पशमीना शॉल के गर्म होने का क्या है कारण ? जानें कैसे पड़ा पशमीना नाम ?

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What is the reason for pashmina shawl being hot? Know how Pashmina got its name?

सर्दियों में जहां नए स्वेटर और हूडी देखने को मिल रहे है, तो वहीं सर्दी से बचने का पारंपरिक तरीका यानी ‘शॉल’ आज भी उतना ही प्रासंगिक है। भारत में कई प्रकार के शॉल इस्तेमाल किए जाते है, लेकिन सबसे चर्चित शॉल आज भी ‘पशमीना शॉल’ माना जाता है। यह शॉल न सिर्फ देश में मशहूर है, बल्कि अन्य देशों में भी इसके लोग बहुत दीवाने हैं। अपनी गर्माहट, मुलायम और खूबसूरती के लिए पशमीना को काफी मशहूर माना जाता है। यह पश्मीना शॉल पिछले कुछ वर्षों में स्टेटस सिंबल भी बन गए है और इसे कश्मीर का प्रतीक भी माना जाने लगा है। कई लोग कश्मीरी शॉल भी कहते हैं। आईये जानते है पशमीना शॉल को क्यों पशमीना कहा जाता है, और क्या कारण है कि, पशमीना शॉल महंगे होने के साथ-साथ गर्म भी होते है।

इस शॉल की खासियत
पशमीना शॉल के एक व्यापारी के अनुसार यह हैंडमेड होती है। और यह नॉर्मल शॉल के मुकाबले काफी हल्की भी होती है। उन्होंने बताया कि, यह शॉल सर्दियों के मौसम में काफी गर्म रहती है। इस शॉल को बनाने में लगभग 3 साल का समय लगता है, जिसे तीन कारीगर मिलकर बनाते हैं। डिजाइन देकर इस शॉल को अपने हिसाब से कस्टवाइज भी करवाया जा सकता है।

शॉल की जानें कीमत
इस शॉल की कीमत के बारे में बताया कि कश्मीरी शॉल 5 हजार रुपए से शरू होकर 8 लाख रुपए तक जाती है। उन्होंने कहा कि इस शॉल को सिर्फ जम्मू कश्मीर में बनाया जाता है। इसीलिए इसका नाम पश्मीना रखा गया है, इस शॉल को कश्मीर के अलवा और कहीं नहीं बनाया जाता है।

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