BY: Yoganand Shrivastva
Monsoon Withdrawal 2026 देश के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब कमजोर पड़ने लगा है और इसकी वापसी की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पश्चिम भारत से मानसून की विदाई इस बार सामान्य समय से कुछ देर से हो रही है। राजस्थान के कुछ हिस्सों से 19 सितंबर के आसपास मानसून की वापसी की शुरुआत हो सकती है, जबकि दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में 20-21 सितंबर के बाद बारिश का दौर कमजोर पड़ने की संभावना है। उत्तर प्रदेश से मानसून की विदाई 22 सितंबर के आसपास शुरू हो सकती है।
राजस्थान में 19 सितंबर के आसपास विदाई की शुरुआत
Monsoon Withdrawal 2026 मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान के कई हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी इसी सप्ताह शुरू हो सकती है। मौसम केंद्र जयपुर के मुताबिक पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में 19 सितंबर के आसपास बारिश की गतिविधियों में कमी आने और मानसून की विदाई के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की संभावना है।
यानी 19 सितंबर के बाद राजस्थान के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी शुरू हो सकती है। सामान्य तौर पर उत्तर-पश्चिम भारत से मानसून की वापसी 17-18 सितंबर के आसपास शुरू होती है, लेकिन इस वर्ष इसमें कुछ देरी देखी जा रही है।
दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में 20-21 सितंबर के बाद बदलाव
Monsoon Withdrawal 2026 मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में अगले कुछ दिनों में बारिश का असर धीरे-धीरे कम हो सकता है। बारिश की गतिविधियां कम होने के साथ आसमान साफ होने और वातावरण में नमी घटने की संभावना है।
Monsoon Withdrawal दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के साथ हरियाणा तथा पंजाब में 20-21 सितंबर के बाद मानसून की विदाई की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना जताई गई है। हालांकि मानसून की वापसी एक क्रमिक प्रक्रिया होती है और यह अचानक नहीं होती।
यूपी से 22 सितंबर के आसपास विदा हो सकता है मानसून
Monsoon Withdrawal 2026 उत्तर प्रदेश में भी अगले एक सप्ताह के दौरान मानसून की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक 22 सितंबर से दक्षिण-पश्चिम मानसून के उत्तर प्रदेश से विदा होने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो सकती हैं।
फिलहाल सौराष्ट्र और उससे सटे उत्तर-पूर्वी अरब सागर से लेकर बीकानेर, चूरू, बरेली, गोरखपुर, पटना, रांची और कोलकाता होते हुए उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक फैला कम दबाव वाला क्षेत्र मौसम को प्रभावित कर रहा है। इसके प्रभाव से उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में पिछले 24 घंटे के दौरान तेज बारिश भी हुई है।
ऐसे होती है मानसून की वापसी
Monsoon Withdrawal 2026 मानसून की विदाई एक दिन में नहीं होती। मौसम विभाग एक सितंबर के बाद किसी क्षेत्र से मानसून की वापसी की घोषणा तभी करता है, जब कुछ स्पष्ट मौसमी संकेत दिखाई दें। इनमें लगातार पांच दिनों तक बारिश न होना, निचले वायुमंडल में उच्च दबाव का क्षेत्र बनना और सूखी हवाओं का चलना शामिल है।
इन परिस्थितियों के बनने के बाद धीरे-धीरे नमी कम होने लगती है और आसमान साफ होने लगता है। इसके साथ बारिश की गतिविधियां भी कमजोर पड़ती जाती हैं और मानसून की वापसी की प्रक्रिया आगे बढ़ती है।


