BY: Yoganand Shrivastva
Nepal Flood नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं, लेकिन मृतकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। शनिवार शाम तक 734 शव बरामद किए जा चुके थे, जबकि हजारों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि कई स्थानों पर शवों को सुरक्षित रखने के लिए मुर्दाघरों में जगह कम पड़ रही है। प्रशासन पहचान की प्रक्रिया पूरी होने तक शवों को एयरटाइट बैग में सुरक्षित रखने और दफनाने की व्यवस्था कर रहा है।
दूसरी बाढ़ की आशंका, नदी किनारे बसे इलाकों में अलर्ट
Nepal Flood आपदा के बीच नेपाल के लिए एक और चिंता सामने आई है। अधिकारियों ने भोटेकोशी नदी के जलस्तर और बहाव को लेकर चेतावनी जारी की है। नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) ने रासुवा, नुवाकोट और धाडिंग जिलों के नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

Nepal Flood विशेषज्ञों का मानना है कि तिब्बत क्षेत्र में हिमखंड और मलबा खिसकने की घटनाओं के कारण फिर से बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है। इससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए खतरा बढ़ गया है।
275 से अधिक भारतीय लापता, बचाव अभियान जारी
Nepal Flood नेपाल में आई इस आपदा का असर भारतीय नागरिकों पर भी पड़ा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार 275 से अधिक भारतीय अभी भी लापता हैं, जबकि 108 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। इसके अलावा भारतीय मूल के कई अन्य लोगों की तलाश जारी है।
रासुवा क्षेत्र में फंसे कुछ भारतीय नागरिकों को सफलतापूर्वक बचाया गया है। प्रशासन और राहत एजेंसियां लगातार प्रभावित इलाकों में खोज अभियान चला रही हैं, ताकि फंसे हुए लोगों तक जल्द से जल्द मदद पहुंचाई जा सके।
भारत ने बढ़ाई मदद, राहत सामग्री और विशेषज्ञ टीम भेजी
Nepal Flood नेपाल को राहत पहुंचाने के लिए भारत ने अपने सहायता अभियान को और तेज कर दिया है। भारतीय वायुसेना के C-130J विमान से राहत सामग्री की नई खेप नेपाल भेजी गई है। इसके साथ ही खोज एवं बचाव कार्यों में सहयोग के लिए तकनीकी विशेषज्ञों और फोरेंसिक टीमों को भी तैनात किया गया है।
भारत की ओर से अब तक दर्जनों टन राहत सामग्री नेपाल पहुंचाई जा चुकी है। साथ ही क्षतिग्रस्त संपर्क मार्गों को बहाल करने के लिए मॉड्यूलर स्टील ब्रिज और अन्य जरूरी उपकरण भी भेजे गए हैं। दोनों देशों के बीच समन्वय के साथ राहत और पुनर्वास कार्य जारी हैं।




