Jamtara Collectorate Fake Appointment Letter Case जामताड़ा कलेक्ट्रेट में बड़ा फर्जीवाड़ा: डीसी के जाली दस्तखत वाले नियुक्ति पत्र के साथ युवक गिरफ्तार, ससुर भी पुलिस कस्टडी में

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Jamtara Collectorate Fake Appointment Letter Case

संवाददाता: रतन कुमार

Jamtara Collectorate Fake Appointment Letter Case जामताड़ा समाहरणालय (कलेक्ट्रेट) से जालसाजी और धोखाधड़ी का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ उपायुक्त (डीसी) के फर्जी हस्ताक्षर और जाली मुहर वाले नियुक्ति पत्र (जॉइनिंग लेटर) के सहारे क्लर्क (लिपिक) की सरकारी नौकरी हासिल करने पहुंचे एक युवक को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक के साथ आए उसके ससुर को भी हिरासत में ले लिया है। जामताड़ा थाना पुलिस दोनों आरोपियों को कस्टडी में लेकर गहन पूछताछ कर रही है और इसके पीछे एक बड़े अंतरजिला ठग गिरोह के सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है।

Jamtara Collectorate Fake Appointment Letter Case कलेक्ट्रेट में जॉइनिंग के समय खुली पोल, अधिकारियों को हुआ शक

पुलिस और जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान गिरिडीह जिले के देवरी गांव निवासी रजाक अंसारी के रूप में हुई है।

  • दस्तावेजों में गड़बड़ी: रजाक अंसारी अपने ससुर अख्तर अंसारी के साथ कलेक्ट्रेट में क्लर्क के पद पर अपना योगदान (जॉइनिंग) देने पहुंचा था। स्थापना शाखा के अधिकारियों ने जब उसके द्वारा प्रस्तुत किए गए जॉइनिंग लेटर और अन्य प्रमाण पत्रों की स्क्रूटनी (जांच) शुरू की, तो उन्हें कागजातों के प्रारूप पर संदेह हुआ।
  • डीसी के जाली हस्ताक्षर: जब संबंधित विभाग ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर फाइल और दस्तावेजों का मिलान किया, तो पता चला कि नियुक्ति पत्र पूरी तरह जाली है। उस पर जामताड़ा के उपायुक्त के फर्जी हस्ताक्षर और कार्यालय की जाली मुहर का इस्तेमाल किया गया था। इसके अलावा उसके व्यक्तिगत पहचान पत्रों और शैक्षणिक डिग्रियों में भी भारी विसंगतियां (गड़बड़ियां) पाई गईं।

Jamtara Collectorate Fake Appointment Letter Case उपायुक्त आलोक कुमार ने पुलिस को सौंपी जांच, कानूनी कार्रवाई शुरू

इस गंभीर जालसाजी पर कड़ा रुख अपनाते हुए जामताड़ा के उपायुक्त (DC) आलोक कुमार ने आधिकारिक पुष्टि की है। उन्होंने बताया:

“एक युवक जिला प्रशासन के अधीन क्लर्क पद पर नियुक्ति का दावा करते हुए जॉइनिंग के लिए कार्यालय आया था। प्रशासनिक स्तर पर की गई प्रारंभिक जांच में ही उसका नियुक्ति पत्र पूरी तरह फर्जी और मनगढ़ंत पाया गया है। मामला अत्यंत गंभीर है, इसलिए इसकी पूरी जानकारी पुलिस अधीक्षक (SP) को देते हुए दोनों आरोपियों को पुलिस के हवाले कर दिया गया है। एफआईआर दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।”

Jamtara Collectorate Fake Appointment Letter Case बड़े रैकेट का हो सकता है पर्दाफाश, लाखों के लेन-देन की आशंका

जामताड़ा थाना पुलिस के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, आरोपी रजाक अंसारी द्वारा पेश किए गए लगभग सभी मुख्य दस्तावेज फर्जी तरीके से तैयार किए गए हैं। पुलिस की तफ्तीश अब इस बिंदु पर केंद्रित है कि गिरिडीह के रहने वाले इस युवक को जामताड़ा कलेक्ट्रेट का यह फर्जी जॉइनिंग लेटर किसने और कहां तैयार करके दिया।

पुलिस को अंदेशा है कि बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी का झांसा देकर ठगने वाला कोई संगठित गिरोह (सिंडिकेट) इसके पीछे काम कर रहा है। गिरोह के सदस्यों ने युवक से नौकरी के नाम पर लाखों रुपये की वसूली भी की होगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के मोबाइल सीडीआर और बैंक खातों की जांच से इस जालसाजी नेटवर्क से जुड़े मुख्य सरगना और अन्य चेहरों का जल्द ही पर्दाफाश कर दिया जाएगा।

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