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महाकुम्भ 2025 विशेष: 45 करोड़ लोगों के संगम स्नान के लिए बना त्रिस्तरीय सुरक्षा चक्र

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सनातन धर्म का सबसे बड़ा आयोजन बनाने के लिए प्रतिबद्ध योगी सरकार हर आपात स्थिति से निपटने की तैयारी कर रही है। दुनिया के सबसे बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम में 45 करोड़ लोगों के संगम स्नान का पूरा प्लान तैयार कर लिया गया है। इसके लिए जल पुलिस के लिहाज से त्रिस्तरीय सुरक्षा चक्र बनाया गया है जिसमें बाकायदा एक-एक श्रद्धालु पर फोकस किया जाएगा। वीआईपी मूवमेंट वाले किला घाट पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। यहां पर स्पेशल फोर्स की तैनाती की जा रही है, जिससे देश-विदेश से आने वाले एक भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की दिक्कत न होने पाए। यही नहीं, सरस्वती घाट से लेकर संगम घाट तक कड़ी सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जा रहे है। यहां डीप बैरिकेडिंग की जा रही है। इसके अलावा घाट पर चौतरफा जाल लगाने का काम अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है।

श्रद्धालुओं की हिफाजत को तैनात रहेगी स्पेशल फोर्स
किला थाना की जल पुलिस के प्रभारी जनार्दन प्रसाद साहनी ने बताया कि महाकुम्भ से पहले ही एक-एक बोट की जांच की जा रही है। इसके लिए टेस्टर बोट की व्यवस्था की गई है। सबसे पहले टेस्टर बोट किसी भी बोट की जांच करेगी। पूरी तरह से संतुष्टि मिलने के बाद ही पानी में कोई बोट उतारी जाएगी। संगम नोज से किलाघाट तक सुरक्षा का व्यापक इंतजाम किया जा रहा है। इसके लिए पीएसी, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के जवान मिलकर श्रद्धालुओं की हिफाजत में तैनात रहेंगे।

लाल पट्टी करेगी श्रद्धालुओं को सतर्क
जनार्दन प्रसाद साहनी ने बताया कि महाकुम्भ के दौरान स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं के बाहर निकलने में किसी भी प्रकार की दिक्कत ना आने पाए, इसके लिए भी विशेष प्रबंध किए गए हैं। नाव पर एक विशेष प्रकार की लाल पट्टी लगाई जाएगी, जो पर्यटकों को सतर्क करेगी।

पुलिस का झंडा लगी नाव 24 घंटे करेगी श्रद्धालुओं की निगहबानी
महाकुम्भ के दौरान देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा में कोई भी परेशानी न होने पाए, इसके विशेष इंतजाम किए गए हैं। यहां संगम में स्नान करने वाले लोगों की निगहबानी के लिए पुलिस का झंडा लगी नाव 24 घंटे तैनात रहेगी। किसी भी खतरे का अंदाजा होते ही पलक झपकते सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचेंगे।

एक-एक घाट को जांच के बाद ही श्रद्धालुओं के लिए खोला जाएगा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अफसरों को स्पष्ट निर्देश है कि महाकुंभ में आने वाले एक भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की असुविधा न होने पाए। इस लिहाज से एक-एक घाट को बाकायदा जांचने के बाद ही उसे श्रद्धालुओं के लिए खोला जाएगा। अरैल, झूसी, फाफामऊ व सोमेश्वर घाट पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। रसूलाबाद से किला घाट और ककहरा घाट तक स्नानार्थियों के लिए हर तरह के वाजिब इंतजाम किए जा रहे हैं।

इस तरह से काम करेगा त्रिस्तरीय सुरक्षा चक्र
जल पुलिस ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किया है। इसके तहत त्रिस्तरीय सुरक्षा चक्र बनाया गया है। पहली टीम क्राउड मैनेजमेंट के लिए घाट के बाहर तैनात रहेगी। वहां अत्यधिक भीड़ होने पर श्रद्धालुओं को अलग-अलग रास्ते से डायवर्ट किया जाएगा। दूसरा सुरक्षा चक्र स्नान के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नाव पर तैनात रहेगा। इसके साथ ही कोई भी सुविधा होने पर तत्काल जरूरतमंद लोगों तक आसानी से फोर्स पहुंच जाएगी। तीसरा सुरक्षा चक्र स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर जाने में मदद के लिए तैनात रहेगी।

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