Report: Somnath mishra
Madhya Pradesh High Court OBC Reservation Daily Hearing मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को 27 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के खिलाफ और पक्ष में दायर कुल 91 याचिकाओं पर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने एक बेहद महत्वपूर्ण और कड़ा रुख अपनाया है। हाई कोर्ट ने साफ कर दिया है कि आगामी 24 जून 2026 से इस महा-विवाद से जुड़े सभी प्रकरणों पर ‘डे-टू-डे’ (रोजाना) अंतिम सुनवाई शुरू की जाएगी। देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) द्वारा तय की गई 3 महीने की समय-सीमा और लाखों चयनित अभ्यर्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए हाई कोर्ट ने यह गंभीर फैसला सुनाया है।
Madhya Pradesh High Court OBC Reservation Daily Hearing बेंच बदलने से असमंजस; लंच के बाद वकीलों ने शुरू कराई बहस
मंगलवार, 16 जून 2026 को जबलपुर हाई कोर्ट में इस मामले को लेकर शुरुआती दौर में संशय की स्थिति बनी हुई थी:
- रोस्टर में बदलाव: तय न्यायिक रोस्टर के अनुसार, इन सभी महत्वपूर्ण प्रकरणों की सुनवाई कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति (Acting Chief Justice) की खंडपीठ में होनी थी। लेकिन तकनीकी कारणों से आज ये मामले डिवीजन बेंच क्रमांक-2 के जस्टिस आनंद पाठक एवं जस्टिस भगवती प्रसाद शर्मा की खंडपीठ में सीरियल नंबर 47 पर लिस्टेड (नियत) थे।
- सुनवाई की मांग: दोपहर 2:30 बजे लंच के बाद ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों के वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर ने कोर्ट को पूर्व के आदेशों की याद दिलाई। उन्होंने दलील दी कि पूर्व निर्देशानुसार इन सभी मामलों पर दोपहर ढाई बजे से विशेष सुनवाई तय है, इसलिए बहस तुरंत शुरू की जाए।
Madhya Pradesh High Court OBC Reservation Daily Hearing “7 साल से इंतजार कर रहे हैं लाखों अभ्यर्थी, अंतरिम आदेश हो निरस्त”
ओबीसी वर्ग के वकीलों ने अदालत के समक्ष अभ्यर्थियों की पीड़ा को बेहद आक्रामक ढंग से रखा:
“मध्य प्रदेश के लाखों बेरोजगार अभ्यर्थी पिछले 7 वर्षों से अदालती चक्करों और आरक्षण विवाद के कारण अपनी अंतिम नियुक्तियों (जॉइनिंग) का इंतजार कर रहे हैं। यदि मुख्य याचिकाओं पर आज अंतिम बहस नहीं हो पा रही है, तो सुप्रीम कोर्ट के पिछले आदेश के आलोक में तमाम अंतरिम आदेशों (स्टे) को तुरंत रिक्त (निरस्त) कराने हेतु दायर आवेदनों पर सुनवाई की जाए, ताकि रुकी हुई भर्ती प्रक्रियाएं आगे बढ़ सकें।”
Madhya Pradesh High Court OBC Reservation Daily Hearing सुप्रीम कोर्ट में अवकाश के चलते बड़े वकील रहे नदारद
Madhya Pradesh High Court OBC Reservation Daily Hearing सुनवाई के दौरान यह बात भी सामने आई कि सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) में ग्रीष्मकालीन अवकाश (Vacations) होने के कारण, याचिकाकर्ताओं की ओर से पैरवी करने वाले दिल्ली और अन्य राज्यों के कई बड़े व नामी वकील आज अदालत में उपस्थित नहीं हो सके। मुख्य याचिका क्रमांक- 5901/2019 के अधिवक्ताओं की इस अनुपस्थिति के कारण आज अंतिम फैसला या लंबी बहस नहीं हो सकी।
Madhya Pradesh High Court OBC Reservation Daily Hearing हाई कोर्ट ने तर्कों को गंभीरता से लिया, 24 जून से रोजाना सुनवाई
वरिष्ठ वकीलों के तर्कों और सुप्रीम कोर्ट के 18/19 फरवरी 2026 के उस आदेश को, जिसमें मामले को 3 महीने के भीतर निपटाने को कहा गया था, वर्तमान खंडपीठ ने बेहद गंभीरता से लिया।
- अदालत का निर्देश: कोर्ट ने कहा कि चूंकि यह पूरा प्रकरण पहली बार इस नई बेंच के सामने लिस्ट हुआ है और आज कुछ मुख्य वकील अनुपस्थित हैं, इसलिए सभी पक्षों को अंतिम अवसर दिया जाता है।
- डे-टू-डे हीयरिंग: अदालत ने आधिकारिक तौर पर आदेश जारी करते हुए 24 जून से इन सभी 91 मामलों की लगातार और रोजाना (डे-टू-डे) सुनवाई करने की तारीख मुकर्रर कर दी है।
मंगलवार को हुई इस आंशिक सुनवाई के दौरान ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर, विनायक प्रसाद, परमानंद साहू और अभिलाषा लोधी ने मजबूती से अपना पक्ष और दलीलें अदालत के समक्ष प्रस्तुत कीं।





