Report by: Nijam ali
Pilibhit में मौलाना तौसीफ मज़हरी की मौत को लेकर मुस्लिम समुदाय में भारी आक्रोश देखने को मिला। समुदाय के लोगों ने इस मामले की CBI जांच की मांग करते हुए रेल मंत्री, भारत सरकार के नाम संबोधित ज्ञापन तहसीलदार पूरनपुर को सौंपा।
यह ज्ञापन मोहल्ला खानकाह स्थित सावरी आहता गेट पर तहसीलदार आशीष कुमार गुप्ता को दिया गया।
Pilibhit: पत्नी को फोन कर बताया था हमला होने की बात
ज्ञापन में बताया गया कि Maulana Tausif Mazhari बिहार के किशनगंज निवासी थे और 26 अप्रैल 2026 को ट्रेन संख्या 04314 से यात्रा कर रहे थे।

परिजनों के अनुसार यात्रा के दौरान मौलाना ने अपनी पत्नी को फोन कर बताया था कि उनके साथ मारपीट की जा रही है और वह अपनी जान बचाने की गुहार लगा रहे हैं। इसके कुछ देर बाद उनका संपर्क टूट गया।
रेलवे ट्रैक किनारे मिला शव, पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
बाद में मौलाना तौसीफ मज़हरी का शव Bareilly Cantonment के पास रेलवे ट्रैक किनारे पड़ा मिला।
परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह कोई सामान्य हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित आपराधिक घटना है। साथ ही बरेली पुलिस पर मामले को दबाने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया गया है।
Pilibhit: दोषियों की गिरफ्तारी और फांसी की मांग
ज्ञापन में मांग की गई है कि मामले की निष्पक्ष जांच CBI से कराई जाए और दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए।
समुदाय के लोगों ने आरोपियों को फांसी की सजा देने, पीड़ित परिवार को सम्मानजनक मुआवजा देने और रेलवे यात्रियों की सुरक्षा के लिए सख्त इंतजाम लागू करने की भी मांग की।
Pilibhit: बरेली पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल
मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बरेली पुलिस की कार्रवाई को संदिग्ध बताते हुए पूरे मामले में स्पष्टीकरण की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो समुदाय के लोगों में आक्रोश और बढ़ सकता है।
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