UNSC में भारत की स्थायी सदस्यता को त्रिनिदाद और टोबैगो का समर्थन, पीएम मोदी की यात्रा से मजबूत हुए संबंध

- Advertisement -
Swadesh NewsAd image
UNSC में भारत की स्थायी सदस्यता को त्रिनिदाद और टोबैगो का समर्थन, पीएम मोदी की यात्रा से मजबूत हुए संबंध

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऐतिहासिक त्रिनिदाद और टोबैगो यात्रा के दौरान, इस कैरेबियाई देश ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत को स्थायी सदस्य बनाने की मांग का खुलकर समर्थन किया है। यह कूटनीतिक उपलब्धि भारत की वैश्विक स्थिति को मजबूत करती है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर समर्थन बढ़ाती है।


संयुक्त राष्ट्र में आपसी समर्थन से बढ़ेगा दबाव

शनिवार को जारी संयुक्त बयान के मुताबिक:

  • त्रिनिदाद और टोबैगो ने भारत की UNSC में स्थायी सदस्यता की दावेदारी का पूर्ण समर्थन किया।
  • भारत ने 2027-28 के लिए त्रिनिदाद की अस्थायी सीट की उम्मीदवारी का समर्थन देने का वादा किया।
  • त्रिनिदाद ने 2028-29 के लिए भारत की उम्मीदवारी का समर्थन करने पर सहमति जताई।

दोनों नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र में व्यापक सुधारों की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि यह संस्था अब की वैश्विक हकीकत को बेहतर ढंग से प्रतिबिंबित करे।


पीएम मोदी की यात्रा से द्विपक्षीय संबंधों में नई जान

प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा वर्ष 1999 के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की त्रिनिदाद यात्रा है। उन्होंने अपनी पांच देशों की यात्रा के दूसरे चरण में पोर्ट ऑफ स्पेन में कदम रखा।

इस ऐतिहासिक यात्रा के दौरान हुए 6 अहम समझौते:

  • बुनियादी ढांचे का विकास
  • स्वास्थ्य सेवा और औषधि उद्योग में सहयोग
  • कृषि एवं डिजिटल परिवर्तन
  • यूपीआई (UPI) और वित्तीय तकनीक
  • क्षमता निर्माण
  • लोगों से लोगों के बीच संपर्क को बढ़ावा

इससे दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को बल मिला है।


आतंकवाद के खिलाफ साथ खड़े हुए दोनों देश

प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री कमला प्रसाद बिसेसर के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तरीय बातचीत को “ऐतिहासिक” करार दिया गया। बिसेसर ने कहा कि यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देगी।

मोदी ने हालिया पहलगाम आतंकी हमले पर त्रिनिदाद द्वारा भारत को दिए गए समर्थन की सराहना की। दोनों देशों ने आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ने की प्रतिबद्धता दोहराई।


त्रिनिदाद की संसद में बोले पीएम मोदी

पीएम मोदी ने त्रिनिदाद की संसद को संबोधित करते हुए दोनों देशों के साझा सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और खेल संबंधों की चर्चा की।

उन्होंने कहा:

  • भारतीय वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के सबसे बड़े प्रशंसकों में शामिल हैं—जब तक वे भारत के खिलाफ न खेल रहे हों।
  • राजनीति, कविता, व्यापार, संगीत (कैलिप्सो और चटनी), और खेलों में भारतीय मूल के लोगों का योगदान अद्वितीय है।
  • भारतीय समुदाय त्रिनिदाद की विविधता का हिस्सा हैं और इस देश की पहचान में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

भारत की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता

त्रिनिदाद और टोबैगो का भारत की UNSC सदस्यता को समर्थन देना एक बड़ा कूटनीतिक संकेत है। इससे न केवल भारत के वैश्विक प्रभाव में इज़ाफा होगा, बल्कि संयुक्त राष्ट्र जैसी वैश्विक संस्थाओं में सुधार की दिशा में भी नया दबाव बनेगा।

प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा साबित करती है कि भारत अब न सिर्फ एक उभरती ताकत है, बल्कि वैश्विक नेतृत्व में भी उसकी भूमिका तेजी से बढ़ रही है।

Mahidpur: ‘लेडी सिंघम’ का बड़ा एक्शन, वन और राजस्व विभाग ने आरा मशीनों पर की छापेमारी

रिपोर्टर : कुशाल ठाकुर Mahidpur उज्जैन जिले के महिदपुर क्षेत्र में अवैध

Sandipani School : देशभर में मॉडल बनेंगे सांदीपनि स्कूल ,सांदीपनि स्कूलों से शिक्षा को नए आयाम

Sandipani School : गुणवत्तापूर्ण, रोजगारोन्मुखी शिक्षा पर जोर,केंद्रीय शिक्षा मंत्री से मुख्यमंत्री

Disneyland Fair Clash : कोरबा के डिजनीलैंड मेले में हंगामा, दंपत्ति से मारपीट का आरोप

Disneyland Fair Clash : टिकट विवाद के बाद झूला कर्मचारियों और दंपत्ति

Bhopal: CM डॉ. मोहन ने नए सीएम शुभेंदु को दी बधाई, कहा- आज से पश्चिम बंगाल में नवयुग का शुभारंभ

Bhopal: शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी के पहले मुख्यमंत्री

PWD Commission Controversy: करोड़ों के भुगतान, कमीशनखोरी और मारपीट का CCTV आया सामने

PWD Commission Controversy: 4.65 करोड़ के भुगतान पर विवाद, PWD कर्मचारी पर

Illegal Land Encroachment: सरगुजा में अवैध कब्जों पर प्रशासन सख्त, बिहार रिजॉर्ट की जमीन की फिर हुई जांच

Illegal Land Encroachment: कमोदा स्थित बिहार रिजॉर्ट पहुंचा प्रशासनिक अमला, सरकारी जमीन

Sasaram: दावों के ‘मास्टर प्लान’ के बीच बदहाल शहर, जलजमाव और प्यास से जूझ रही जनता

Report: Avinash shrivastva Sasaram ऐतिहासिक शहर सासाराम की वर्तमान तस्वीर प्रशासनिक आश्वासनों