कों ने माओवादियों को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया।
- गांवों तक पहुंच रही बुनियादी सुविधाओं से प्रभावित होकर कई नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं।
- आंतरिक मतभेद और संगठन के विचारों से मोहभंग भी समर्पण की बड़ी वजहें बनीं।
प्रोत्साहन राशि:
आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादियों को सरकार द्वारा प्रोत्साहन स्वरूप 25-25 हजार रुपये नकद प्रदान किए गए हैं, जिससे वे समाज की मुख्यधारा में लौटकर एक नया जीवन शुरू कर सकें।
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