CM Mohan Yadav Cabinet Decisions Bhopal : जन-कल्याण के लिए खजाना खोला: डॉ. मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले, इंदौर मेट्रो और श्रमिक-वन्यजीव कल्याण के लिए ₹24,200 करोड़ मंजूर

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CM Mohan Yadav Cabinet Decisions Bhopal

CM Mohan Yadav Cabinet Decisions Bhopal मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर (बुनियादी ढांचे), जन-कल्याण, श्रमिक भलाई और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ बड़ी रफ्तार दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में करीब 24 हजार 200 करोड़ रुपये के लोक-कल्याणकारी प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इस महा-बजटीय मंजूरी में सबसे बड़ा हिस्सा इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के विस्तार और 16वें वित्त आयोग की अवधि (2026-2031) के लिए विभिन्न विभागों की योजनाओं के निरंतर संचालन को मिला है। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं में बड़े सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण नीतिगत उप-समिति का गठन भी किया गया है।

Contents
CM Mohan Yadav Cabinet Decisions Bhopal इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट की पुनरीक्षित लागत को मंजूरी: मिलेंगे ₹19,472.29 करोड़CM Mohan Yadav Cabinet Decisions Bhopal प्रोजेक्ट टाइगर-एलिफेंट और कूनो-गांधीसागर में वन्यजीव संरक्षण को गतिCM Mohan Yadav Cabinet Decisions Bhopal संरक्षित क्षेत्रों से 94 गांवों का होगा विस्थापन: ₹1,250 करोड़ का मुआवजा स्वीकृतCM Mohan Yadav Cabinet Decisions Bhopal श्रमिक कल्याण की योजनाओं के लिए ₹531.78 करोड़ की भारी-भरकम राशिCM Mohan Yadav Cabinet Decisions Bhopal स्थानीय निधि संपरीक्षा (Local Fund Audit) के लिए ₹492.45 करोड़CM Mohan Yadav Cabinet Decisions Bhopal मेगा हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर पॉलिसी: गठित हुई 5 सदस्यीय मंत्रियों की उप-समितिCM Mohan Yadav Cabinet Decisions Bhopal पायलट प्रोजेक्ट: रीवा, देवास और गुना के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर्स अब आउटसोर्स होंगे

CM Mohan Yadav Cabinet Decisions Bhopal इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट की पुनरीक्षित लागत को मंजूरी: मिलेंगे ₹19,472.29 करोड़

इंदौर शहर के ट्रांसपोर्ट सिस्टम को विश्वस्तरीय बनाने के लिए कैबिनेट ने बजट में भारी बढ़ोतरी की है:

  • संशोधित बजट: इंदौर मेट्रो रेल परियोजना की मूल लागत 7,500.80 करोड़ रुपये थी, जिसमें अब 5,388.58 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि जोड़कर नई पुनरीक्षित लागत 12,889.38 करोड़ रुपये स्वीकृत की गई है।
  • अतिरिक्त वित्त पोषण: पीपीपी (PPP) कंपोनेंट और आंतरिक लोन के प्रभाव को शामिल करते हुए उद्योग के स्वीकृत मानदंडों के आधार पर 6,582.91 करोड़ रुपये अलग से मंजूर किए गए हैं। इस प्रकार मेट्रो के लिए कुल 19,472 करोड़ 29 लाख रुपये की वित्तीय व्यवस्था तय की गई है।
  • फंडिंग का ढांचा: इस अतिरिक्त वित्त पोषण में भारत सरकार और एमपी सरकार की तरफ से 1,696.74 करोड़ रुपये की अतिरिक्त इक्विटी, केंद्रीय करों के लिए 214.64 करोड़ रुपये का अधीनस्थ ऋण, बैंकिंग एजेंसियों से 3,496.15 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आंतरिक ऋण तथा राज्य करों व आईडीसी लागत के लिए राज्य सरकार का कर्ज शामिल है।

CM Mohan Yadav Cabinet Decisions Bhopal प्रोजेक्ट टाइगर-एलिफेंट और कूनो-गांधीसागर में वन्यजीव संरक्षण को गति

पर्यावरण और वन्यजीवों के वैज्ञानिक संरक्षण के लिए सरकार ने 5 वर्षों (1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031) के लिए बड़ा बजटीय प्रावधान किया है:

  • प्रोजेक्ट टाइगर एंड एलिफेंट: इसके तहत आवर्ती (Recurring) और गैर-आवर्ती (Non-recurring) मदों को मिलाकर 1,131 करोड़ 15 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
  • प्रबंधन और बुनियादी ढांचा: इस राशि का उपयोग मुख्य रूप से प्रदेश के विभिन्न टाइगर रिजर्व, कूनो राष्ट्रीय उद्यान और गांधीसागर अभयारण्य में किया जाएगा। इसके जरिए वनों की सुरक्षा, हैबीटेट (आवास) सुधार, दावानल (आग) से सुरक्षा, नए जल स्रोतों का विकास, हाथियों का प्रबंधन, दवाइयां और रेस्क्यू सामग्री की खरीदी जैसे कार्य किए जाएंगे।

CM Mohan Yadav Cabinet Decisions Bhopal संरक्षित क्षेत्रों से 94 गांवों का होगा विस्थापन: ₹1,250 करोड़ का मुआवजा स्वीकृत

वन्यप्राणियों और इंसानों के बीच संघर्ष को रोकने तथा संवेदनशील वन क्षेत्रों को सुरक्षित करने के लिए गांवों के पुनर्वास की बड़ी योजना को हरी झंडी दी गई है:

