BY: Yoganand Shrivastva
KPSC कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) की ओर से आयोजित वेटरनरी ऑफिसर्स भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच अब तेज हो गई है। मामले में कर्नाटक पुलिस की अपराध जांच विभाग (CID) ने IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार को हिरासत में लिया है। गंगवार फिलहाल MSME विभाग में निदेशक के पद पर तैनात हैं। इससे पहले वह KPSC में परीक्षा नियंत्रक की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
कई घंटे की पूछताछ के बाद हिरासत
KPSC अधिकारियों के अनुसार, CID ने गंगवार से भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर लंबे समय तक पूछताछ की। आरोप है कि जिस समय परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताएं हुईं, उस दौरान गंगवार KPSC में परीक्षा नियंत्रक के पद पर थे। पूछताछ के दौरान उनके कथित तौर पर सहयोग नहीं करने के बाद CID ने उन्हें हिरासत में लिया।
गंगवार हाल ही में उस समय भी सुर्खियों में आए थे, जब वह 20 अगस्त से करीब दो दिनों तक संपर्क में नहीं थे। बाद में उन्होंने सरकार से संपर्क किया था। इसके कुछ दिन बाद 23 अगस्त को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बेंगलुरु स्थित उनके आवास पर तलाशी भी ली थी।
जुलाई में CID को सौंपी गई थी जांच
KPSC वेटरनरी ऑफिसर्स की भर्ती परीक्षा से जुड़ा मामला शुरुआत में विधान सौधा पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। शिकायत में KPSC से जुड़े अधिकारियों पर परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी के आरोप लगाए गए थे। इसके बाद 28 जुलाई को मामले की जांच CID को सौंप दी गई।
जांच संभालने के बाद CID ने परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और अन्य लोगों से पूछताछ शुरू की। इसी सिलसिले में गंगवार से भी पूछताछ की गई। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा में कथित अनियमितताएं कैसे हुईं और इसमें किन लोगों की भूमिका रही।
परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े पहलुओं की जांच
CID भर्ती परीक्षा से संबंधित दस्तावेजों, प्रक्रिया और अधिकारियों की भूमिका की जांच कर रही है। एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित अनियमितताओं के पीछे क्या वजह थी और इसमें किसी अन्य व्यक्ति या अधिकारी की संलिप्तता थी या नहीं।
फिलहाल गंगवार को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और मामले की जांच जारी है। किसी भी आरोप की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।




