Report: Vijay Ahirwar
Guna News मध्य प्रदेश में कथित फर्जी जाति प्रमाण पत्र के जरिए आरक्षित वर्ग का लाभ लेने के आरोप में गुना निवासी रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी रघुवीर सिंह मीणा के खिलाफ भोपाल में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस मुख्यालय की सतर्कता शाखा ने धोखाधड़ी, साजिश और गलत तरीके से दस्तावेज प्रस्तुत करने के आरोपों के साथ एससी-एसटी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
रघुवीर सिंह मीणा की पत्नी ममता मीणा गुना जिले की चाचौड़ा विधानसभा सीट से पूर्व भाजपा विधायक रह चुकी हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा से टिकट नहीं मिलने के बाद ममता मीणा आम आदमी पार्टी में शामिल हो गई थीं।
विदिशा से जारी जाति प्रमाण पत्र पर उठे सवाल
Guna News मामले की जांच के दौरान सामने आया कि पुलिस सेवा में आने से पहले रघुवीर सिंह मीणा मध्य प्रदेश में शासकीय शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। उस दौरान उनके दस्तावेजों में उन्हें ओबीसी वर्ग का बताया गया था। इसके बाद एमपीपीएससी में उन्होंने स्वयं को एसटी वर्ग का बताया और इसी आधार पर उनका डीएसपी पद के लिए चयन हुआ।
गुना के राघौगढ़ निवासी हरवीर सिंह रघुवंशी की शिकायत के बाद इस मामले की जांच शुरू हुई। शासन की उच्च स्तरीय छानबीन समिति ने रघुवीर सिंह मीणा के जाति प्रमाण पत्र और उससे जुड़े रिकॉर्ड की जांच की। जांच के बाद प्रमाण पत्र को अमान्य घोषित कर दिया गया।
सिंधिया के दौरे के बीच ममता मीणा के आरोप, अब बढ़ी राजनीतिक हलचल
Guna News जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित जाति प्रमाण पत्र वर्ष 1984 में विदिशा के आदिम जाति कल्याण विभाग से जारी किया गया था। इसके साथ ही मध्य प्रदेश के मूल निवासी होने से जुड़े दस्तावेजों को लेकर भी जांच में सवाल उठाए गए हैं।
इधर, 16 सितंबर से गुना में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के चार दिवसीय प्रवास के दौरान ममता मीणा ने सोशल मीडिया के जरिए केंद्रीय मंत्री पर कई आरोप लगाए थे। अब उनके पति रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद गुना की राजनीति में हलचल और तल्खी बढ़ने की चर्चा है।
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