  • मुआवजा और विस्थापन: संरक्षित वन क्षेत्रों में रह रहे ग्रामीणों की अचल संपत्तियों का नियमानुसार अधिग्रहण कर उन्हें तय मुआवजा देने के लिए 1,250 करोड़ रुपये का फंड मंजूर हुआ है।
  • चिह्नित क्षेत्र: इस पुनर्वास नीति के तहत संजय टाइगर रिजर्व, सतपुड़ा, पन्ना, वीरांगना दुर्गावती, रातापानी टाइगर रिजर्व, ओरछा अभयारण्य और कूनो राष्ट्रीय उद्यान के कुल 94 गांवों को संरक्षित क्षेत्र से बाहर सुरक्षित स्थानों पर बसाया जाएगा।

CM Mohan Yadav Cabinet Decisions Bhopal श्रमिक कल्याण की योजनाओं के लिए ₹531.78 करोड़ की भारी-भरकम राशि

श्रम विभाग के अंतर्गत आने वाले विभिन्न कल्याणकारी कार्यक्रमों को अगले 5 सालों (2026 से 2031 तक) तक सुचारू रूप से चलाने के लिए 531 करोड़ 78 लाख रुपये के बजट को स्वीकृति दी गई है। इसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

योजना / विभाग का नामआवंटित बजट (करोड़ रुपये में)मुख्य उद्देश्य / कार्य
श्रम कानूनों का कार्यान्वयन अमला₹289.89श्रम नियमों को कड़ाई से लागू करने के लिए
श्रम कल्याण निधि (Labor Welfare Fund)₹95.00श्रमिकों के सामाजिक सुरक्षा और हितलाभ के लिए
औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा₹75.52फैक्ट्रियों में मजदूरों की सुरक्षा व स्वास्थ्य मानक
श्रम आयुक्त कार्यालय संचालन₹57.48कार्यालयीन प्रशासनिक व्यय हेतु
बाल श्रमिक एवं बंधक मजदूर पुनर्वास₹8.00 (4-4 करोड़)बाल श्रम उन्मूलन और बंधक मजदूरों को मुख्यधारा में लाना
असंगठित श्रमिक नेशनल डेटाबेस₹1.25असंगठित क्षेत्र के कामगारों का डिजिटल डेटा तैयार करना
इंदौर हाइजीन लैब आधुनिकीकरण₹0.60इंदौर स्थित लैब को हाई-टेक उपकरणों से लैस करना

CM Mohan Yadav Cabinet Decisions Bhopal स्थानीय निधि संपरीक्षा (Local Fund Audit) के लिए ₹492.45 करोड़

वित्त विभाग के अधीन संचालित होने वाले ‘संचालनालय, स्थानीय निधि संपरीक्षा’ के सुदृढ़ीकरण और विभागीय संपत्तियों के रख-रखाव के लिए 5 वर्षों के लिए 492 करोड़ 45 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। इसमें से 491.75 करोड़ रुपये ऑडिटिंग व्यवस्था और 70 लाख रुपये परिसंपत्तियों के संधारण पर खर्च होंगे। यह विभाग प्रदेश की स्थानीय निकायों के खातों की जांच, पेंशन मामलों और वेतन निर्धारण का निपटारा करता है।

CM Mohan Yadav Cabinet Decisions Bhopal मेगा हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर पॉलिसी: गठित हुई 5 सदस्यीय मंत्रियों की उप-समिति

राज्य में परोपकारी निवेश (Philanthropic Investment) के जरिए स्वास्थ्य सुविधाओं को सातवें आसमान पर ले जाने के लिए “मध्यप्रदेश मेगा स्वास्थ्य सेवा अधोसंरचना प्रोत्साहन नीति-2026” के प्रस्ताव पर विचार करने के लिए एक हाई-प्रोफाइल 5 सदस्यीय कैबिनेट सब-कमेटी बनाई गई है।

  • समिति का लक्ष्य: यह उप-समिति प्रदेश में वर्ल्ड क्लास सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल स्थापित करने, चिकित्सा शिक्षा का विस्तार कर एमबीबीएस व विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने, गरीब मरीजों को मुफ्त उच्च स्तरीय इलाज सुनिश्चित करने और गंभीर बीमारियों के लिए मरीजों का दूसरे राज्यों में पलायन रोकने का पूरा रोडमैप तैयार करेगी। इसका मुख्य फोकस मातृ मृत्यु दर (MMR) और शिशु मृत्यु दर (IMR) में तेजी से सुधार लाना है।

CM Mohan Yadav Cabinet Decisions Bhopal पायलट प्रोजेक्ट: रीवा, देवास और गुना के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर्स अब आउटसोर्स होंगे

ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में डॉक्टरों की कमी से निपटने के लिए कैबिनेट ने एक बड़ा प्रयोग करने का निर्णय लिया है। प्रदेश के तीन जिलों—रीवा, देवास और गुना के उन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHCs) को, जहां लंबे समय से डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के पद खाली पड़े हैं, अब आउटसोर्स प्रणाली (Outsource Mode) से संचालित किया जाएगा। इस पायलट प्रोजेक्ट की टेंडर प्रक्रिया ‘एमपीएचएससीएल’ (MPPHSCL) के जरिए पारदर्शी तरीके से पूरी करने की जिम्मेदारी लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को सौंपी गई है, ताकि इन केंद्रों में मरीजों को बिना किसी बाधा के 24 घंटे चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।

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