Iran US Conflict: होर्मुज जलडमरूमध्य में लारक द्वीप पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान ने जवाबी हमला किया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के मुताबिक, अमेरिकी हमले के जवाब में जॉर्डन और संयुक्त अरब अमीरात में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। ईरान की ओर से इन ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।
इस घटनाक्रम के बाद पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अभी तक ईरानी हमलों में हुए संभावित नुकसान और हताहतों की पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। वहीं, जॉर्डन ने दावा किया है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने अपने हवाई क्षेत्र में दाखिल हुई कई मिसाइलों को रोक दिया।
Iran US Conflict: लारक द्वीप पर अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान का जवाब
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में लारक द्वीप पर अमेरिकी सेना की कार्रवाई के बाद उसने जवाबी सैन्य अभियान शुरू किया। ईरान के मुताबिक, अमेरिका ने द्वीप पर मौजूद रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया था।
America’s “secure” Al Minhad base in the #UAE just got a visit from Iranian attack drones.#Iran #Trump #War pic.twitter.com/0YK5BmVPFX
— Iran in Mumbai (@IRANinMumbai) August 31, 2026
इसके बाद ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी सेना से जुड़े दो ठिकानों को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाने का दावा किया। इन ठिकानों में किंग हुसैन और अल-अजराक का नाम सामने आया है। ईरान की ओर से अमेरिकी एमक्यू-9 ड्रोन को मार गिराने का दावा भी किया गया है।
Iran US Conflict: जॉर्डन ने आठ मिसाइलों को रोकने का किया दावा
जॉर्डन की सेना के अनुसार, उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने देश के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाली आठ मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया। जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी वाले ठिकानों को निशाना बनाए जाने की खबर के बाद वहां सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
ईरान की ओर से जॉर्डन के अलावा यूएई में भी अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई है। यूएई में अमेरिका के बेहद सुरक्षित माने जाने वाले अल-मिनहाद बेस पर ड्रोन हमले की बात कही गई है। हालांकि, इस हमले से हुए नुकसान की स्वतंत्र और विस्तृत पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
Iran US Conflict: होर्मुज स्ट्रेट में क्यों बढ़ा तनाव
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यहां किसी भी सैन्य गतिविधि का असर पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।
लारक द्वीप के आसपास अमेरिकी और ईरानी गतिविधियों के बढ़ने से इस रणनीतिक क्षेत्र में तनाव और गहरा गया है। अमेरिका की ओर से की गई सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान ने इसे अपनी संप्रभुता और सुरक्षा पर हमला बताते हुए जवाब देने की बात कही है।
Iran US Conflict: अमेरिका ने लारक द्वीप पर क्यों किया हमला
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता टिम हॉकिन्स के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स को होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री बारूदी सुरंगों के साथ रॉकेट लॉन्च करने की तैयारी करते हुए देखा था।
अमेरिकी पक्ष के मुताबिक, इसी गतिविधि के बाद लारक द्वीप पर मौजूद दो ईरानी लॉन्चरों को निशाना बनाया गया। अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद क्षेत्र में ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई शुरू होने की बात सामने आई है।
Iran US Conflict: लारक द्वीप के पास धमाकों की आवाजें सुनाई दीं
ईरानी मीडिया रिपोर्टों में लारक द्वीप के आसपास धमाकों की आवाजें सुनाई देने की जानकारी दी गई है। कुछ रिपोर्टों में अमेरिकी हमले के दौरान लोगों के मारे जाने और घायल होने का दावा किया गया है।
हालांकि, इन दावों के संबंध में अभी तक स्पष्ट और विस्तृत आधिकारिक आंकड़े सामने नहीं आए हैं। इसलिए हमले में हुए वास्तविक जान-माल के नुकसान की स्थिति फिलहाल पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
Iran US Conflict: ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई को बताया बड़ी गलती
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अमेरिकी कार्रवाई को ट्रंप प्रशासन की रणनीतिक और गंभीर गलती करार दिया है। ईरानी पक्ष ने संकेत दिया है कि अपनी जमीन और लोगों पर होने वाले हमलों का जवाब देने का उसे अधिकार है।
जवाबी हमलों के बाद ईरान और अमेरिका के बीच पहले से चल रहा सैन्य तनाव और बढ़ गया है। क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ी है।
Iran US Conflict: लंबे समय से जारी तनाव में फिर आया नया मोड़
अमेरिका और ईरान के बीच पिछले कई महीनों से रुक-रुककर तनाव और सैन्य टकराव की स्थिति बनी हुई है। कुछ समय तक अपेक्षाकृत शांति रहने के बाद लारक द्वीप पर अमेरिकी कार्रवाई ने स्थिति को फिर से गंभीर बना दिया है।
ईरान की ताजा जवाबी कार्रवाई ने इस आशंका को बढ़ा दिया है कि संघर्ष का दायरा होर्मुज जलडमरूमध्य से आगे आसपास के देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों तक फैल सकता है।
Iran US Conflict: पश्चिम एशिया में बढ़ी चिंता
जॉर्डन और यूएई में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने की खबर से पश्चिम एशिया में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे संवेदनशील समुद्री क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां बढ़ने से स्थिति और जटिल हो सकती है।
फिलहाल ईरानी हमलों से हुए नुकसान, संभावित हताहतों और आगे की सैन्य कार्रवाई को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। आने वाले समय में अमेरिका, ईरान और संबंधित क्षेत्रीय देशों की प्रतिक्रिया से यह तय होगा कि तनाव सीमित रहता है या संघर्ष और व्यापक रूप लेता है।




