BY
Yoganand Shrivastava
Khabar hatke: Ukrainian Creator Sandra On Indian Cinema भारत का समृद्ध इतिहास और मेहमाननवाज़ी हमेशा से विदेशी सैलानियों को आकर्षित करती रही है, लेकिन इस बार एक विदेशी पर्यटक भारत के सिनेमाघरों (थिएटर्स) में मिलने वाले प्रीमियम और हाई-टेक विलासिता के अनुभवों को देखकर दंग रह गई हैं। यूक्रेन की मशहूर सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर सैंड्रा ऑन (Sandra On) ने हाल ही में भारतीय सिनेमाघरों का दौरा किया। यहाँ मिलने वाली आधुनिक सुविधाओं से प्रभावित होकर उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा कर इसकी तुलना यूरोपीय देशों के थिएटरों से कर दी है। सैंड्रा का यह अनूठा वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है और इस पर भारतीय यूजर्स की ओर से दिलचस्प प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
Khabar hatke: Ukrainian Creator Sandra On Indian Cinema यूरोप में सिर्फ पॉपकॉर्न, भारत के थिएटर्स में रेस्तरां जैसा ‘फुल मेन्यू’
यूक्रेनी मूल की सैंड्रा ऑन ने अपने वीडियो में भारतीय सिनेमाघरों में मिलने वाले खान-पान और सेवा (हॉस्पिटैलिटी) के ऊंचे स्तर को रेखांकित किया।
- सीट पर भोजन की डिलीवरी: उन्होंने आश्चर्य व्यक्त करते हुए बताया कि भारत में फिल्म देखने के दौरान दर्शकों को काउंटर पर लंबी कतारों में खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ती। लोग हॉल के भीतर अपनी सीट पर बैठकर मोबाइल ऐप या क्यूआर कोड के जरिए खाना ऑर्डर कर सकते हैं और कर्मचारी कुछ ही मिनटों में खाना सीधे उनकी सीट तक पहुंचा देते हैं।
- मेन्यू की विविधता: सैंड्रा के अनुसार, यूरोप के अधिकांश सिनेमाघरों में खाने के नाम पर सिर्फ पॉपकॉर्न, चिप्स और कोल्ड ड्रिंक जैसे बुनियादी स्नैक्स ही मिलते हैं। इसके विपरीत, भारत के मल्टीप्लेक्सों में रेस्तरां जैसा एक विस्तृत मेन्यू (पिज्जा, पास्ता से लेकर मुख्य भोजन तक) उपलब्ध होता है, जिससे फिल्म देखते हुए बेहतरीन भोजन का आनंद लिया जा सकता है।
Khabar hatke: Ukrainian Creator Sandra On Indian Cinema ‘एयरपोर्ट जैसी सुरक्षा व्यवस्था’ ने खींचा ध्यान
Khabar hatke: Ukrainian Creator Sandra On Indian Cinema खान-पान के अलावा, सैंड्रा भारतीय सिनेमाघरों में अपनाए जाने वाले कड़े सुरक्षा मानकों को देखकर भी बेहद प्रभावित हुईं। उन्होंने वीडियो में बताया कि भारत के थिएटर्स में प्रवेश करने से पहले दर्शकों के बैग की गहन चेकिंग और मेटल डिटेक्टर (Frisking) जैसी प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। उन्होंने इस सुरक्षा घेरे की तुलना हवाई अड्डों (एयरपोर्ट) पर होने वाली सुरक्षा जांच से की और कहा कि भारत में आम नागरिकों और दर्शकों की सुरक्षा को बेहद गंभीरता से लिया जाता है।
Khabar hatke: Ukrainian Creator Sandra On Indian Cinema वायरल वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर्स के बीच छिड़ी ‘इंटरमिशन और पड़ोसी’ की बहस
सैंड्रा का यह तुलनात्मक वीडियो सोशल मीडिया पर आते ही वायरल हो गया, जिस पर नेटिजन्स (इंटरनेट यूजर्स) तरह-तरह के कमेंट्स कर रहे हैं:
- तुलना पर उठाए सवाल: कुछ यूजर्स ने इस बात पर नाराजगी जताई कि विदेशी इन्फ्लुएंसर्स हर छोटी-बड़ी चीज की तुलना हमेशा भारत और यूरोप के बीच ही क्यों करते हैं। एक यूजर ने लिखा, “क्या आपके पास दिखाने के लिए कुछ और नहीं है? आप लोग हमेशा तुलनात्मक कंटेंट ही क्यों बनाते हैं।”
- पड़ोसी देशों पर तंज: एक अन्य यूजर ने भारत की सुरक्षा व्यवस्था और वैश्विक परिदृश्य को जोड़ते हुए कमेंट किया, “ऐसा तब होता है जब आपके पड़ोसी देश जर्मनी और फ्रांस जैसे सभ्य देश न होकर पाकिस्तान जैसे देश हों। एक तरफ वे लोग हैं जो तरक्की चाहते हैं और दूसरी तरफ कट्टर सोच।”
- इंटरमिशन और राष्ट्रगान का अनुभव: भारत की अनूठी सिनेमा संस्कृति पर बात करते हुए एक विदेशी यूजर ने लिखा, “शुरुआत में मुझे भारत के सिनेमाघरों में फिल्म के बीच में होने वाले ‘इंटरमिशन’ (मध्यांतर) के बारे में किसी ने नहीं बताया था, जिससे मैं हैरान रह गया था। बाद में पता चला कि कुछ समय पहले तक यहाँ हर फिल्म की स्क्रीनिंग से पहले राष्ट्रगान भी बजाया जाता था।”





